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कैंसर को जड़ से खत्म कर देगी ये पैंसिल, तीन मिनट में ही दिखने लगेगा असर!

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नई दिल्ली। अब पेंसिल के जरिए कैंसर और ट्यूमर जैसी खतरनाक बीमारी को आसानी से ठीक किया जा सकेगा। जी हां आपने सही सुना, इस नई तकनीक के जरिए शरीर में मौजूद कैंसर सेल्स या ट्यूमर को नष्ट किया जा सकेगा।

इस नई तकनीक का नाम पेंसिल बीम थेरेपी है। पेंसिल बीम थेरेपी से मरीज को रेडिएशन के दुष्प्रभाव से भी बचाया जा सकता है। करीब 10 तरह के कैंसर को खत्म करने वाली इस रेडियोथेरेपी को भारत में पहली बार चेन्नई के अपोलो प्रोटोन सेंटर में शुरू किया गया है।

सेंटर के निदेशक डॉ. राकेश जलाली ने बताया कि प्रोटोन पद्धति के तहत पीबीएस कैंसर के लिए वरदान है। कई मरीजों में ट्यूमर के दुर्लभ आकार और हड्डियों के नजदीक होने के कारण रेडिएशन के दौरान शरीर के बाकी हिस्से को नुकसान होता है। पेंसिल बीम से इसे रोका जा सकता है।

डॉ. जलाली ने बताया कि यह एकदम चित्रकारी जैसा अनुभव है। जिस तरह किसी चित्र में पेंसिल के जरिये शेड दिया जाता है, उसी तरह ट्यूमर पर पेंसिल धीरे-धीरे रेडिएशन का शेड देती है।

आमतौर पर कैंसर मरीज को कीमो में बाल झड़ने और तड़प वाली पीड़ा होती है। रेडियोथेरेपी में उसकी त्वचा जल जाती है और असहनीय पीड़ा होती है, जबकि प्रोटोन थेरेपी इन सभी दुष्प्रभावों से मुक्त है।        

एम्स के एक वरिष्ठ प्रोफेसर ने बताया कि स्तन, यूट्रस, नाक-गला-स्कल, लिवर, फेफड़ा, बाल, प्रोस्टेट, रीढ़ की हड्डी, पेट कैंसर और लिम्फोमा के इलाज में पेंसिल थेरेपी कारगर है।

इसका रेडिएशन केवल ट्यूमर पर पड़कर उसके सेल्स खत्म करता है। डॉक्टरों के मुताबिक ट्रीटमेंट के तीन मिनट के अंदर ही इसका असर दिखना शुरू हो जाता है।

इस थेरेपी से मरीज का समय बचता है साथ ही खर्च भी कम लगता है। जल्द ही इसे राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (झज्जर) में भी उपलब्ध कराने की तैयारी चल रही है।

ऑफ़बीट

इस वजह से दूसरे मर्दों से संबंध बनाती हैं शादीशुदा महिलाएं, जानकर रह जाएंगे दंग

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नई दिल्ली। भारत में 10 में से 7 महिलाएं अपने पति को धोखा देती हैं, ये हम नहीं कह रहे बल्कि विवाहेतर डेटिंग एप ग्लीडेन के सर्वे में ये सनसनीखेज खुलासा हुआ है।

एप के मुताबिक कई महिलाएं अपने पति के घरेलू कामों में हिस्सा न लेने के चलते  उन्हें  धोखा देती हैं तो वहीं कुछ महिलाएं अपनी शादीशुदा जिंदगी नीरस होने के बाद इस तरह के कदम उठाती हैं।

ग्लीडेन के मार्केटिंग विशेषज्ञ, सोलेन पैलेट ने बताया, “10 में से चार महिलाओं का मानना है कि अजनबियों के साथ मौजमस्ती के बाद उनके जीवनसाथी के साथ उनका रिश्ता और अधिक मजबूत हुआ है।”

सर्वे के मुताबिक पांच लाख भारतीय ग्लीडन यूजर्स में से 20 फीसदी पुरुषों और 13 फीसदी महिलाओं ने अपने जीवनसाथी को धोखा देने की बात स्वीकार की।

आपको बता दें कि ग्लीडन एप को 2009 में फ्रांस में लॉन्च किया गया था। भारत में ये एप साल 2017 में आया था। 2 साल में इस एप ने भारत के लगभग 30 प्रतिशत लोगों को अपना सदस्य बना लिया है। इममें ज्यादातर 34-49 साल की महिलाएं शामिल हैं।

लगभग 77 प्रतिशत भारतीय महिलाओं ने इस बात को माना कि उनके अपने पति को धोखा देने का कारण यह था कि उनकी शादी नीरस हो गई थी और शादी से बाहर एक साथी को खोजने से उन्हें अपने जीवन में उत्साह का अहसास हुआ।

सर्वे में ये बात भी सामने आई है कि भारत में, पारंपरिक विवाह में फंसे समलैंगिक लोगों को भी बढ़ती संख्या में अपने लिए इसकी मदद से साथी मिल रहे हैं।

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