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सिटी इंटरनेशनल स्कूल में धूमधाम से मनाया गया बसंतोत्सव

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लखनऊ। 10 फरवरी 2019 को सिटी इंटरनेशनल स्कूल में बसंती हवा के सुहावने मौसम के साथ बसंन्तोत्व मनाया गया। सबसे पहले विद्या की देवी सरस्वती की पूजा के साथ कार्यक्रम का प्रारंम्भ हुआ। इस अवसर पर मीर जा़फर, सौविक चक्रवर्ती, अभिषेक दीक्षित, ललित सिंह आदि मुख्य अतिथियों का स्वागत डाॅ भारती गाँधी एवं डाॅ सुनीता गाँधी ने फूलों के गुलदस्ते से किया।
अन्य विद्यालयों के छात्रों ने भी सिटी इंटरनेशनल विद्यालय में आकर फेस पेन्टिंग, हैण्ड पेंटिंग, गायन, नृत्य एवं ग्लास पेंटिंग आदि प्रतियोगिताओं में भाग लेकर स्वयं में छिपी प्रतिभा को उजागर किया। महिलाओं ने भी स्वास्थ्यवर्धक भोजन को बनाकर अपनी निपुणता का परिचय दिया। बच्चों ने ऊँट की सवारी तथा अन्य गतिविधियों में भाग लेकर आनंद उठाया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वालों को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त सभी लोगों ने माँ सरस्वती के भोग को भी ग्रहण किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की निदेशिका डाॅ सुनीता गाँधी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की क्षमताओं को इस प्रकार सृजनात्मक रूप प्रदान करने में सहायक सिद्ध होंगी क्योंकि प्रत्येक विद्यार्थी में प्रतिभा विद्यमान होती है। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अर्चना गौर ने समस्त लोगों को धन्यवाद देते हुए कहा कि वह अपने विद्यालय की उन्नति के लिए प्रयासरत रहेंगी।

प्रादेशिक

दिल्ली सरकार के पास नहीं है कर्मचारियों को सैलरी देने के पैसे, केंद्र से मांगे 5 हजार करोड़

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नई दिल्ली। कोरोना संकट के बीच दिल्ली सरकार ने केंद्र से 5 हजार करोड़ रुपये की मदद मांगी है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि कोरोना संकट से दिल्ली के रेवेन्यू पर भी असर पड़ा है और हमने इसका आंकलन किया है।

दिल्ली सरकार के जरूरी खर्चे जैसे कर्मचारियों को वेतन देने के लिए हमने केंद्र सरकार से 5000 करोड़ रुपये की राहत राशि की मांग की है। अभी तक दिल्ली को प्रधानमंत्री राहत कोष से एक भी पैसे की मदद नहीं मिली है, लेकिन हम आशा करते हैं कि अब केंद्र सरकार मदद करेगी।

सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘हालांकि, पिछले दो महीनों में जीएसटी संग्रह प्रति महीने केवल 500 करोड़ रुपये का हुआ है। हमें अपने कर्मचारियों का वेतन देने में सक्षम होने के लिए कम से कम सात हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता है जिनमें से अनेक कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ अग्रिम पंक्ति के दायित्व को अंजाम दे रहे हैं।’

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