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राम मंदिर के मुद्दे पर सीएम योगी ने दिया ऐसा बयान, जानकर आ जाएगी चेहरे पर मुस्कान!

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लखनऊ। राम मंदिर के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा 8 साल पहले फैसला सुनाए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट में अब तक यह मामला विचाराधीन है। यही वजह है कि लोकसभा चुनाव से पहले एक बार राम मंदिर का मुद्दा एक बार गर्माता दिख रहा है। इसी बीच अयोध्या मुद्दे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस मामले को 24 घंटे के अंदर हल करने में हम सक्षम हैं।

सीएम योगी ने कहा, ‘इसे हमारे हवाले कर देना चाहिए और 24 घंटे के भीतर इसका समाधान हो जाएगा।’ योगी आदित्यनाथ से जब पूछा गया कि क्या वह आयोध्या मसले का समाधान बातचीत से करेंगे या डंडे से तो उन्होंने मुस्कराते हुए जवाब दिया-पहले अदालत को मसले को हमारे हवाले करने दीजिए।

आदित्यनाथ ने कहा, ‘मैं अब भी अदालत से विवाद का निपटारा जल्द करने की अपील करूंगा। इलाहाबाद हाई कोर्ट की पीठ ने 30 सितंबर 2010 को भूमि बंटवारे के मसले पर आदेश नहीं दिया, बल्कि यह भी स्वीकार किया कि बाबरी ढांचा हिंदू मंदिर या स्मारक को नष्ट करके खड़ा किया गया था। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने हाई कोर्ट के आदेश पर खुदाई की और अपनी रिपोर्ट में स्वीकार किया कि बाबरी के ढांचे का निर्माण हिंदू मंदिर या स्मारक को नष्ट करके किया गया था।’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘टाइटल का विवाद अनावश्यक रूप से जोड़कर अयोध्या विवाद को लंबा खींचा जा रहा है। हम सुप्रीम कोर्ट से लाखों लोगों की संतुष्टि के लिए जल्द से जल्द न्याय देने की अपील करते हैं, ताकि यह जन आस्था का प्रतीक बन सके। अनावश्यक विलंब होने से संस्थानों से लोगों का भरोसा उठ जाएगा।’ उन्होंने कहा कि जहां तक लोगों के धैर्य और भरोसे की बात है तो अनावश्यक विलंब से संकट पैदा हो रहा है।’

योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘मैं कहना चाहता हूं कि अदालत को अपना फैसला जल्द देना चाहिए। अगर वह ऐसा करने में असमर्थ हैं तो वह मसला हमें सौंप दें। हम राम जन्मभूमि विवाद का समाधान 24 घंटे के भीतर कर देंगे। हम 25 घंटे नहीं लेंगे।’ उनसे जब पूछा गया कि केंद्र सरकार ने अध्यादेश क्यों नहीं लाया तो उन्होंने कहा कि मामला विचाराधीन था। उन्होंने कहा, ‘संसद में विचाराधीन मसलों पर बहस नहीं हो सकती है। हम इसे अदालत पर छोड़ रहे हैं. अगर अदालत ने 1994 में केंद्र सरकार द्वारा दाखिल हलफनामे के आधार पर न्याय दिया होता तो देश में अच्छा संदेश जाता।’

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चीन का रवैया देख भारत सरकार ने लिया बड़ा फैसला, उठाएगी ये कदम

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पीपुल्‍स लिब्रेशन आर्मी चाईना के लद्दाख में लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर अपनी पुराना रवैया जारी रखा है। चीन ने कई इलाकों (गोगरा पोस्‍ट, हॉट स्प्रिंग्‍स) के साथ ही पैंगोंग त्‍सो पर भी पीएलए जवानों की तैनाती की हुई है।

चीन की इस हरकत को देखते हुए मोदी सरकार ने अब चीन को जवाब देने का फैसला किया है। भारत अब कई नए तरीकों पर विचार कर रहा है।

तोंद ने बचा ली इस शख्स की जान, जानिए आखिर क्या है पूरा मामला

केंद्र सरकार आने वाले समय में अब कुछ नए तरीके अपनाने की तैयारी कर रही है,इससे भारतीय जवान भी अपनी पुरानी लोकेशंस पर लौट सकते हैं। चीन और भारत के बीच इस तनातनी की स्थिति में भारत सरकार कोई बड़ा कदम भी उठा सकती है।

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