Connect with us

करियर

रेलवे ग्रुप डी की परीक्षा देने वालों के लिए बुरी खबर, रिजल्ट आने के बाद फिर होगा…

Published

on

नई दिल्ली। रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) ग्रुप डी की परीक्षा में लाखों लोगों ने दी है। सूत्रों के मुताबिक रेलवे ग्रुप डी के परीक्षा परिणाम फरवरी माह के दूसरे सप्ताह तक जारी करेगा। इस बीच एक ऐसी खबर आई है जो सभी परीक्षार्थियों के लिए जरूरी है।

खबर है कि आरआरबी ग्रुप डी में सफल होने वाले उम्मीदवारों की भर्ती नहीं होगी बल्कि इसके बाद भी अगले लेवल की परीक्षा से गुजरना होगा। ऐसे में परीक्षार्थियों के लिए रिजल्ट का इंतजार करने से बेहतर अगले चरण की तैयारी करना ही है।

आपको बता दें कि जो कैंडीडेट्स आरआरबी ग्रुप डी में सफल होंगे उन्हें मेडिकल फिटनेस टेस्ट से गुजरना होगा। इसके बाद दृश्यता मानक परीक्षण होगा जोकि रेलवे भर्ती के मेडिकल फिटनेस का एक हिस्सा है।

रेलवे भर्ती प्रक्रिया के तहत उम्मीदवार को कम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी), शारीरिक दक्षता टेस्ट और डाकुमेंट वेरीफिकेशन से गुजरना होता है. सीबीटी की मेरिट के आधार पर उम्मीदवारों को पीईटी के लिए बुलाया जाता है। रेलवे में नौकरी पाने के लिए पीईटी पास करना जरूरी होता है।

करियर

खुशखबरीः मोदी सरकार का एक और तोहफा, 10 करोड़ लोगों को मिलेगी नौकरी!

Published

on

नई दिल्ली। बेरोजगारी को मुद्दा बनाकर विपक्ष अक्सर मोदी सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ता है। दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने की बात पर राहुल गांधी कई रैलियों में पीएम मोदी पर निशाना साध चुके हैं।

लेकिन इस बीच एक ऐसा आंकड़ा सामने आया है जिसे सुनकर हर युवाओं के चेहरे पर खुशी आ जाएगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 10 करोड़ से ज्यादा रोजगार मिलने जा रहा है।

कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार द्वारा हाल ही में किए गए सुधार मौजूदा एवं उभरते हुए क्षेत्रों ती वजह से लगभग 10 करोड़ रोजगार की संभावना है।

इससे अर्थव्यवस्था के सिर्फ 8 क्षेत्रों में 2025 तक 10 करोड़ से अधिक रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। सीआईआई के प्रेसिडेंट राकेश भारती मित्तल ने कहा कि स्टार्टअप्स और नए व्यवसायों में कौशल का स्तर बढ़ने और पर्याप्त वृद्धि के साथ नौकरियों की गुणवत्ता बढ़ाई जा रही है, जिसमें उच्च आय भी शामिल है।

उन्होंने बताया कि मोदी सरकार की तफ से कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं। इनमें छोटे उद्यमों के लिए कर की दरों में 25 फीसदी तक की कटौती भी शामिल है।

इसके अलावा ब्याज दरों में कमी नए व्यवसायों के फलने-फूलने के लिए सही माहौल बना रही है और खासकर छोटे उद्यमों के लिए।

सरकार द्वारा किए गए ये उपाय रोजगार सृजन को बढ़ावा देंगे। मित्तल ने रोजगार के ताजा आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि ईपीएफओ के सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में सितंबर, 2017 से दिसंबर, 2018 के बीच 72 लाख नए ग्राहक जुड़े।

उधर, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 2017 में भारत में बेरोजगारी दर 45 साल के 6.1 फीसदी के उच्च स्तर पर पहुंच गई। सीआईआई ने जिन आठ क्षेत्रों में 2025 तक 10 करोड़ रोजगार सृजन की उम्मीद जताई है, उनमें रिटेल, निर्माण, ट्रांसपोर्ट एवं लॉजिस्टिक, टूरिज्म एवं हॉस्पिटैलिटी, हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट, टेक्सटाइल एवं कपड़ा, फूड प्रोसेसिंग और मोटर वाहन क्षेत्र शामिल हैं।

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending