Connect with us

नेशनल

इस मुस्लिम शख्स ने बनाई रामजन्म भूमि पर फिल्म, ट्रेलर देखकर सब हुए हैरान!

Published

on

लखनऊ। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भारत में उठ रही मांगों के बीच अब एक मुस्लिम शख्स ने इस पर एक फिल्म बनाई है।

सोमवार को इस फिल्म का ट्रेलर भी लांच किया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह फिल्म दिसंबर में बड़े पर्दे पर रिलीज होगी।

अगर राम जन्म भूमि पर फिल्म बनाने वाले मुस्लिम शख्स के बारे में आप भी सोच रहे हैं तो बता दें कि यह कोई और नहीं बल्कि शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी हैं। वसीम ने ही इस फिल्म का निर्माण किया है।

अयोध्या में 1990 में हुए गोलीकांड के बाद उपजे हालातों पर आधारित फिल्म ‘राम जन्मभूमि’ का सोमवार को पोस्टर व ट्रेलर लॉन्च किया गया। वसीम रिजवी द्वारा निर्मित यह फिल्म दिसंबर में सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

राजधानी के एक होटल में फिल्म के पोस्टर व ट्रेलर लॉन्च के अवसर पर वसीम रिजवी ने कहा कि इस फिल्म में किसी समुदाय या फिर धार्मिक भावनाओं को आहत नहीं किया गया है।

समाज में फैली बुराइयों को फिल्म के माध्यम से सामने लाने की कोशिश की गई है। नफरत का माहौल खत्म हो यही फिल्म का उद्देश्य है।

उन्होंने बताया कि खास बात यह है कि वसीम रिजवी ने खुद फिल्म की कहानी लिखी और निमार्ता भी वही (वसीम रिजवी) हैं। साथ ही फिल्म के अधिकतम हिस्सों का फिल्मांकन भी अयोध्या में किया गया है।

नेशनल

सुप्रीम कोर्ट ने संविधान से इंडिया शब्द हटाने वाली याचिका पर सुनवाई से किया इनकार

Published

on

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने संविधान से इंडिया शब्द हटाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को सुनवाई करते हुए कहा कि याचिका को सरकार के पास रिप्रेजेंटेशन के तौर पर माना जाए और केंद्र को ज्ञापन दिया जा सकता है। मुख्य न्यायधीश एसए बोबडे ने कहा कि हम ये नहीं कर सकते क्योंकि पहले ही संविधान में भारत नाम ही कहा गया है।

यह याचिका नमह (Namah) नामक दिल्ली के किसान की ओर से कोर्ट में डाली गई थी और संविधान के आर्टिकल-1 में बदलाव की मांग की गई थी। याचिका में याचिकाकर्ता की ओर से ‘इंडिया’ को हटाकर ‘भारत’ नाम की मांग की गई थी।

याचिकाकर्ता का कहना था कि इंडिया नाम अंग्रेजों की गुलामी का प्रतीक है। देश का नाम अंग्रेजी में भी भारत करने से लोगों में राष्ट्रीय भावना बढ़ेगी और देश को अलग पहचान मिलेगी। याचिका दायर करने वाले नमह ने कहा कि प्राचीन काल में देश को भारत के नाम से जाना जाता था। आजादी के बाद अंग्रेजी में देश का नाम ‘इंडिया’ कर दिया गया इसलिए देश के असली नाम ‘भारत’ को ही मान्यता दी जानी चाहिए।

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending