Connect with us

आध्यात्म

नागा साधुओं के मरने के बाद उनके शव के साथ किया जाता है ऐसा काम, जानकर रह जाएंगे हैरान!

Published

on

नई दिल्ली। नागा साधुओं का जीवन बहुत ही रहस्यमयी होती है, यही वजह है कि लोग इनसे जुड़ी बातों को जानने में खासी दिलचस्पी रखते हैं।

लोग ये जानने के लिए अक्सर उत्साहित रहते हैं कि ये नागा साधू कहाँ से आते है और कहाँ जाते है? नागसाधु आम आदमी से बिल्कुल अलग होते हैं, इनका रहन-सहन खान-पान सब आम लोग की जिंदगी से भिन्न है।

आजकल प्रयागराज में नागसाधुओं का हुजूम सा उमड़ा हुआ है। आज हम नागा साधुओं के एक ऐसे राज से पर्दा उठाने जा रहे हैं जिसे जानकर आपकी रुह कांप जाएगी। बहुत कम ही लोगों को यह पता होता है कि नागा साधुओं के मरने के बाद उनके शव के साथ क्या किया जाता है।

हिन्दू मान्यता के अनुसार आमतौर पर मृत्यु के बाद शरीर को जलाया जाता है, क्योंकि माना जाता है कि मानव शरीर पंच (पांच) तत्वों से बना है और शरीर को उसी में विलीन करने के परंपरा है,किन्तु नागा साधुओ के शरीर को जलाया नहीं जाता, बल्कि उनकी मृत्यु के बाद उन्हें भू-समाधि देकर उनका अंतिम संस्कार किया जाता है।

नागा साधुओं को पहले जल समाधि दी जाती थी, लेकिन वर्तमान में नदियों का जल प्रदूषित होने के कारण अब उन्हें भू समाधि दी जाती है। नागा साधुओं को सिद्ध योग की मुद्रा में बैठाकर भू-समाधि दी जाती है।

 

आध्यात्म

आज लगने जा रहा सदी का सबसे बड़ा चंद्रग्रहण, दुष्प्रभावों से बचने के लिए करें ये उपाय

Published

on

नई दिल्ली। सदी का सबसे बड़ा चंद्र ग्रहण आज यानि मंगलवार को लगने जा रहा है। इस बार चंद्र ग्रहण पर जो दुर्लभ योग बन रहा है वैसा आज से 149 साल पहले बना था।

12 जुलाई, 1870 को गुरू पुर्णिमा के दिन ही चंद्रग्रहण लगा था। चंद्रग्रहण को लेकर धार्मिक मान्यताएं हैं कि इससे लोगों पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है।

इन प्रभावों से बचने के लिए लोगों की राशियों के हिसाब से कुछ उपाए बताए गए हैं जिससे ग्रहण से होने वाले नुकसान से आप बच सकते हैं।

मेष राशि-
मेष राशि वाले ग्रहण के बाद लाल कपड़ा/लाल मसूर की दाल/ सबूत हल्दी आदि का दान करें. ग्रहण काल के बाद किसी निर्धन को खाना भी खिलाएं। ऐसा करने से आपके मन की इच्छाएं जरूर पूरी होंगी।

वृषभ राशि-
वृषभ राशि वाले ग्रहण के बाद हल्के गुलाबी कपड़े और साबुत चावल का दान करें। ग्रहण काल के बाद किसी गौशाला में गाय को चारा खिलाएं। ऐसा करने से आपकी सेहत से जुड़ी समस्या दूर होंगी।

मिथुन राशि-
मिथुन राशि वाले कम से कम 5 गायों को हरा चारा खिलाएं। हरी मूंग, हरे कपड़े का दान करें. ग्रहण काल के बाद किसी किन्नर को खाना खिलाएं. भाई बहन में आपसी प्यार बढ़ेगा।

कर्क राशि-
कर्क राशि वाले लोग चंद्र ग्रहण के बाद जरूरतमंद लोगों को सफेद कपड़े का दान करें। शिव के मंत्र का जाप करते रहे. ऐसा करने से आपका मानसिक तनाव दूर होगा।

सिंह राशि-
सिंह राशि वाले सभी लोग चंद्र ग्रहण के दौरान गायत्री मंत्र का 108 बार जाप करें। गेहूं, गुड़ और कपड़ों का दान करें. इससे आपके दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी।

कन्या राशि-
कन्या राशि वाले सभी लोग चंद्र ग्रहण के दौरान अपने माता पिता की सेवा करें। जरूरतमंद लोगों को खिचड़ी आदि का दान करें। इससे आपके घर में मां लक्ष्मी का आगमन होगा।

तुला राशि-
तुला राशि वाले सभी लोग ग्रहण काल के दौरान श्री सूक्त का 11 बार पाठ करें। ग्रहण के बाद सफेद चावल, वस्त्र, मिश्री तथा खिचड़ी जरूरतमंद लोगों को दान करें। इससे आपके प्रोपर्टी के विवाद हमेशा के लिए खत्म होंगे।

वृश्चिक राशि-
वृश्चिक राशि वाले सभी लोग ग्रहण काल के दौरान हनुमान चालीसा का तथा बजरंग बाण का पाठ करें। ग्रहण के बाद कम से कम 11 लोगों को मीठा दलिया दान करें। ऐसा करने से आपको ईश्वर की मदद मिलेगी, नौकरी व्यापार की समस्या खत्म होगी।

धनु राशि-
धनु राशि वाले सभी लोग ग्रहण काल के दौरान विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। ग्रहण के बाद गाय को केला खिलाएं। हल्दी का दान करें.जरूरतमंद लोगों में कपड़ों का दान करें। इससे आपके पारिवारिक वाद-विवाद खत्म होंगे।

मकर राशि-
मकर राशि के सभी लोग ग्रहण काल के दौरान सुंदरकांड का पाठ करें। ग्रहण के बाद जरूरतमंद लोगों को तिल के लड्डू का दांन करें। पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं. नौकरी की समस्या खत्म होगी।

कुंभ राशि-
कुंभ राशि के सभी लोग ग्रहण काल के दौरान हनुमान बाहुक का 3 बार पाठ करें। ग्रहण के बाद तिल के लड्डू के साथ साथ अन्न का भी दान करें। पीपल के पेड़ के नीचे दिया जलाएं। इससे व्यापार की समस्या खत्म होगी।

मीन राशि-
मीन राशि के सभी लोग ग्रहण काल के दौरान 3 बार नारायण स्तोत्र का पाठ करें। ग्रहण के बाद गाय को केला गुड़ खिलाएं. इससे मित्रों के आपसी वाद विवाद खत्म होंगे।

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending