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बच्चों को पढ़ाने से पहले ये टीचर उतार देती है अपने कपड़े, वजह जान दांतों तले उंगलियां दबा लेंगे आप!

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हैडलाइन पढ़कर आपको गुस्सा आ रहा होगा कि कैसी टीचर है, बच्चों के सामने ऐसा कैसे कर सकती हैं? लेकिन असिलियत जानकर आप उसकी तारीफ किए बिना रह नहीं पाएंगे। दरअसल, ये टीचर नीदरलैंड में रहती हैं। इसका नाम ड्रेबी हेरकेंस हैं। ये जीरो हार्ट रिजनावेड स्कूल में जीव विज्ञान की टीचर है।

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आपको बता दें, जीव विज्ञान कि टीचर ने अपनी क्लास में बच्चों की पढाई में दिलचस्पी बढ़ाने का एक ऐसा अनोखा तरीका निकाला है। वह अपनी क्लास में बच्चों के सामने कपड़े बदल बदल कर बायोलॉजी पढ़ाती हैं।

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दरअसल, बच्चों को अच्छी तरह से पढ़ाने और समझाने के लिए वो अपनी टेबल पर खड़ी हो जाती है। और अपने कपड़े बदलती हैं। और उन कपड़ों के अंदर वह एक ऐसी ड्रेस पहनी हुई होती हैं। जिसमें शरीर से जुड़ी हुई संरचना और हड्डियों के चित्र छपे हुए होते हैं।

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इस महिला टीचर ने बताया कि है कि इस तरह बढ़ाने से बच्चों को जल्दी समझ आ जाता है। यह महिला टीचर इसी तरह से बच्चों को पढ़ाने के लिए नए-नए कलात्मक उपाय ढूंढती रहती है।

अन्तर्राष्ट्रीय

पीएम मोदी ने यूएई में की रुपे कार्ड की शुरुआत

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नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई में शनिवार को रुपे कार्ड की शुरुआत की और इस कार्ड का इस्तेमाल कर एक किलो लड्डू भी खरीदा। यह कार्ड मास्टरकार्ड या वीजा कार्ड के समकक्ष होगा।

संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत नवदीप सिंह सूरी ने अमीरात पैलेस में इस कार्ड के लॉन्च के दौरान घोषणा की कि मध्य पूर्व में संयुक्त अरब अमीरात पहला ऐसा देश है, जहां रुपे कार्ड की शुरुआत की गई। यूएई में अगले हफ्ते से कई प्रमुख व्यवसायिक प्रतिष्ठानों या दुकानों में इसे स्वीकार किया जाएगा।

मोदी ने अपने रुपे कार्ड का उपयोग लॉन्च के दौरान यहां स्थापित किए गए एक मॉक छप्पन भोग अबू धाबी आउटलेट से लड्डू खरीदे।

छप्पन भोग के मालिक और प्रबंध निदेशक विनय वर्मा ने खलीज टाइम्स को बताया, “कार्ड का उपयोग कर उन्होंने एक किलो मोतीचूर के लड्डू खरीदे।”

राजदूत सूरी ने कहा कि यूएई में तीन बैंक अमीरात एनबीडी, बैंक ऑफ बड़ौदा और फैब अगले हफ्ते से इसे जारी करना शुरू कर देंगे।

यूएई के मरक्यूरी पेमेंट सर्विसेज और भारत के नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन के बीच दोनों देशों बीच भुगतान प्लेटफॉर्म के लिए टेक्नोलॉजी इंटरफेस स्थापित करने के लिए एक एमओयू (समझौता ज्ञापन) का आदान-प्रदान किया गया।

लुलु फाइनेंशियल ग्रुप के प्रबंध निदेशक अदीब अहमद ने कहा कि कम ट्रांजक्शन प्रॉसेसिंग शुल्क रुपे को बैंक, व्यापारियों और ग्राहकों के लिए आर्थिक रूप से अधिक उपयोगी बनाता है और समाज के एक बड़े हिस्से तक पहुंचने के लिए व्यापार द्वारा इसका अधिक से अधिक लाभ उठाया जा सकता है।

उन्होंने कहा, “यूएई में आने वाले पर्यटकों में भारतीय सबसे ज्यादा होते हैं, जो अब यहां रुपे कार्ड का इस्तेमाल कर पाएंगे, क्योंकि अधिक रणनीतिक साझेदारी इसे और अधिक उपयोगी बनाएगी।”

 

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