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केजरीवाल ने की इस पाकिस्तानी से नरेंद्र मोदी की तुलना, कहा-यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि…

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नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर हमला बोला। केजरीवाल ने पीएम मोदी की नीतियों पर निशाना साधते हुए उनकी तुलना पाकिस्तानी पीएम इमरान खान से कर डाली।

आपको बता दें कि केजरीवाल आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू का समर्थन करने के लिए पहुंचे थे। केजरीवाल ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आंध्र के मुख्यमंत्री व हजारों लोग यहां राज्य के विशेष दर्जे के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। यह देश के संघीय ढांचे पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।”

केजरीवाल ने यह बयान आंध्र भवन में दिया, जहां तेलुगू देशम पार्टी के अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू दिनभर के अनशन पर हैं और केंद्र से आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2014 में किए गए वादों को पूरा करने व राज्य को विशेष दर्जा देने की केंद्र से मांग कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री कम से कम तीन बार सार्वजनिक तौर पर घोषणा कर चुके हैं कि वह आंध्र को विशेष दर्जा देंगे। वह झूठ बोलने की दुनिया में प्रसिद्ध हैं। वह जो भी कहते हैं, उसे कभी पूरा नहीं करते हैं। यहां तक कि (भाजपा प्रमुख) अमित शाह का कहना है कि वह जो भी कहते हैं, वह कुछ नहीं बल्कि जुमला है।”

तिरुपति मंदिर में आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने के मोदी के संकल्प लेने का दावा करते हुए उन्होंने कहा, “एक व्यक्ति जो भगवान के सम्मुख दिए गए अपने वचन से पलट सकता है, उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता।”

पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ सीबीआई के विवाद को लेकर मोदी पर हमला करते हुए केजरीवाल ने कहा कि मोदी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री जैसा व्यवहार करते हैं।

उन्होंने कहा, “मैं मोदी को बताना चाहता हूं कि वह सिर्फ भाजपा के प्रधानमंत्री नहीं हैं, बल्कि पूरे भारत के प्रधानमंत्री हैं। जिस तरीके से वह गैर भाजपा दलों की राज्य सरकारों से व्यवहार करते हैं, उससे ऐसा लगता है कि वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री हैं।”

आप नेता ने कहा कि कैसे मोदी ने दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार रोधी शाखा को अर्धसैनिक बलों के जरिए कब्जे में कर लिया।

उन्होंने आरोप लगाया, “अब उन्होंने 40 सीबीआई अधिकारियों को कोलकाता पुलिस आयुक्त को गिरफ्तार करने के लिए भेज दिया, जिसके जरिए उन्होंने सभी राज्यों की पुलिस व नौकरशाही को संदेश दिया कि उन्हें राज्य सरकारों के प्रति नहीं, बल्कि केंद्र के प्रति निष्ठावान होना चाहिए।”

इसे एक साजिश बताते हुए उन्होंने कहा, “यदि वह वह सफल हो गए होते, तो देश का संघीय ढांचा ध्वस्त हो गया होता। मैं इन 40 सीबीआई अधिकारियों को संभालने के तरीके को लेकर ममता दीदी को सलाम करता हूं।”

केजरीवाल ने लोकसभा चुनाव में मोदी-शाह की जोड़ी को हराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “यह एक महत्वपूर्ण चुनाव है। अगर मोदी व शाह फिर से आ गए तो राष्ट्र नहीं बचेगा।”

 

 

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उड़ान भरने के लिए राजनाथ सिंह ने आखिर क्यों चुना तेजस, जानें यहां

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नई दिल्ली। राजनाथ सिंह गुरुवार को बेंगलुरू में जी-सूट में पूरी तरह से तैयार तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) में उड़ान भरने वाले पहले रक्षा मंत्री बन गए हैं। उन्होंने कहा कि वह उड़ान से रोमांचित थे और उन्होंने उड़ान भरने के लिए इस विमान को इसलिए चुना, क्योंकि यह स्वदेशी रूप से विकसित किया गया था। विमान को वायुसेना (आईएएफ) के वरिष्ठ अधिकारी एयर वाइस मार्शल एन। तिवारी ने संचालित किया था।

सिंह ने कहा, “मैं उड़ान से रोमांचित था। यह मेरे लिए बहुत सहज और आरामदायक उड़ान थी। मैं इसका आनंद ले रहा था। मुझे देश के वैज्ञानिकों के साथ-साथ तेजस विमान के विकास पर काम करने वाले संगठनों पर गर्व है। आज, कई अन्य देशों में तेजस की मांग है। हम एक ऐसी स्थिति में पहुंच गए हैं जिसमें हम न केवल लड़ाकू विमान निर्यात कर सकते हैं, बल्कि अन्य देशों को भी रक्षा उपकरण मुहैया करा सकते हैं।”

यह पूछे जाने पर कि उन्होंने उड़ान भरने के लिए तेजस विमान को क्यों चुना, इस पर सिंह ने कहा कि यह जेट ‘स्वदेशी रूप से विकसित’ है, इसलिए मैंने इसे चुना। हालांकि 17 जनवरी 2018 को पूर्व रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने राजस्थान के जोधपुर हवाईअड्डे से वायुसेना के सुखोई -30 एमकेआई लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी। वह ‘सह-पायलट’ के रूप में फाइटर जेट में उड़ान भरने वाली पहली महिला रक्षामंत्री भी थीं।

वहीं पूर्व राष्ट्रपति, प्रतिभा पाटिल और एपीजे अब्दुल कलाम ने 25 नवंबर, 2009 और 8 जून, 2006 को पुणे से एसयू-30 में उड़ान भरी थी। प्रतिभा पाटिल पहली महिला राष्ट्रपति थीं, जिन्होंने यह उड़ान भरी थी, जबकि एक सैन्य लड़ाकू में उड़ान भरने वाले कलाम पहले राष्ट्रपति बने थे।

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