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हेल्थ

खाने की ये आदतें देती हैं कैंसर को बुलावा, अगर आपको भी है तो तुरंत बदल दें

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बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे हाल ही में अपने कैंसर का इलाज करा कर न्यूयॉर्क से भारत लौटीं हैं। बता दें कि वे न्यूयॉर्क कैंसर के इलाज के लिए गईं थी। जहां उनकी कीमोथैरेपी हुई। इस दौरान उन्होंने अपनी आंखों की रौशनी और बाल खोने के बारे में भी इंस्टाग्राम पर भावुक होकर जिक्र किया था।

दरअसल, स्वास्थ्य हम सभी के लिए बहुत मायने रखता है। चलिए आज हम आपको कुछ ऐसी आदतों के बारे में बताएंगे जिससे आपको समय रहते ही दूरी बना लेनी चाहिए। आइए जानते हैं उन आदतों के बारे में –

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प्रोसेस्ड मीट – प्रोसेस्ड मीट खाने से कैंसर होता है। मीट को सुरक्षित रखने के लिए जो कैमिकल यूज़ किया जाता है। उसमें सोडियम होता है।इससे मीट में सोडियम नाइट्रेट बनता है जो कैंसर के होने का खतरा बढ़ सकता है।

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डिब्बाबंद टमाटर – टमाटर को लंबे समय तक डिब्बाबंद रखने से बिसफेनॉल-ए नाम का केमिकल बनता है। जो कैंसर को बढ़ावा देता है।

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माइक्रोवेव पॉपकॉर्न – माइक्रोवेव में बनाए गए पॉपकॉर्न कैंसर की वजह बनते हैं। माइक्रोवेव में पॉपकॉर्न डालने से परफ्यूरोक्टानोइक एसिड बनता है। जो कैंसर का खतरा बढ़ता है।

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नॉन ऑर्गेनिक फल – जो फल लंबे समय से कोल्डस्टोरेज में रखे रहते हैं, उनकी लाख सफाई के बावजूद उनपर कैमिकल की परत चढ़ी ही रहती है। इसकी वजह से कैंसर हो सकता है।

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सालमन मछली – सालमन मछलियों को पानी के छोटे टैंकों में पाला जाता है। जो सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। इससे भी कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

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आलू चिप्स – हमारे देश में एक तरफ आलू के चिप्स को तमाम कंपनियां पैक कर के बेचती हैं, जबकि आलू चिप्स में सोडियम, नकली रंग का यूज़ किया जाता है। जो कैंसर सेल्स के पनपने का एक कारण बन सकता है।

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जमा हुआ रिफाइंड – जमने वाले तेल सब्जियों और पौधों से कैमिकल क्रियाओं द्वारा प्राप्त किए जाते हैं। जिसकी वजह से उनमें ओमेगा-6 की मात्रा अधिक होती है। हाइड्रोजनीकृत तेल से कैंसर और हृदय संबंधी रोग हो सकते हैं।

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अगर आप यूज़ करते हैं ईयरफोन, तो एक बार जरूर पढ़ें ये ख़बर!

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अक्सर आपने देखा होगा, जो अपने कानों में ईयरफोन लगाकर अपना काम करते रहते हैं। कुछ लोग तो ड्राइविंग करते हुए भी कानों में ईयरफोन लगाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ईयरफोन लगाने के कितने घातक नुकसान हो सकते हैं। ईयरफोन के शौकीन न सिर्फ खुद की जान से खलेते हैं बल्कि उनकी वजह से जो व्यक्ति नियमों का पालन करते हुए गाड़ी चला रहा है वह भी दुर्घटना का शिकार हो रहा है। चलिए जानते हैं इस ख़बर में-

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ईयरफोन यूज़ करने से होता हैं नुकसान –
अगर हम ईयरफोन का तेज ध्वनि में अत्यधिक उपयोग करते हैं तो वह हमारे कानों के पर्दो के लिए बेहद हानिकारक है। इससे हमारे कान के पर्दे कंपन करने लगेंगे, साथ ही 1 दिन ऐसी स्थिति बन जाएगी कि आपको पास में बैठे व्यक्ति की भी आवाज दूर से आएगी।
हमारे कान 65 डेसीबल तक की आवाज सहन करने में सक्षम है। जब हम ईयरफोन को उपयोग में लेते हैं तो उसमें कम से कम 100 डेसिबल की आवाज सुनाई देती है। इसका मतलब अगर हम केवल 1 दिन 10 घंटे से ज्यादा समय तक लगातार 100 डेसिबल की आवाज सुनते हैं तो हम बहरे हो सकते हैं।

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कानों में ईयरफोन लगाकर नियमित रूप से उपयोग करने पर हमें तीसरा सबसे बड़ा नुकसान यह होता है कि हम सर दर्द, डिप्रेशन, नींद नहीं आने और मानसिक तनाव से ग्रसित हो जाते हैं। अगर आप भी ऐसी किसी परेशानी से ग्रसित है तो ईरफ़ोन का कम से कम यूज़ करें।
ईयर फोन से हमारे कानों की कोशिकाओं पर काफी गलत असर पड़ता है। अगर हम 10 मिनट तक भी नियमित रूप से कानों में ईरफ़ोन लगाते हैं तो उससे हमारे कानों की कोशिकाएं नष्ट होना शुरू हो जाती है, साथ ही तेजी से बैक्टीरिया उत्पन्न होने लगता है।
अगर आप संगीत सुनने का शौक रखते हैं और अक्सर इसे सुनने के लिए ईयर फोन का प्रयोग करने हैं, तो ध्यान रखें कि 2 घंटे से अधि‍क समय तक तेज आवाज को न सुनें। यह आपके कानों को बड़ी क्षति पहुंचा सकता है।

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