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ईशा अंबानी की शादी में इसलिए वेटर बन गए थे अमिताभ-आमिर, वजह हैरान कर देगी आपको!

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मुंबई। देश के सबसे अमीर बिजनेसमैन मुकेश अंबानी ने 12 दिसंबर को अपनी इकलौती बेटी ईशा अंबानी की शादी शाही अंदाज में की। ईशा की शादी अंबानी के मुंबई स्थित आलीशान बंगले एंटीलिया से हुई।

इस शादी में जहां विदेशी मेहमानों ने शिरकत की वहीं बॉलीवुड की तमाम बड़ी हस्तियों का जमावड़ा भी देखने को मिला। अंबानी की बेटी की शाही शादी के कई विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

जिसमें से एक विडियो में अमिताभ बच्चन और आमिर खान लोगों को खाना खिलाते नजर आ रहे हैं। आपको बता दें कि अंबानी के मेहमानों में अमिताभ बच्चन और आमिर खान भी सपरिवार शामिल हुए थे।

इस विडियो को देखने के बाद आप भी सोच रहे होंगे कि इतने अमीर सुपरस्टार ईशा की शादी में वेटर क्यों बन गए हैं? अगर आप मन में भी ऐसा सवाल है तो हम इसका जवाब ढूंढ लाए हैं।

दरअसल, मुकेश अंबानी ने देश की बड़ी हस्तियों को तो इंवाइट किया ही था साथ ही विदेशों से भी अपने करीबियों को न्योतो दिया था।

शादी में शरीक हुए इन विदेशी मेहमानों को भारत की अतिथि देवो भवः परंपरा से परिचय कराने के लिए अमिताभ बच्चन और आमिर खान शादी में खाना खिला रहे थे।

शादी का पूरा वीडियो रियालंस ग्रुप की ओर से जारी किया गया है। वीडियो में मेहमान के रूप में पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, अमेरिका की पूर्व फर्स्ट लेडी हिलेरी क्ल‍िंटन, रजनीकांत दिखाई दे रहे हैं।

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जानिए करण जौहर ने क्यों कहा, ‘मैं माफी नहीं मांगूंगा’

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मुंबई। फिल्म इंडस्ट्री के लोगों या अमीरों को प्राथमिकता देने के लिए फिल्मकार करण जौहर को अकसर आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन करण का कहना है कि वह अपनी बनाई हुई फिल्मों के लिए माफी नहीं मांगेंगे, हालांकि बदलते वक्त के साथ वह सिनेमा बनाने की अपनी पद्धति को बदलने के लिए तैयार हैं।

मुंबई में लेखिका शुनाली खुल्लर श्रॉफ की किताब ‘लव इन द टाइम ऑफ एफफ्लूएन्जा’ की लॉन्चिंग पर मीडिया से बात करने के दौरान करण ने कहा, “मैंने उस किस्म की फिल्में इसलिए बनाई है क्योंकि मैं एक निश्चित माहौल में बड़ा हुआ हूं और वहां एक ऐसी तमन्ना भी थी जो मेरे सोचने के तरीके के साथ जुड़ी हुई थी। मैं हमेशा सोचता था कि सिनेमा असल जीवन से कहीं ज्यादा है और इसलिए मैंने ऐसे किरदार बनाए जिनकी लोग तमन्ना करते हैं।”

करण ने आगे कहा, “लेकिन कहीं न कहीं आगे चलकर सिनेमा का रचनाक्रम बदल गया और मुझे उसे स्वीकारना होगा और निश्चित करना होगा कि मेरे किरदार और भी ज्यादा जमीन से जुड़े हुए और वास्तविक हो ताकि वह अब और ज्यादा चमक-धमक वाले नहीं लगे।”

करण ने यह भी कहा, “मुझ पर एफफ्लूएंजा का आरोप है, लेकिन यह कहते हुए मैं उन फिल्मों के लिए माफी नहीं मांगूंगा जिन्हें मैंने बनाया है हालांकि मुझे लगता है कि भविष्य में मुझे इसमें बदलाव लाना होगा।”

एफफ्लूएंजा का तात्पर्य अमीरों की समस्या से है। अधिकतर ऐसा माना जाता है कि अमीरों के पास वास्तव में कोई परेशानियां नहीं होती है। जिंदगी को जीने में उन्हें अकेलापन, जीवन से उब जाना या असंतुष्ट हो जाने जैसी समस्याओं का ही सामना करना पड़ता है और इसमें खुद को खुश रखने के लिए वे पैसों के पीछे भागते हैं।

 

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