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पुलवामा हमले के 48 घंटे बाद ही इस पार्टी शुरू कर दी राजनीति, बीजेपी को बताया जिम्मेदार!

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नई दिल्ली। गुरूवार को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों के शहीद होने के बाद पूरे देश में रोष है। दुख की इस घड़ी में पूरे देश की एकजुटता देखी जा सकती है।

हमले के बाद राहुल गांधी ने दलगत राजनीति से ऊपर जाते हुए कहा कि पूरा विपक्ष सरकार के साथ खड़ा है। लेकिन इसी बीच समाजवादी पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव ने पुलवामा हमले के बाद भी अपनी राजनीति नहीं छोड़ी।

रामगोपाल यादव ने कहा कि इस आतंकवादी हमले के लिए बीजेपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी की भंयकर भूल है जिसकी वजह से यह आतंकी हमला हुआ और इसके लिए भारतीय जनता पार्टी जिम्मेदार है। दिल्ली की सरकार का खुफिया तंत्र पूरी तरह फेल हो गया और उन्हें पता ही नहीं लगा की ऐसा हो सकता है और ऐसा हो गया.

इस बीच गृहमंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को सभी दलों के साथ सर्वदलीय बैठक कर रहे हैं। यह मीटिंग संसद भवन में बुलाई गई।

इस बैठक में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा के अलावा वाम नेता डी राजा और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला भी पहुंचे हैं। बैठक में एनसीपी नेता शरद पवार भी मौजूद हैं।

 

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दिल्ली हिंसा: पुलिस को फटकार लगाने वाले जज का हुआ तबादला, कांग्रेस ने उठाए सवाल

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नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में हुई हिंसा पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को फटकार वाले जज एस मुरलीधर का तबादला दिल्ली हाई कोर्ट से पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में कर दिया गया है। सुप्रीम कॉलिजियम ने बीती 12 फरवरी को जस्टिस मुरलीधर के तबादले को लेकर सुझाव दिया था जिसके बाद बुधवार को इससे संबंधित नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे के साथ विचार-विमर्श करने के बाद फैसला लिया है।

वहीँ, जज के तबादले को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस फैसले को दुखद बताया। इसबीच उनके भाई तथा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने न्यायमूर्ति लोया के याद करते हुए केंद्र सरकार पर कटाक्ष किया, जिनकी मौत पर राजनीतिक विवाद हुआ था। प्रियंका ने ट्वीट किया, “वर्तमान स्थिति को देखते हुए न्यायमूर्ति मुरलीधर का आधी रात को ट्रांसफर चौंकाने वाली घटना नहीं है, लेकिन यह दुखद और शर्मनाक है।”

स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए उन्होंने आरोप लगाया, “लाखों भारतीय नागरिकों को ईमानदार न्यायपालिका पर विश्वास है, लेकिन न्याय को विफल करने और उनके विश्वास को तोड़ने का सरकार का प्रयास दुस्साहस भरा है।” इसी दौरान उनका साथ देते हुए राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर दिया, “बहादुर जज लोया की याद आई, जिनका ट्रांसफर नहीं हुआ था।” न्यायाधीश बी.एच. लोया सोहराबुद्दीन मामले की सुनवाई कर रहे थे, जब दिसंबर 2014 में उनकी नागपुर में संदिग्ध मौत हो गई थी। कानून एवं न्याय मंत्रालय ने बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर का स्थानांतरण (ट्रांसफर) पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट कर दिया था।

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