Connect with us

नेशनल

Govardhan Puja 2018: इस शुभ मुहूर्त पर करें पूजा, होगा जबरदस्त लाभ!

Published

on

नई दिल्ली। दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा होती है। इस दिन लोग अपने घरों में गाय के गोबर से गोबर्धन बनाते हैं। इस त्योहार को अन्नकूट पर्व भी कहा जाता है।

इस दिन गोवर्धन पर्वत की पूजा कर भगवान को छप्पन भोग प्रसाद भी चढ़ाया जाता है। गोवर्धन पूजा का श्रेष्ठ समय प्रदोष काल में माना गया है। पूजा के लिए आज रात 09 बजकर 07 मिनट तक का समय सबसे शुभ है। इस समय तक पूजा की जा सकती है।

हिंदू धर्म के मान्यताओं के अनुसार ब्रजवासियों की रक्षा के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी दिव्य शक्ति दिखाते हुए विशालकाय गोवर्धन पर्वत को महज छोटी अंगुली में उठाकर हजारों जीव-जतुंओं और इंसानी जिंदगियों को भगवान इंद्र के कोप से बचाया था। माना जाता है कि इस दिन जो भी श्रद्धापूर्वक पूजा करता है उसे सुख समृद्धि प्राप्त होती ह

ऐसे होती है पूजा

सबसे पहले गोबर्धन तैयार कर उसे फूलों से अच्छी तरह से सजाया जाता है फिर शाम के समय इसकी पूजा की जाती है। पूजा में धूप, दीप, दूध नैवेद्य, जल, फल, खील, बताशे आदि का इस्तेमाल किया जाता है। मान्यताओं के अनुसार इस दिन जो कोई मथुरा स्थित गोवर्धव पर्वत की परिक्रमा करता है उसे मोक्ष प्राप्त होता है।

 

 

नेशनल

भारतीय वैज्ञानिकों ने रचा इतिहास, चंद्रयान-2 को चांद की कक्षा में सफलतापूर्वक पहुंचाया

Published

on

नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिकों ने मंगलवार को चंद्रयान-2 को चांद की पहली कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश करा कर इतिहास रच दिया है।

चांद के ऑर्बिट में चंद्रयान-2 को प्रवेश कराना वैज्ञानिकों के लिए बहुत ही चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था। वैज्ञानिकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती चंद्रयान-2 की गति कम करने की थी जिसे इसरो वैज्ञानिकों ने सफलतापूर्वक 10.98 किमी प्रति सेकेंड से 1.98 किमी प्रति सेकेंड कर दिया।

वैज्ञानिकों ने सुबह 8.30 से 9.30 बजे के बीच चंद्रयान-2 को चांद की कक्षा LBN#1 में प्रवेश कराया। अब चंद्रयान-2, 118 किमी की एपोजी (चांद से कम दूरी) और 18078 किमी की पेरीजी (चांद से ज्यादा दूरी) वाली अंडाकार कक्षा में अगले 24 घंटे तक चक्कर लगाएगा।

आपको बता दें कि चंद्रयान-2 की गति 90 फीसदी इसलिए कम की गई है ताकि यान चांद गुरूत्वाकर्षण की वजह से उसके सतह से टकरा न जाए। पहले ऑर्बिट में प्रवेश के बाद 7 सितंबर को चंद्रयान-2 चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेगा। चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को श्रीहरिकोटा प्रक्षेपण केंद्र से रॉकेट बाहुबली के जरिए प्र‍क्षेपित किया गया था।

इससे पहले 14 अगस्त को चंद्रयान-2 को ट्रांस लूनर ऑर्बिट में डाला गया था. उम्मीद जताई जा रही है कि 7 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंद्रयान-2 की चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग को लाइव देखेंगे।

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending