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कृपालु महाराज

जेकेपी ने ग्रामीण बच्चों के चेहरे पर लाई मुस्कान, बांटे गर्म जैकेट

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ठंड के मौसम को देखते हुए जगद्गुरु कृपालु परिषत् (जेकेपी) की ओर से ब्रज क्षेत्र के आसपास रहने वाले लगभग पांच हज़ार बच्चों को ठंडी में पहनने के लिए गर्म जैकेट बांटे गए।

शनिवार को श्री वृंदावन धाम के प्रेम मंदिर में आयोजित भव्‍य कार्यक्रम में बच्चों जैकेट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गर्म जैकेट पाकर बच्‍चों के चेहरे खुशी से खिल गए।

जेकेपी की तीनों अध्यक्षाओं विशाखा त्रिपाठी, श्यामा त्रिपाठी और कृष्णा त्रिपाठी ने वृंदावन के ग्रामीण बच्चों में गर्म जैकेट्स वितरित किए। इस मौके पर बच्चों ने जगद्गुरु कृपालु महाराज और उनकी तीनों बेटियों को उनके दिए उपहारों के लिए बहुत–बहुत धन्यवाद दिया।

जेकेपी समय-समय पर ग्रामीण बच्चों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर उनमें उपयोगी वस्तुओं का वितरण किया करता है। जेकेपी का उद्देश्य क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में रह रहे बच्चों को शिक्षा उपलब्‍ध कराने के साथ-साथ अन्य दैनिक जरूरतें पूरी करना भी हैं, ताकि उनका जीवन सुचारु रूप से चल सके।

आध्यात्म

वृन्दावन के प्रेम मंदिर में हुआ विशाल भंडारे का आयोजन, जेकेपी ने साधुओं को कराया भोज

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वृन्दावन। जगद्गुरु कृपालु परिषत् (जेकेपी) की ओर से बीते कई सालों से निःस्वार्थ भाव से समाज सेवा के सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को वृन्दावन के प्रेम मंदिर में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी साधुओं को भोज कराया गया।

आपको बता दें कि जगद्गुरू कृपालु जी महाराज ने साधु-विधवा भोज की शुरुआत आज से दस वर्ष पहले की थी। जगद्गुरु कृपालु जी महाराज की बनाई गई नीति के चलते सोमवार को विशाल भण्डारे में कृपालु जी महाराज के अनुयाइयों ने 5 हजार साधुओं को आदर सहित प्रवेश देकर प्राचीन संस्कृति के अनुसार उनके चरण धोकर एवं कोमल वस्त्र से चरण साफ कर भोज कराया।

जगद्गुरू कृपालु महाराज की पुत्रियां डॉ विशाखा त्रिपाठी, डॉ श्यामा त्रिपाठी और डॉ कृष्णा त्रिपाठी ने साधुओं को दैनिक उपयोग में आने वाली वस्तुओं के साथ पांच-पांच सौ रूपये दक्षिणा देकर स्वागत किया। कृपालु महाराज के अनुयायी साधुओं के चरण छूकर उनका आशीर्वाद लेते रहे। मंगलवार को प्रेम मन्दिर में चार हजार विधवाओं को भी भोज दिया जाएगा।

इस मौके पर जगद्गुरू कृपालु परिषद की अध्यक्षा सुश्री डॉ विशाखा त्रिपाठी ने कहा कि सनातन धर्म में साधु सेवा सबसे सर्वोपरि बताई गई है। उन्होंने कहा कि यह संस्कार उन्हें जगद्गुरू कृपालु महाराज से मिले हैं। उन्ही संस्कारों को लेकर जगद्गुरू कृपालु परिषद अपना दायित्व समझकर महाराज श्री के बताए मार्ग पर चल रहा है।

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