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भागीरथ बनकर बुंदेलखंड को जलमय कर दिया डीएम मानवेंद्र सिंह ने, सभी को पढ़नी चाहिए इनकी कहानी

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मानवेंद्र सिंह

उत्तर प्रदेश में ललितपुर ज़िले में ओडी नदी के पुनर्जीवन व जल स्रोतों के पुनरुद्धार के काम के लिए जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली में 25 फरवरी 2019 को राष्ट्रीय जल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

मानवेंद्र सिंहडीएम मानवेंद्र सिंह को यह पुरस्कार दो अलग-अलग श्रेणियों (ओडी नदी के पुनर्जीवन और जल स्रोतों के पुनरुद्धार ) के लिए दिया गया है। ललितपुर जिले में ओडी नदी पुनर्जीवन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत मिलने पर जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह की बड़ी पहचान बन गई है।
मानवेंद्र सिंहज़िले में ओडी नदी को पुनर्जीवन मिलने के बाद स्थानीय किसानों को खेती के लिए पर्याप्त मात्रा में सिंचाई के लिए पानी मिल रहा है। डीएम मानवेंद्र सिंह बताते हैं,” पहले ज़िले में किसानों को सिंचाई के लिए पानी न मिलने के कारण खेती में बड़ा नुकसान सहना पड़ता था, लेकिन ओडी नदी के पुनर्जीवन के काम के बाद नदी में जलधारा वापस लौट आई है, इससे किसानों को फसल में दो से तीन सिंचाई का पानी मिल जाता है।”
मानवेंद्र सिंहजनपद में ओडी नदी के पुनर्जीवन व जल स्रोतों के पुनरुद्धार के काम में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह को रैमेन मैक्सेसे पुरस्कार से सम्मानित जलपुरुष राजेंद्र सिंह का मार्गदर्शन मिला। इसकी मदद से ज़िले में व्यापक स्तर पर जलसंरक्षण का हुआ, जिससे ओडी नदी पुनर्जीवन संभव हो सका है।

इससे पहले डीएम मानवेंद्र सिंह को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पौत्र अरुण गांधी और प्रपौत्र तुषार गांधी ने ‘पर्यावरण संरक्षक सम्मान’ से भी सम्मानित किया गया।

नेशनल

उड़ान भरने के लिए राजनाथ सिंह ने आखिर क्यों चुना तेजस, जानें यहां

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नई दिल्ली। राजनाथ सिंह गुरुवार को बेंगलुरू में जी-सूट में पूरी तरह से तैयार तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) में उड़ान भरने वाले पहले रक्षा मंत्री बन गए हैं। उन्होंने कहा कि वह उड़ान से रोमांचित थे और उन्होंने उड़ान भरने के लिए इस विमान को इसलिए चुना, क्योंकि यह स्वदेशी रूप से विकसित किया गया था। विमान को वायुसेना (आईएएफ) के वरिष्ठ अधिकारी एयर वाइस मार्शल एन। तिवारी ने संचालित किया था।

सिंह ने कहा, “मैं उड़ान से रोमांचित था। यह मेरे लिए बहुत सहज और आरामदायक उड़ान थी। मैं इसका आनंद ले रहा था। मुझे देश के वैज्ञानिकों के साथ-साथ तेजस विमान के विकास पर काम करने वाले संगठनों पर गर्व है। आज, कई अन्य देशों में तेजस की मांग है। हम एक ऐसी स्थिति में पहुंच गए हैं जिसमें हम न केवल लड़ाकू विमान निर्यात कर सकते हैं, बल्कि अन्य देशों को भी रक्षा उपकरण मुहैया करा सकते हैं।”

यह पूछे जाने पर कि उन्होंने उड़ान भरने के लिए तेजस विमान को क्यों चुना, इस पर सिंह ने कहा कि यह जेट ‘स्वदेशी रूप से विकसित’ है, इसलिए मैंने इसे चुना। हालांकि 17 जनवरी 2018 को पूर्व रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने राजस्थान के जोधपुर हवाईअड्डे से वायुसेना के सुखोई -30 एमकेआई लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी। वह ‘सह-पायलट’ के रूप में फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली पहली महिला रक्षामंत्री भी थीं।

वहीं पूर्व राष्ट्रपति, प्रतिभा पाटिल और एपीजे अब्दुल कलाम ने 25 नवंबर, 2009 और 8 जून, 2006 को पुणे से एसयू-30 में उड़ान भरी थी। प्रतिभा पाटिल पहली महिला राष्ट्रपति थीं, जिन्होंने यह उड़ान भरी थी, जबकि एक सैन्य लड़ाकू में उड़ान भरने वाले कलाम पहले राष्ट्रपति बने थे।

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