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प्रयागराज में हुआ भाजयुमो का युवा संसद कार्यक्रम, सुनील बंसल रहे मुख्य अतिथि

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भारतीय जनता युवा मोर्चा काशी क्षेत्र के अंतर्गत युवा संसद कार्यक्रम कल प्रयागराज में हुआ। मुख्य अतिथि प्रदेश महामंत्री (संगठन) भाजपा सुनील बंसल ने युवा संसद कार्यक्रम के सत्र के दौरान युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि लोक सभा और विधानसभाओं के चुनाव साथ कराने के मसले पर भाजपा समर्थन में हैं और इस मुद्दे पर सभी दलों को भी आम राय बनाते हुए साथ आना चाहिए। इससे हम पांच साल विकास पर ध्यान दे सकेंगे।

सुनील बंसल ने आगे कहा कि आजादी के बाद शुरुआती सालों में लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ होते थे। हालांकि, इसके लिए कोई संवैधानिक बाध्यता नहीं थी। तकरीबन 15 साल तक विधानसभाओं के चुनाव लोकसभा चुनावों के साथ चले लेकिन बाद में यह चक्र बदला। अब एक बार फिर से दोनों चुनाव एक साथ कराने की बात चल रही है तो इसके फायदों को समझना प्रासंगिक है।

बता दें कि पिछले कुछ समय से केंद्र सरकार इस बात के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने की कोशिश कर रही है कि लोकसभा और राज्यों की विधानसभा के लिए एक साथ चुनाव हों। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी अपने वक्तव्य में भी कई बार यह बात कह चुके हैं।

वहीँ, भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष यदुवंश ने युवा संसद कार्यक्रम में विकास के अवसर एवं चुनौतियों के विषय पर उपस्थित युवा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि विपक्षी पार्टियां सदैव संवाद शून्य और विचार हीन रही है जबकि भाजपा सदैव विचार और संवाद का सम्मान करने वाली पार्टी है उन्होंने आगे कहा कि विचार से ही लोकतंत्र चलता है संसद विचार को जानने और समझने का मुख्य केंद्र होता है जहां चुनौतियों पर चिंतन कर उसके समाधान का रास्ता निकाला जाता है।

युवा मोर्चा प्रदेश मीडिया प्रभारी धनंजय शुक्ला ने जानकारी दी कि इस अवसर पर क्षेत्रीय संगठन मंत्री रत्नाकर जी, कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी, क्षेत्रीय युवा मोर्चा अध्यक्ष राजेश राजभर, प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक दुबे, चेत नारायण सिंह, प्रदेश महामंत्री देवेंद्र सिंह पटेल, अजय राय, आयुषी श्रीमाली आदि अन्य युवा मोर्चा पदाधिकारी व कार्यकर्ता युवा संसद कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

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बसपा के 6 विधायकों ने दिया मायावती को झटका, कांग्रेस में हुए शामिल

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नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती को बड़ा झटका लगा है। यह झटका राजस्थान में उनके 6 विधायकों ने दिया है। सोमवार को राजस्थान में बसपा के टिकट से चुनाव जीतने वाले विधायकों ने कांग्रेस का दामन थाम लिया।

विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने के बाद अब राजस्थान में सरकार और भी ज्यादा मजबूत स्थिति में आ गई है। इससे पहले बसपा के ये 6 विधायक कांग्रेस को बाहर से समर्थन दे रहे थे।

बसपा विधायकों ने सोमवार देर रात कांग्रेस की सदस्यता ली। रात 10:30 बजे सभी विधायक विधानसभा पहुंचे और कांग्रेस में शामिल हुए।

इन विधायकों में राजेन्द्र गुढा (विधायक, उदयपुरवाटी), जोगेंद्र सिंह अवाना (विधायक, नदबई), वाजिब अली (विधायक, नगर), लाखन सिंह मीणा (विधायक, करोली), संदीप यादव (विधायक, तिजारा) और बसपा विधायक दीपचंद खेरिया शामिल हैं।

विधायक जोगेंद्र सिंह अवाना ने कहा कि सभी छह विधायकों ने जरुरी कागजात सब्मिट कर दिए हैं। ढेर सारी चुनौतियां थीं। एक तरफ हम राज्य में कांग्रेस सरकार का समर्थन कर रहे हैं और दूसरी तरफ हम उनके खिलाफ संसद चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में हमने हमारे निर्वाचन क्षेत्रों के विकास और राज्य के लोगों के कल्याण को देखते हुए यह कदम उठाया है।

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