Connect with us

अन्तर्राष्ट्रीय

पाकिस्तान की सिट्टी-पिट्टी हुई गुम, पक्के दोस्त ने भी छोड़ा साथ

Published

on

नई दिल्ली। भारत ने पाकिस्तान को पुलवामा पर हमला का मुहतोड़ जवाब दे दिया है। मंगलवार रात  भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी सरजमीं पर एयर स्ट्राइक कर अपनी जीत का परचम लहराया। भारतीय वायुसेना ने POK में घुसकर जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को तबाह कर दिया हैं।
हमले की वजह से पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है। हमले से बौखला कर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने आपातकालीन बैठक बुलाई है। दरअसल पाकिस्तान को यह समझ नहीं आ रहा है कि वो भारत के इस हमले पर क्या और कैसी प्रतिक्रिया दे, क्योंकि भारत ने पाकिस्तान के सिविलियन एरिया को हाथ तक नहीं लगाया है, केवल आतंकियों के ठिकानों को ही ध्वस्त किया है।
पाकिस्तान के विदेशमंत्री एयर स्ट्राइक की वजह से सदमे में आ गए हैं। विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी दुनियाभर के मंत्रियों को फोन करके अपना दुखड़ा सुना रहे है। साथ ही भारत से बचने के लिए मदद की भीख भी मांग रहे है। कुरैशी ने मदद के लिए सबसे पहला फोन अपने घनिष्ठ मित्र चीन को मिलाया फिर उसने ब्रिटेन के मुख्यमंत्री के सामने भी अपना दर्द बयां किया
लेकिन अफ़सोस दोनों ने उसका दिल तोड़ दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों ने भारत के खिलाफ  किसी भी तरह की मदद करने से साफ़ इनकार कर दिया है। आपको बता दें,पुलवामा हमले के बाद रूस, अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन के अलावा जर्मनी सहित भारत के मित्र पडोसी देशों ने कहा था कि भारत के पास आत्मरक्षा का अधिकार है।
तत्कालीन परिस्तिथियों को देखते हुए ओआईसी यानी ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन ने भी पाकिस्तान को फिल्हाल कोई भरोसा नहीं दिया है। यूनाईटेड नेशंस के चार्टर के मुताबिक POK भारत का हिस्सा है और उसमें आतंकी गतिविधियों को नियंत्रित करने का अधिकार भारत के पास है।
रिपोर्ट-मानसी शुक्ला

अन्तर्राष्ट्रीय

अमेरिकी सरकार ने दी अपने नागरिकों को चेतावनी, भारत के इस इलाके में न जाएं

Published

on

नई दिल्ली। अमेरिकी सरकार ने अपने नागरिकों को नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के कारण भारत के पूर्वोत्तर राज्यों का दौरा करने के खिलाफ चेतावनी दी है।

अमेरिकी दूतावास द्वारा शुक्रवार को यहां जारी एक एडवाइजरी में कहा गया है कि अमेरिकी नागरिकों को ‘नागरिकता (संशोधन) कानून’ बनाए जाने के कारण मीडिया में आ रही विरोध और हिंसा की खबरों के मद्देनजर सावधानी बरतनी चाहिए।अमेरिका ने कहा कि उन्होंने असम की आधिकारिक यात्रा को अस्थायी रूप से रद्द कर दिया है।

एडवाइजरी में कहा गया, “इंटरनेट और मोबाइल संचार बाधित हो सकता है। इस क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में परिवहन प्रभावित हो सकता है। देश के अन्य हिस्सों में भी विरोध प्रदर्शन होने की खबरें हैं।”

अमेरिकी नागरिकों को आसपास के माहौल के बारे में जागरूक रहने, अपडेट के लिए स्थानीय मीडिया की खबरों पर नजर रखने, व्यक्तिगत सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा करने और अपनी सुरक्षा के संबंध में दोस्तों और परिवार को सूचित करने के लिए कहा है।

अब कानून बन चुके सीएबी के खिलाफ हजारों प्रदर्शनकारी बुधवार से पूर्वोत्तर की सड़कों पर हैं, प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़पें हो रही हैं और इस क्षेत्र में अराजकता का माहौल है।

केंद्र सरकार ने इन क्षेत्रों में भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है और सभी हितधारकों के साथ बातचीत कर रही है।

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending