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मेक इन ओडिशा कॉन्क्लेव 2018 में शीर्ष उद्योगपति होंगे शामिल

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 भुवनेश्वर, 8 नवंबर (आईएएनएस)| मेक इन ओडिशा कॉन्क्लेव 2018 की तैयारियां जोरों पर है, जहां देश-विदेश के 800 से ज्यादा उद्योगपतियों के शामिल होने की उम्मीद है।

 मेक इन ओडिशा कॉन्क्लेव 2018 राज्य की प्रमुख निवेशक सम्मेलन है, जिसका आयोजन हर दो साल पर किया जाता है।

उद्योग सचिव संजीव चोपड़ा ने बताया कि इस साल इसका आयोजन 11 से 15 नवंबर तक किया जा रहा है, जिसमें देश के शीर्ष उद्योगपतियों – रिलायंस इंडस्ट्रीज लि. के अध्यक्ष मुकेश अंबानी, आदित्य बिरला समूह के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिरला, टाटा संस के अध्यक्ष नटराजन चंद्रशेखरन और वेदांत समूह के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल शामिल हैं।

इसके अलावा सम्मेलन में एसबीआई (भारतीय स्टेट बैंक) और बंधन बैंक के अध्यक्ष भी भाग लेंगे।

चोपड़ा ने कहा, “हम विदेशी निवेश के साथ ही देशी निवेश पर भी ध्यान दे रहे हैं। कॉन्क्लेव में हर क्षेत्र पर जोर दिया जाएगा और समूचे राज्य में निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा।”

उन्होंने बताया कि घरेलू उद्योगपतियों के अलावा इसमें छह देशों के निवेशकों ने भागीदारी की पुष्टि की है, जिसमें जापान, फ्रांस, रूस, जर्मनी, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल है।

जापान मेक इन इंडिया कॉन्क्लेव का भागीदार देश है।

चोपड़ा ने कहा, “12 नवंबर को जापान की कंपनियों के लिए एक समर्पित सत्र का आयोजन किया गया है।”

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फेसबुक ने रूसी सरकार से जुड़े 3 पेज डिलीट किए

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 सैन फ्रांसिस्को, 17 फरवरी (आईएएनएस)| प्रौद्योगिकी कंपनी फेसबुक ने अपने प्लेटफॉर्म पर वायरल वीडियो कंपनी मैफिक मीडिया द्वारा चलाए जा रहे तीन वीडियो केंद्रित पेजों को डिलीट कर दिया है, क्योंकि इन पेजों ने रूस के साथ अपने संबंधों का उचित रूप से खुलासा नहीं किया।

  रूसी सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्राप्त राजकीय आरटी (औपचारिक रूप से रसिया टुडे) की सहायक कंपनी, रुप्टली के मैफिक मीडिया में 51 फीसदी हिस्सेदारी है।

सीएनएन ने फेसबुक के एक प्रवक्ता के शुक्रवार के बयान के हवाले से कहा, “इन पेजों से जुड़े लोगों को इन पेजों से संबद्ध लोगों के बारे में गुमराह नहीं होना चाहिए। हम लगातार सुधार करेंगे, जिससे लोगों को उन पेजों की अधिक जानकारी मिल सके, जिन्हें वे फॉलो करते हैं।”

फेसबुक ने पेजों के एडमिनों तक पहुंचने के लिए उन पेजों को निरस्त कर दिया। कंपनी एडमिनों से यह खुलासा करने की मांग करना चाहती है कि पेज कहां से चलाए जा रहे हैं। फेसबुक प्लेटफॉर्म पर वापस आने के लिए उनकी मूल कंपनी से उनकी संबद्धता भी जानना चाहता है।

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, युवाओं से अपील करने वाले इन पेजों को फेसबुक पर करोड़ों लाइक्स मिल चुके हैं, लेकिन इन पेजों ने यह खुलासा नहीं किया कि वे रूसी सरकार द्वारा चलाए जा रहे हैं।

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