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पीएम मोदी ने की ‘मन की बात’,कहा-अगली ‘मन की बात’ लोकसाभा चुनाव के बाद होगी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘मन की बात’ के ज़रिये देशवासियों को संबोधित किया। पीएम मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम का यह 53वां एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। पीएम ने ‘मन की बात’ करते हुए कहा अपनी भावनाये व्यक्त करते हुए कहा कि आज मन भरा हुआ है। इस आतंकी हिंसा के विरोध में जो आवेग आपके और मेरे मन में है। भारत-माता की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले देश के सभी वीर सपूतों को मैं नमन करता हूं।
पोएम मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से देशवासियों को आने वाले पर्व महाशिवरात्रि के लिए शुभकामनाएं दी। साथ ही पीएम ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से आप सब से जुड़ना मेरे लिए एक अनोखा अनुभव रहा है। रेडियो के माध्यम से मैं एक तरह से करोड़ों परिवारों से हर महीने रूबरू होता हूं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की हज़ारों वर्ष पुरानी संस्कृति और विरासत के बारे में अवगत कराया साथ ही उन्होंने कहा कि भारत में त्यौहार की बात न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। शायद ही हमारे देश में कोई दिन ऐसा नहीं होता है, जिसका महत्व ही न हो, जिसका कोई त्यौहार न हो।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मंत्री ने दसवीं और बारहवीं कक्षा के बोर्ड इम्तेहान के लिए परीक्षा देने वाले सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंहने किसान चची से भी देशवासिययों को अवगत कराया जिन्होंने 300 महिलाओं को ‘Self Help Group’ से जोड़ा और आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए प्रेरित किया। पीएम मोदी ने झारखण्ड में ‘Lady Tarzan’ के नाम से विख्यात महिला के बारे में भी बताया जिन्होंने उन्होंने न केवल 50 हेक्टेयर जंगल को उजड़ने से बचाया बल्कि दस हज़ार महिलाओं को एकजुट कर पेड़ों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्रेरित किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पद्म पुरस्कार पाने वालों में मराठवाड़ा के शब्बीर सैय्यद का भी ज़िक्र किया जो गौ-माता के सेवक के रूप में जाने जाते हैं। गुजरात के अब्दुल गफूर खत्री के भी बारे में बताया जो कच्छ के पारंपरिक रोगन पेंटिंग को पुनर्जीवित करने का अद्भुत कार्य करते हैं। ‘Canal Man Of Odisha’ के नाम से प्रचलित का भी वर्णन किया जिन्होंने अपने हाथों से पहाड़ काटकर तीन किलोमीटर तक नहर का रास्ता बना दिया।अपने परिश्रम से सिंचाई और पानी की समस्या हमेशा के लिए ख़त्म कर दी।
अंत में पीएम मोदी ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव होता है। अगले दो महीने, हम सभी चुनाव की गहमा-गहमी में व्यस्त होगें। मैं स्वयं भी इस चुनाव में एक प्रत्याशी रहूंगा। स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा का सम्मान करते हुए अगली #MannKiBaat मई महीने के आखिरी रविवार को होगी।

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भारतीय सेना की वीरता का परिचय चीन को मिल गया है: मोहन भागवत

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नागपुर। विजयादशमी के मौके पर स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि हमारी सेना की अटूट देशभक्ति व अदम्य वीरता, हमारे शासनकर्ताओं का स्वाभिमानी रवैया तथा हम सब भारत के लोगों के दुर्दम्य नीति-धैर्य का परिचय चीन को पहली बार मिला है।’ मोहन भागवत ने कहा, “पूरी दुनिया ने देखा है कि कैसे चीन भारत के क्षेत्र में अतिक्रमण कर रहा है। चीन के विस्तारवादी व्यवहार से हर कोई वाकिफ है। चीन कई देशों-ताइवान, वियतनाम, यू.एस., जापान और भारत के साथ लड़ रहा है। लेकिन भारत की प्रतिक्रिया ने चीन को परेशान कर दिया है।”

नागपुर में दशहरे के कार्यक्रम में मोहन भागवत ने कहा, हमने देखा कि देश में सीएए विरोधी प्रदर्शन हुए जिससे समाज में तनाव फैला। उन्होंने कहा कि कुछ पड़ोसी देशों से सांप्रदायिक कारणों से प्रताड़ित होकर विस्थापित किए जाने वाले व्यक्ति जो भारत में आते हैं, उन्हें इस सीएए के जरिए नागरिकता दी जाएगी। भारत के उन पड़ोसी देशों में साम्प्रदायिक प्रताड़ना का इतिहास है। भारत के इस नागरिकता संशोधन कानून में किसी संप्रदाय विशेष का विरोध नहीं है।

संघ प्रमुख ने कहा कि जो भारत के नागरिक हैं उनके लिए इस कानून में कोई खतरा नहीं था। बाहर से अगर कोई आता है और वह भारत का नागरिक बनना चाहता है तो इसके लिए प्रावधान है जो बरकरार हैं। वो प्रक्रिया जैसी की तैसी है। आरएसएस चीफ ने कहा कि बावजूद इसके कुछ अवसरवादी लोगों ने इस कानून का विरोध करना शुरू किया और ऐसा माहौल बनाया कि इस देश में मुसलमानों की संख्या न बढ़े इसलिए ये कानून बनाया गया है। इसके बाद इस कानून का विरोध शुरू हो गया। देश के वातावरण में तनाव आ गया।

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