Connect with us

नेशनल

पीएम मोदी से मिलने का है शौक, बस खर्च करें 5 रुपए

Published

on

लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अभी से शुरू कर दी है। बीजेपी ने अपने Namo ऐप के जरिए अपने 4 साल के कार्यकाल में किए गए कामों को जनता तक पहुंचएगी और जनता से सीधे संपर्क करेंगी। जी हां, पीएम मोदी से मिलने के लिए बस एक छोटा सा काम करना होगा। नमो नाम का एक ऐप अपने फोन में इंस्टाल करना होगा।

IMAGE COPYRIGHT: GOOGLE

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ने और अलग-अलग मुद्दों पर बात करने के लिए नमो एप यानि की नरेंद्र मोदी ऐप को अपने स्मार्टफोन में इंस्टाल करना होगा। इस ऐप को आप Google Play Store पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं। आईफोन यूजर्स इस ऐप को IOS Play Store पर जा कर डाउनलोड कर सकते हैं।

IMAGE COPYRIGHT: GOOGLE

इस ऐप के इंस्टाल हो जाने के बाद इसमें रेजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके लिए आप Namo App कर सकते या इनकी वेबसाइट www.nationwithnamo.com पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। नमो एप के जरिए आप सरकार के 4 साल के काम की पूरी जानकारी ले सकते हैं।

IMAGE COPYRIGHT: GOOGLE

रजिस्ट्रेशन यह ऐप उन्हें सीधे देश की जनता से जोड़ता है। Namo ऐप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऑफिशियल ऐप है। एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर इसकी रेटिंग 4.6 है और इसे 50 लाख से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड कर रखा है। आपको बता दें कि पीएम मोदी युवाओं, महिलाओं, छात्रों और किसानों से Namo ऐप के जरिए सीधी बात करते हैं।

IMAGE COPYRIGHT: GOOGLE

Namo यानी नरेंद्र मोदी ऐप यूजर्स तक लेटेस्ट इंफॉर्मेशन, अपडेट पहुंचाता है। साथ ही, इसकी मदद से आप अलग-अलग कार्यों में अपना योगदान भी दे सकते हैं। Namo ऐप प्रधानमंत्री से मैसेज और ई-मेल पाने का शानदार माध्यम है। इसके जरिए आप प्रधानमंत्री से बात कर सकते हैं और अपने सुझाव उनके साथ साझा कर सकते हैं।

IMAGE COPYRIGHT: GOOGLE

इतना ही नहीं प्रधानमंत्री मोदी की ‘मन की बात’ कार्यक्रम भी आप इस ऐप के जरिए सुन सकते हैं। यह मोबाइल ऐप आपको सरकार के कामकाज की जानकारी भी देता है। साथ ही, इसमें इंफोग्राफिक्स की मदद से आप यह जान सकते हैं कि कैसे गुड गवर्नेंस से लोगों की जिंदगी सुधर रही है।

पीएम मोदी से मिलने का मौका-

इसमें Registration करने के बाद आपको भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को डोनेशन देना होगा। इस डोनेशन के लिए आप 5 रुपए से लेकर 1000 रुपए तक डोनेट कर सकते हैं। डोनेशन के बाद आपका 80 प्रतिशत कार्य समझो पूरा।

इसके बाद आपको एक रेफरल कोड मिलेगा, जिसे आपको अपने 100 जान पहचान वालों को भेजना होगा। अगर उन में से 100 लोगों ने आपके रेफरल कोड से इंस्टाल करके डोनेट किया तो आपको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का मौका मिलेगा। लेकिन अगर 10 लोग भी भाजपा को डोनेशन देते हैं, तो आपको एक नमो टी-शर्ट और ऑफी मग फ्री में मिल सकता है।

नमो एप द्वारा लांच किए इस नए फीचर के बारे में पार्टी का कहना है कि प्रधानमंत्री से आम नागरिक बहुत कम ही मिल पाते हैं, ऐसे में यह फीचर आम लोगों को पीएम तक पहुंचाने में कारगर साबित होगा और आम लोगों की भी पीएम तक पहुंच बन सकेगी।

नेशनल

सीएबी पर पाकिस्तान की भाषा बोल रही कांग्रेस: मोदी

Published

on

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कांग्रेस और कुछ विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधा और कहा कि ये लोग नागरिकता (संशोधन) विधेयक, 2019(सीएबी) को लेकर पाकिस्तान की भाषा में बात कर रहे हैं। मोदी ने यह बयान संसद के पुस्तकालय भवन में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) की संसदीय दल की बैठक में दिया।

बैठक के बाद दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने पत्रकारों से कहा, “लोग संसद में सीएबी पर कांग्रेस के रुख पर अलग-अलग राय दे रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने संसदीय दल की बैठक में इसे एक वाक्य में स्पष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक पार्टियां पाकिस्तान की भाषा में बात कर रही हैं।”

उन्होंने कहा, “यहां तक कि पूर्णविराम और कामा भी समान है। हमें सीएबी विधेयक के बारे में भारत के लोगों को जानने देना चाहिए। प्रधानमंत्री का एक वाक्य का बयान यह साबित करने के लिए काफी है कि कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस की सोच क्या है।” इससे पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने नागरिकता(संशोधन) विधेयक, 2019 को ‘नरेंद्र मोदी-अमित शाह सरकार द्वारा पूर्वोत्तर में जातीय सफाया करने का प्रयास बताया’ और कहा कि यह लोगों पर ‘आपराधिक हमला’ है।

राहुल ने ट्वीट किया, “सीएबी मोदी-शाह सरकार द्वारा पूर्वोत्तर में जातीय सफाये का प्रयास है। यह पूर्वोत्तर पर, वहा के लोगों के जीवन के तौर-तरीके पर और भारत के विचार पर एक आपराधिक हमला है। मैं पूर्वोत्तर के लोगों के साथ खड़ा हूं और उनकी सेवा में तत्पर हूं।” मोदी लोकसभा में इस विधेयक के पारित होने के दो दिन बाद यहां भाजपा संसदीय दल की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

सीएबी के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से उत्पीड़न झेल कर यहां आए हिंदुओं, ईसाइयों, सिखों, पारसियों, जैनियों और बौद्धों को भारतीय नागरिकता दिए जाने का प्रावधान है। विपक्ष ने विधेयक को ‘असंवैधानिक’ बताकर इसका विरोध किया है।

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending