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आतंकिस्तान को सता रहा है युद्ध का खौफ़, अपना दूत भेजकर दी हमले पर सफाई

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14 फ़रवरी को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले की भारत के साथ- साथ देशभर में निंदा हुई। पुलवामा पर हमला पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने करवाया था। जिसपर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री खान ने अपना बयान देते हुए पाकिस्तान का पुलवामा हमले में शामिल होने से इंकार किया है। इसी के चलते आज पाक सांसद ने पीएम मोदी से मुलाकात भी की।

विदेश मंत्रालय के सूत्रों से पता चला है कि बीते शुक्रवार को भारत विदेश सचिव विजय केशव गोखले ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त सोहेल महमूद से बात की और पुलवामा हमले को लेकर कड़ा विरोध दर्ज किया। गोखले ने पाकिस्तान से जैश के खिलाफ तत्काल कदम उठाने और पाकिस्तान की धरती से चलने वाले आतंकी संगठनों और लोगों पर तत्काल कार्रवाई करने के लिए कहां।

इसी कड़ी में पाकिस्तान की सत्तारूढ़ पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के सांसद रमेश कुमार वनक्वानी ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और पुलवामा हमले में पाकिस्तान का हाथ होने से इनकार किया। आपको बता दें वनक्वानी उस प्रतिनिधि मंडल का हिस्सा हैं जिसे भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) ने प्रयागराज में कुंभ मेले के लिए आमंत्रित किया है।

वनक्वानी और उसके प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री मोदी के अलावा विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उनके जूनियर मंत्री वीके सिंह से भी मुलाकात की। उन्होंने भारत सरकार का आभार जताते हुए कहा, ‘मेरा गर्मजोशी से स्वागत हुआ, इसके लिए भारत सरकार का धन्यवाद। मैं वीके सिंह जी, प्रधानमंत्री मोदी से मिला और सुषमा जी के साथ वार्ता की। मैंने उन्हें आश्वस्त किया कि पुलवामा हमले में पाकिस्तान का कोई हाथ नहीं है। हमें सकारात्मक दिशा की ओर बढ़ना चाहिए, हम अमन चाहते हैं।’

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इस देश के डॉक्टरों ने किया बड़ा दावा, अब कमजोर पड़ने लगा है कोरोना वायरस

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस दुनियाभर के लगभग 62 लाख लोगों को अपना शिकार बना चुका है। इस खतरनाक बीमारी से मरने वालों की संख्या 3 लाख 71 हजार के पार चली गई है।

इस बीच इटली के टॉप डॉक्टर्स ने कोरोना को लेकर एक अच्छी खबर दी है। इस देश के डॉक्टर्स के दावे के मुताबिक  वायरस धीरे-धीरे अपनी क्षमता खो रहा है और अब उतना जानलेवा नहीं रह गया है।

डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना वायरस अब कमजोर पड़ रहा है। जेनोआ के सैन मार्टिनो अस्पताल में संक्रामक रोग प्रमुख डॉक्टर मैट्टेओ बासेट्टी ने ये जानकारी न्यूज एजेंसी ANSA को दी।

डॉक्टर मैट्टेओ ने कहा, कोरोना वायरस अब कमजोर हो रहा है. इस वायरस में अब वैसी क्षमता नहीं रह गई है जैसी दो महीने पहले थी। स्पष्ट रूप से इस समय की COVID-19 बीमारी अलग है।’

लोम्बार्डी के सैन राफेल अस्पताल के प्रमुख अल्बर्टो जांग्रिलो ने RAI टीवी को बताया,  ‘वास्तव में, वायरस क्लीनिकली रूप से अब इटली में मौजूद नहीं है। पिछले 10 दिनों में लिए गए स्वैब सैंपल से पता चलता है कि एक या दो महीने पहले की तुलना में अब इनमें वायरल लोड की मात्रा बहुत कम है।’

इटली में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक है और COVID-19 से होने वाली सबसे ज्यादा मौतों में इटली तीसरे नंबर पर है। हालांकि मई महीने में यहां संक्रमण के नए मामलों और मौतों में तेजी से गिरावट आई है और यहां कई जगहों पर सख्त लॉकडाउन को खोला जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय की एक मंत्री सैंड्रा जम्पा ने एक बयान में कहा, ‘कोरोना वायरस खत्म होने वाली बातों के लिए लंबित पड़े वैज्ञानिक प्रमाणों का सहारा लिया जा रहा है। मैं उन लोगों से कहती हूं कि इटली के लोगों को भ्रमित ना करें।’

सैंड्रा जम्पा ने कहा, ‘इसके बजाय हमें लोगों से अधिक सावधानी बरतने, फिजिकल डिस्टेंसिंग बनाए रखने, भीड़ में ना जानें, बार-बार हाथ धोने और मास्क पहनने के लिए कहना चाहिए।’

 

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