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ब्रिक्स वैश्विक आर्थिक शासन पर आवाज उठाए : चीन

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ब्रिस्बेन| चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा है कि ब्रिक्स देशों को अंतर्राष्ट्रीय बहुपक्षीय सहयोग में सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए और वैश्विक आर्थिक शासन को लेकर आवाज उठानी चाहिए। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, शी ने जी-20 से अलग ब्रिक्स नेताओं की बैठक में यह बात कही। शी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा और ब्राजील की राष्ट्रपति डिल्मा रौसेफ के साथ हुई मुलाकात के दौरान कहा कि आर्थिक सहयोग ब्रिक्स देशों के विकास के लिए ऊर्जा गृह का काम करता है।

उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों को आर्थिक सहयोग का एक दीर्घकालिक खाका तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध रहना चाहिए और बाजार को आंतरिक रूप से जोड़ कर, वित्तीय एकीकरण, आधारभूत संरचनाओं को जोड़ कर आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना चाहिए। शी ने कहा कि सभी पक्षों को नए विकास बैंक और आकस्मिक रिजर्व व्यवस्था बनाने के लिए प्रयास तेज करने चाहिए क्योंकि दोनों का ही काफी महत्व है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स को आगे वैश्विक राजनीति और सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग और समन्वय बढ़ाना चाहिए। चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि सकारात्मक नतीजों के लिए जी-20 शिखर सम्मेलन में सहयोग और समन्वय बढ़ाने की जरूरत है।

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कांपते हुए कुरैशी ने कहा था- 9 बजे भारत हम पर हमला कर देगा, डर के मारे पाकिस्तान ने अभिनंदन को किया था रिहा

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नई दिल्ली। बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद भारत में घुसने की कोशिश कर रहे पाकिस्तानी एफ 16 को भारतीय पायलट अभिनंदन ने अपने मिग विमान से मार गिराया था। हालांकि इस कार्रवाई में अभिनंदन का विमान पाकिस्तानी सीमा में क्रैश कर गया था जिसके बाद पाकिस्तान ने भारतीय पायलट को बंदी बना लिया था। हालांकि भारत सरकार के दबाव में पाकिस्तान को उन्हें कुछ ही घंटों के अंदर भारत वापस भेजना पड़ा।

अभिनंदन को भारत वापस भेजने के पीछे पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने इलाके में शांति की दुहाई दी थी, जो पूरी दुनिया के किसी भी शांति प्रिय देश को रास नहीं आई थी। अब पाकिस्तान के एक बड़े नेता सरदार अयाज सादिक ने जो खुलासा किया है उसने दुनिया को बता दिया है कि भारत जैसे शक्तिशाली देश के आगे पाकिस्तान क्या औकात रखता है।

उन्होंने पाकिस्तानी संसद में बताया कि अभिनंदन को भारत को सौंपने से पहले पाकिस्तानी सरकार में हड़कंप मचा हुआ था। अभिनंदन को छोड़ जाने से पहले एक मीटिंग में पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के पैर कांप रहे थे। उन्होंने कहा, “मझे याद है शाह महमूद कुरैशी साहब उस मीटिंग में थे जिसमें आने से वजीर-ए-आलम ने इंकार कर दिया, चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ तशरीफ लाए। पैर कांप रहे थे, पसीने माथे पर थे और हमसे शाह महमूद साहब ने कहा, फॉरेन मिनिस्टर साहब ने, कि खुदा का वास्ता अब इसको वापस जाने दें, क्योंकि 9 बजे रात को हिंदुस्तान पाकिस्तान पर अटैक कर रहा है।”

पाकिस्तानी नेता के इस खुलासे के बाद पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी लोग जमकर चर्चा कर रहे हैं। आपको बता दें कि बालाकोट स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने अपने एयर स्पेस में विमानों की मूवमेंट को पूरी तरह से रोक दिया था, जानकारों ने कहना है कि इसके पीछे भी इमरान सरकार को भारतीय वायुसेना के हवाई हमले का डर था।

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