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नेशनल

प्रियंका गांधी के रोड शो के बीच भूल से भी न निकलें इन रास्तों पर वरना हो जाएगी…

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नई दिल्ली। कांग्रेस की नई राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज यानि सोमवार को लखनऊ में रोड शो कर रहे हैं।

महासचिव बनने के बाद प्रियंका का यह पहला रोड शो है। मिली जानकारी के मुताबिक राहुल और प्रियंका का काफिला एयरपोर्ट से निकल चुका है। रोड शो को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह देखा जा सकता है।

सोमवार को रोड-शो के चलते सुबह से शहर की यातायात व्यवस्था बदली रहेगी। आज हम आपको उन रुट्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिधर जाने पर आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आईए जानते हैं कौन से हैं वो रूट्स

– रोड शो के बाराबिरवा चौराहा पार करने तक कानपुर रोड से आने वाला यातायात शहीद पथ अमौसी मोड़ से आगे नहीं जा सकेगा।
– रोड शो के टेढ़ी पुलिया बस अड्डा तिराहा पार होने तक बाराबिरवा से यातायात आलमबाग नहीं जा सकेगा।
– रोड शो के आलमबाग बस अड्डा पार करने पर नाका चौराहा/बांसमंडी चौराहे से चारबाग की तरफ यातायात बंद रहेगा।

– रोड शो के मवैया तिराहा पहुंचने पर चारबाग स्टेशन से निकल कर बांसमंडी की ओर यातायात बंद रहेगा।
– रोड शो बर्लिग्टन चौराहा पार होने तक केकेसी तिराहे से विधानसभा मार्ग पर यातायात बंद रहेगा।
– रोड शो ओडियन सिनेमा (चर्च) तिराहा पार होने तक बर्लिंग्टन चौराहे से कैसरबाग की तरफ यातायात बंद रहेगा।

– रोड शो ओडियन सिनेमा (चर्च) तिराहा एवं नूर मंजिल तिराहा पार होने तक कैसरबाग अशोक लाट चौराहे से बर्लिंग्टन व बापू भवन चौराहा की तरफ यातायात बंद रहेगा।
– रायबरेली रोड/सुल्तानपुर रोड से आने वाला यातायात कटाई पुल, लालबत्ती, बंदरियाबाग से डीएसओ, हजरतगंज की ओर नहीं जा सकेगा।
– कैसरबाग बस स्टेशन से रोडवेज बसें कैंट रोड से बर्लिंग्टन चौराहा व चारबाग की ओर नहीं जा सकेंगी।

अन्तर्राष्ट्रीय

इस मुस्लिम देश के पहाड़ पर दिखे ‘भगवान राम’, देखें तस्वीर

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नई दिल्ली। इराक गए भारतीय प्रतिनिधिमंडल को दो हजार ईसा पूर्व के भित्तिचित्र मिले हैं। इस भित्तिचित्र को लेकर अयोध्या शोध संस्थान का दावा है कि ये भगवान राम की छवि है।

भगवान राम का ये भित्तिचित्र इराक के होरेन शेखान क्षेत्र में संकरे मार्ग से गुजरने वाले रास्ते पर दरबंद-ई-बेलुला चट्टान में मिला है। इस चित्र में एक राजा को दिखाया गया है, जिसने धनुष पर तीर ताना हुआ है।

उनकी कमर के पट्टे में एक खंजर या छोटी तलवार लगी है। इसी चट्टान में एक और छवि भी है, जिसमें एक शख्स हाथ मुड़े हुए दिख रहा है। अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक योगेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि ये भगवान हनुमान की छवि है।

वहीं इराक के विद्वानों का कहना है कि ये भित्तिचित्र पहाड़ी जनजाति के प्रमुख टार्डुनी का है। भारतीय राजदूत प्रदीप सिंह राजपुरोहित की अगुआई में ये प्रतिनिधिमंडल इराक गया था। जिसके लिए संस्कृति विभाग के अंतर्गत आने वाले अयोध्या शोध संस्थान ने अनुरोध किया था।

प्रदीप सिंह का दावा है कि इन चित्रों से पता चलता है कि भगवान राम सिर्फ कहानियों में नहीं थे क्योंकि ये निशान उनके प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। भारतीय और मेसोपोटामिया संस्कृतियों के बीच संबंध का विस्तृत अध्ययन करने के लिए भी इस प्रतिनिधिमंडल ने चित्रमय प्रमाण भी एकत्रित किए हैं।

वहीं इराक के इतिहासकार अयोध्या शोध संस्थान की  बातों से इत्तेफाक नहीं रखते हैं। उनका कहना है कि वे इस चित्र को भगवान राम से जुड़ा नहीं मानते हैं।

उनका कहना है कि ये साबित करने के लिए गायब लिंक को खोजना जरूरी है। उनका कहना है कि उन्होंने शोध के लिए इराक की सरकार से अनुमति मांगी है। अनुमति मिलने के बाद सभी कड़ियों को जोड़ने का काम किया जाएगा।

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