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सीएम देवेंद्र फडणवीस की पत्नी ने किया खतरनाक स्टंट, नहीं की जान की परवाह

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आज के दौर में अक्सर लोग सेल्फी लेते वक्त अपनी जिन्दगी खतरे में डाल देते हैं। सेल्फी के चक्कर में कई लोगों की मौत हो गयी। हम आज सेल्फी और मौत की इसलिए बात कर रहे हैं, क्योंकि महाराष्ट्र के सीएम देवेन्द्र फड़नवीस की वाइफ ने अमृता फड़नवीस ने भी सेल्फी के चक्कर बेहद खतरनाक स्टंट किया।

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दरअसल, शनिवार को मुम्बई-गोवा क्रूज के उद्घाटन के अवसर पर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, उनकी वाइफ और केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी मौजूद थे। क्रूज पर यात्रा के दौरान सीएम और केन्द्रीय मंत्री जहां नजारे का आनंद ले रहे थे वहीं, सीएम की बीवी को सेल्फी लेने का खुमार आ गया।

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कार्यक्रम के बाद अमृता फड़नवीस क्रूज के सामने वाले हिस्से में बनी रेलिंग को पार कर सेल्फी निकालने पहुंच गई। इस दौरान सुरक्षा अधिकारियों के होश उड़े रहे। वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी ने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन वह अपनी जान जोखिम में डालकर सेल्फी लेती रहींं।

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गुजरात के साबरमती जेल में 8 कैदी पाए गए कोरोना पॉजिटिव

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नई दिल्ली। गुजरात के साबरमती सेंट्रल जेल में कोविड परीक्षण के दौरान कम से कम आठ कैदियों को इस बीमारी से संक्रमित पाया गया है।गुजरात हाईकोर्ट में 2019 के एक हत्या मामले में आरोपी मनुभाई देसाई की जमानत याचिका को मंजूरी दिए जाने के बाद साबरमती सेंट्रल जेल के अधिकारियों ने उसे घर भेजने से पहले उसका परीक्षण करने का फैसला किया।

परीक्षण में आठ कैदियों के कोरोना पॉजिटिव होने का पता चला। यह पहला उदाहरण है जब कैदियों ने बाहरी दुनिया से संपर्क नहीं किया है और जेल के अंदर उन्हें पॉजिटिव पाया गया है। सभी कोविड पॉजिटिव कैदियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

देसाई ने अपनी बीमार पत्नी का हवाला देते हुए उच्च न्यायालय में जमानत की अर्जी दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि उसे अपने बच्चों के साथ रहने की जरूरत है, क्योंकि उसका घर अहमदाबाद के कंटेनमेंट जोन में है।

उसे संदेह था कि उसकी पत्नी वायरस के संपर्क में आई होगी, इसलिए अदालत ने उसकी पत्नी को आरटी-पीसीआर परीक्षण का आदेश दिया, लेकिन वह्र नेगेटिव निकली।

अदालत को यह आशंका थी कि यदि पत्नी पॉजिटिव होती, तो वह न केवल बच्चों को संक्रमित कर सकती थी, बल्कि देसाई भी जेल वापस आते समय अपने साथ वायरस ला सकता था। हालांकि बाद में उसकी पत्नी के एक पॉजिटिव रोगी के संपर्क में आने के बाद उसे क्वारंटीन कर दिया गया।

इस बात की जानकारी मिलने के बाद एक बार फिर मनुभाई ने अपने बच्चों के साथ रहने के लिए गुजरात हाईकोर्ट में जमानत की अर्जी दायर की। अदालत ने इसे मंजूर कर लिया और उसे बिना परीक्षण कराए आगे नहीं बढ़ने के लिए भी कहा। गुजरात उच्च न्यायालय ने गुरुवार को इस कैदी का कोरोना परीक्षण कराने का आदेश दिया।

साबरमती सेंट्रल जेल के पुलिस उपाधीक्षक डीवी राणा ने बताया, “हमने पाया कि मनुभाई के अलावा, उनके बैरक से चार अन्य कैदी भी पॉजिटिव थे और अन्य बैरकों से तीन और कैदियों को पॉजिटिव पाया गया। यह पहली बार है, जब जेल के अंदर ही कैदी ऐसे पॉजिटिव पाए गए हैं।”

 

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