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क्या लोकसभा चुनाव से पहले देश में फिर से होंगे नोटबंदी जैसे हालात? कर लें अपने रुपए का इंतजाम वरना पछताएंगे

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कन्फेडरेशन ऑफ एटीएम इंडस्ट्री (CATMI) ने ATM को लेकर एक ऐसा दावा किया है जिसने सबके होश उड़ा दिए हैं। उन्होंने बताया कि 1 मार्च से देश के आधा से ज्यादा ATM बंद हो सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो लोगों को काफी परेशानी होगी। लोगों को बैंकों का दरवाजा देखना पड़ेगा। ऐसे में कहा जा सकता हैं कि एक बार फिर से देश में नोटबंदी जैसे हालात उत्पन्न हो सकते है।
आने वाले संकट से उभरने के लिए कैटमी ने केंद्र सरकार को सुझाव भी दिए हैं। कैटमी ने कहा, सरकार और आरबीआई को एटीएम से लेनदेन पर लगने वाले शुल्क को बढ़ाने की आवश्यकता है। इतना ही नहीं कैटमी के निदेशक हिमांशु पुजारा ने बताया कि अगर देश में एटीएम बंद होते हैं तो हजारों लोगों को नौकरी खोनी पड़ सकती है।

उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में एटीएम सेवा देने वाली कंपनियों को, देशभर में तकरीबन 1.13 लाख एटीएम को बंद करना पड़ सकता है। बंद किए जाने वाले एटीएम में 1 लाख ऑफ साइट एटीएम हैं और 15 हजार व्हाइट लेबल एटीएम हैं।

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बीजेपी के इस उम्मीदवार पर दर्ज हैं इतने मुकदमें, ब्योरा देने में भर गए चार पन्ने

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नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवारों को चुनाव आयोग में हलफनामे के जरिए अपनी पूरी डिटेल देने पड़ती है। हलफनामे में उम्मीदवार को अपने बारे में छोटी से छोटी जानकारी देनी होती है।

केरल की पट्टनमिट्टा लोकसभा सीट से भाजपा के उम्मीदवार सुरेंद्रन ने भी एफिडेबिट के जरिए चुनाव आयोग को अपनी डिटेल दी है लेकिन इस जानकारी की वजह से उनका नाम सुर्खियों में आ गया है।

दरअसल, सुरेंद्रन के खिलाफ 242 आपराधिक मामले दर्ज हैं। जिसमें से 222 मामले केवल सबरीमाला से संबंधित हैं। भाजपा के मुखपत्र जन्मभूमि में उन्होंने इन आपराधिक मामलों के बारे में ब्योरा दिया है।

जिसमें चार पेज लग गए। पार्टी को अपने टीवी चैनल जनम टीवी पर सुरेंद्रन के आपराधिक मामलों का ब्योरा देने में 60 सेकेंड का समय लगा। जबकि अन्य उम्मीदवारों के बारे में ब्योरा देने में केवल सात सेकेंड का समय लगा।

पार्टी के एक आधिकारिक सूत्र ने बताया, ‘यदि किसी दूसरे अखबार के केवल एक संस्करण में उनके ब्योरे के बारे में विज्ञापन दिया जाता तो उसका खर्च करीब 60 लाख रुपये आता। टीवी पर इसका खर्च और ज्यादा आता।’

चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने खिलाफ लंबित मामलों के बारे में प्रिंट और टीवी पर तीन बार विज्ञापन दें।

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