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आध्यात्म

26 दिसंबर राशिफल : जानिए लव और रोमांस को लेकर कैसा रहेगा आपका दिन

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ग्रहों की चाल आपके दांपत्य जीवन को खुशहाल बनाएंगे। आइए जानते हैं लव लाइफ को लेकर कैसा रहेगा अपना दिन –

मेष – आज आपका मन खराब रहेगा। गुस्से के कारण भाई से विवाद हो सकता है। वाहन लेने का विचार कर सकते हैं।
वृषभ – आज मन खुश रहेगा। खूबसूरत शाम की योजना भी बनेगी। जीवनसाथी के लिए कोई उपहार ले सकते हैं।
मिथुन – चंद्रमा आपकी राशि में भ्रमण कर रहा है। अपने जीवनसाथी के साथ कठोर वचनों से बात न करें।
कर्क – आज आपको अधिक पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। ऑनलाइन शॉपिंग कर सकते हैं।
सिंह – आज अपने बुद्धि के बल पर आप किसी भी समस्या को सुलझा लेंगे। पिता को शारीरिक कष्ट होगा। ऑनलाइन सर्च करने पर भी पसंदीदा जीवनसाथी मिल सकता है।
कन्या – आज गुस्से के कारण घर में क्लेश हो सकता है। परिवार में विवाद के कारण मन उदास रहेगा। जीवनसाथी के कंधो में दर्द हो सकता है।
तुला – आज बाहर खाना खाने का प्रोग्राम न बनाएं। फेसबुक पर आपकी मनमोहक फोटो देखकर कोई फिदा हो सकता है।
वृश्चिक – आज आप अपने लिए लैपटॉप या मोबाइल खरीद सकते हैं। परिवार में कोई खुशखबरी आ सकती है।
धनु – आज पिता के गुस्से का सामना करना पड़ सकता है। जीवनसाथी से डांट सुननी पड़ सकती है। शाम तक सब सामान्य हो जाएगा।
मकर – आज आप आराम करने के मूड में हैं। आलस्य के कारण सभी प्रोग्राम कैंसिल हो सकते हैं। संतान को शारीरिक कष्ट के योग हैं।
कुंभ – आज आप व्यस्त रहेंगे। पूरा दिन आज भागने-दौड़ने में बीत जाएगा। पिता से लाभ होने के योग हैं।
मीन – आज रोमांटिक मूड है। जीवनसाथी के साथ क्वालिटी टाइम बिता सकते हैं। दोस्त से लाभ हो सकता।

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आध्यात्म

भगवान शिव का एक ऐसा मंदिर जहां होती है रावण की पूजा, बड़ा गहरा है रहस्य

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नई दिल्ली। दुनिया में ऐसे कई शिव मंदिर हैं जो काफी फेमस हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे शिव मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पहले भोलनाथ नाथ की नहीं बल्कि लंकापति रावण की पूजा होती है।

इस मंदिर का नाम कमलनाथ महादेव है। ये मंदिर उदयपुर से लगभग 80 किलोमीटर दूर झाड़ोल तहसील में आवारगढ़ की पहाड़ियों पर मंदिर स्थित है।

हिंदू मान्यताओं के मुताबिक इस मंदिर की स्थापन खुद रावण ने की थी। मान्यता के अनुसार, यही वह स्थान है, जहां रावण ने अपना सिर काटकर भगवान शिव को अग्निकुंड में समर्पित कर दिया था।

तब रावण की इस भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने रावण की नाभि में अमृत कुण्ड स्थापित किया था। इस स्थान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां भगवान शिव से पहले रावण की पूजा की जाती है, क्योंकि माना जाता है कि शिवजी से पहले अगर रावण की पूजा नहीं की जाए तो सारी पूजा व्यर्थ हो जाती है।

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