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आखिर क्या है खून की बारिश का रहस्य? यहां रहने वाले लोगों की कांप उठती है रूह

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देश-दुनिया में बहुत सी ऐसी रहस्यमयी चीजें हैं जिसे जानकार सभी के होश उड़ जाते हैं। बारिश के सुहाने मौसम का मचा तो सभी लेना जनते हैं, लेकिन अगर इसमें भी अगर कोई रहस्य छुपा हो तो। आपको बता दें कि एक जदग ऐसी भी हो जहां खून की बारिश होती है। सुनने में थोड़ा अजीब लग रहा होगा लेकिन ये बिलकुल सच है।
जी हां खून की बारिश (Red Rains Mystery) के बारे में जानकर लोग सहम जाते हैं। जब-जब बारिश होती है ये देखने को मिलता है। दक्षिण तटीय इलाकों में खूनी लाल रंग की बारिश (Red Rains Mystery)। हालांकि इसके पीछे कुछ और ही राज छुपा हुआ है।

वज्ञानिकों का कहना है कि इस लाल रंग की बारिश के पीछे केवल कवक का हाथ है। कवक जिसे हम फफूंद भी कहते हैं, उसी की वजह से यहां बारिश लाल रंग में होती है। दरअसल यह कवक पेड़ों की भीगी शाखाओं और चट्टानों पर उग आती है, और बेहद बारीक व सूक्ष्म होने की वजह से इन्हे आंखों से देख पाना लगभग नामुमकिन है।

इस कवक के बीजाणु हवा में उड़ते रहते हैं और बारिश के समय यह अपना लाल रंग छोड़ते हैं। इन्हीं के लाल रंग के प्रभाव से बारिश की बूंदे लाल हो जाती हैं, और लोगों को लगता है कि खून की बारिश हो रही है।

वैज्ञानिकों ने कहा कि इस तरह की कवक यूरोप, आस्ट्रिया, केरल और श्रीलंका के जंगलों में व्यापक पैमाने पर पायी जाती है, और इसी वजह से इन जगहों पर लाल बारिश होती है।

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करतारपुर पर पाक सेना ने पलटा इमरान खान का फैसला, चली ये चाल

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नई दिल्ली। करतारपुर कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान का दोहरा चरित्र एक बार फिर सामने आया है। पाकिस्तानी सेना ने पाक पीएम इमरान खान के उस फैसले को बदल दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय श्रद्धालुओं को पवित्र गुरुद्वारा दरबार साहिब आने के लिए महज एक वैध पहचान-पत्र की जरूरत होगी। पाक सेना ने प्रवक्ता आसिफ गफूर ने कहा कि अब सिख तीर्थयात्रियों को करतारपुर कॉरिडोर का प्रयोग करने के लिए भारतीय पासपोर्ट की आवश्यक्ता होगी।

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर की इस टिप्पणी से एक दिन पहले ही भारत ने पाकिस्तान से यह स्पष्ट करने को कहा था कि करतारपुर स्थित गलियारा जाने के लिए सिख श्रद्धालुओं को पासपोर्ट की जरूरत होगी या नहीं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मेजर जनरल गफूर ने बुधवार को कहा कि भारतीय सिख श्रद्धालुओं को करतारपुर गलियारे का प्रयोग करने के लिए पासपोर्ट दिखाना जरूरी होगा।

गफूर ने कहा कि सुरक्षा कारणों से, प्रवेश पासपोर्ट आधारित पहचान पर मिली अनुमति के तहत कानूनी तरीके से दिया जाएगा। एक नवंबर को, प्रधानमंत्री खान ने करतापुर गलियारे का निर्माण पूरा होने की ट्विटर पर घोषणा करते हुए कहा था कि उन्होंने दो शर्तों को माफ कर दिया है। इनमें से एक पासपोर्ट से जुड़ी शर्त थी जबकि दूसरी शर्त भारत से करतारपुर तीर्थयात्रा पर आने वाले सिखों द्वारा 10 दिन पहले पंजीकरण कराने से जुड़ी थी।

उन्होंने कहा था कि भारत के सिख श्रद्धालुओं को करतारपुर आने के लिए पासपोर्ट की नहीं बल्कि एक वैध पहचान-पत्र की जरूरत होगी। इसके अलावा उद्घाटन समारोह के लिए आने वाले और 12 नवंबर को सिख गुरु की 550वीं जयंती के मौके पर आने वाले श्रद्धालुओं से 20 डॉलर का सेवा शुल्क भी नहीं वसूला जाएगा।

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