Connect with us

राजनीति

…जब एक चलती ट्रेने ने किया प्रचार- “पीएम बदलो झूठा है”, आप भी देखिए

Published

on

लोकसभा चुनाव 2019 अब ज़्यादा दूर नहीं है। ऐसे मे सारी पार्टियां चुनाव की तैयारियों मे ज़ोरो-शोरो से जुटी हुई हैं। चुनाव से पहले ही जुबानी हमलों का दौर शुरू हो चूका है। बड़े-बड़े नेताओं से लेकर छुटभैये नेताओं तक सभी दूसरी पार्टी के नेताओं पर संगीन आरोप लगा रहे हैं। विपक्षी दलों को नीचा दिखाने मे यह पार्टियां कोई कसर नहीं छोड़ रही है। जब राहुल गाँधी जैसे प्रमुख नेता देश के प्रधानमंत्री को “चौकीदार-चोर कहकर” बुला सकते है तो इन छुटभैये नेताओ से उम्मीद ही क्या की जा सकती है।
आम चुनाव को लेकर इस बार कई शरारती तत्व सामने आ रहे है। सोशल मीडिया के आलावा अन्य स्थानों पर भी विपक्षी दल एक दूसरे को नीचा दिखाने का मौका नहीं छोड़ रहे है। हाल ही मे मोहम्मद ज़करिया नाम के एक शक़्स ने अपने फेसबुक पर एक तस्वीर शेयर की। वो तस्वीर भोपाल रेलवे स्टेशन की थी, जिसमें एक ट्रेन जो भोपाल से गोरखपुर जाती है। उसके डिब्बे पर लिखा हुआ था कि “पीएम बदलो झूठा है (झूठा पीएम दुखी प्रजा)।”

आपको बता दें इससे पहले भी आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने गुंटूर जिले में एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री जब भी अपना मुंह खोलते हैं तो बस झूठ ही बोलते हैं। दरअसल, यह बात उन्होंने आंध्रप्रदेश के विभिन्न लोकसभा क्षेत्रों के भाजपा (BJP) कार्यकर्ताओं को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए पीएम द्वारा TDP पर अपनी विचारधारा पर अडिग नहीं रहने और केंद्र के खिलाफ खुल्लम-खुल्ला झूठ फैलाने के बयान के जवाब में कही थी।

Report- Mansi Shukla 

नेशनल

सोनिया गांधी बनीं कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष

Published

on

By

लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा से मूंकीं खाने के बाद काग्रेंस का मनोबल धरातल पर था। पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने हार की पूरी ज़िम्मेदारी अपने सिर ली और मामले की गंभीरता को देखते हुए अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया । हालांकि, नाताओं ने उनसे इस्तीफा वापस लेने की मांग की पर राहुल गांधी अपने फैसले पर टिके रहे।

इसके बाद शनिवार को कांग्रेस की कार्य समिति ने पार्टी की बागडोर को सोनिया गांधी को सौंपने का फैसला लिया जिसे सोनिया ने मंजूरी भी दे दी। दरअसल, बतौर अध्यक्ष सोनिया गांधी वर्ष 1998 से 2017 तक पार्टी की कमान संभाल चुकी हैं। आपको बता दें कि कांग्रेस कार्यसमिति में अध्यक्ष के पद के लिए पहले तो राहुल, प्रियंका और सोनिया गांधी तीनों ने ही मना कर दिया था। इसके बाद सब ने उन्हें सुझाव दिया कि आप तीनों ही अब कोई नाम तय कर लें , लेकिन जब बात इस पर भी नहीं बन सकी तो कमेटी ने सोनिया को ही इस पद पर बैठाने का निर्णय कर लिया और सोनिया गांधी ने भी इसे अपनी मंजूरी दे दी।

इस फैसले को लेने के लिए कांग्रेस कार्यसमिति की दो बार बैठक हुई। इस दो बार हुई बैठक में तीन प्रस्ताव पारित किए गए । पहले प्रस्ताव में राहुल के पार्टी में किए गए अब तक के योगदान की सराहना की गई तो वहीं दुसरे में सोनिया गांधी के अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किए जाने और तीसरे प्रस्ताव में जम्मू-कश्मीर की स्थिति का उल्लेख किया गया है। आपके बता दें कि पहले प्रस्ताव में बतौर अध्यक्ष रहते हुए राहुल गांधी के योगदान की तारीफ करते हुए लिखा गया है कि राहुल गांधी ने बेबाकी से देश के मुद्दों को उठाया, पार्टी को नई ऊर्जा दी और कांग्रेस के सभी कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया।

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending