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राजीव गांधी के भारत रत्न पर आप में घमासान, विधायक अलका लांबा बर्खास्त

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शुक्रवार को दिल्ली विधानसभा में राजीव गांधी का भारत रत्न वापस लेने से जुड़ा एक प्रस्ताव पारित हुआ था। इस प्रस्ताव के विरोध में आप की विधायक अलका लांबा ने सदन से वॉक आउट कर दिया था। वॉक आउट के बाद उन्होंने कहा था कि इसका जो भी परिणाम होगा वह भुगतने को तैयार हैं।

इस वॉक आउट के बाद अलका लांबा से इस्‍तीफा ले लिया है। सूत्रों ने बताया कि उनकी प्राथमिक सदस्‍यता भी रद्द कर दी गई है। हालांकि बाद में आम आदमी पार्टी ने बाद में इस प्रस्ताव पर यू-टर्न ले लिया।

अलका ने कहा, “मेरे वॉक आउट के बाद मुख्यमंत्री ने मुझे मैसेज किया कि मैं अपना इस्तीफा दे दूं।” विधायकी छोड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा, “मैंने पार्टी की टिकट पर चुनाव जीता है, पार्टी चाहती है तो मैं इस्तीफा देने को तैयार हूं।”

लांबा ने आगे कहा, “राजीव गांधी ने देश के लिए कई बलिदान दिए हैं। और विधानसभा में मैंने उनका भारत रत्न वापस लेने के प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया। पार्टी ने मुझसे इस्तीफा मांगा है क्योंकि मैं पार्टी के फैसले के खिलाफ खड़ी हुई।”

दरअसल, आम आदमी पार्टी के विधायक जनरैल सिंह ने सदन के बाहर मीडिया को उस प्रस्ताव के पास होने की जानकारी दी। जिसमें राजीव गांधी के भारत रत्न सम्मान को वापस लेने की बात कही गई थी।

वहीं आप के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज के मुताबिक – एक विधायक ने हाथ से प्रस्ताव पर राजीव से भारत रत्न वापस लेने की बात लिख दी थी। हालांकि जब अलका लांबा ने इस संबंध में ट्वीट किया, तो उसमें राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने वाला हिस्सा हाथ से लिखा हुआ नहीं बल्कि प्रिंटेड नजर आ रहा है।

आप विधायक जरनैल सिंह ने इस प्रस्ताव को पेश किया था। माना जा रहा है कि केजरीवाल सरकार ने सिख समुदाय के वोट बैंक को अपने पाले में करने के लिए यह कदम उठाया है।

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जस्टिस बोबडे हो सकते हैं अगले मुख्य न्यायाधीश, सीजेआई ने पत्र लिखकर की सिफारिश

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं ऐसे में नए चीफ जस्टिस की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

जस्टिस रंजन गोगोई ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर उनके बाद जस्टिस एसए बोबडे को देश का अगला मुख्य न्यायाधीश बनाने का सिफारिश की है।

यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों से सामने आई है। प्रक्रिया के अनुसार, वर्तमान सीजेआई ही अगले सीजेआई की सिफारिश करता है। आपको बता दें कि जस्टिस रंजन गोगोई के बाद जस्टिस बोबडे सुप्रीम कोर्ट में दूसरे वरिष्ठतम जज हैं।

अगर उनके नाम पर सहमति बन गई तो जस्टिस बोबडे 18 नवंबर को सीजेआई के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। वे देश के 47वें मुख्य न्यायाधिश होंगे।

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