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प्रमुख खबरों को छोड़ सलमान के डॉगी के मरने की खबर को प्रमुखता से दिखाना कितना जायज?

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सलमान

मुंबई। गुरूवार को जब पूरा देश दशहरे के त्यौहार को बड़े ही धूमधाम से मना रहा था उस समय भारतीय मीडिया इन त्योहारों से संबंधित खबर को लोगों तक पहुंचाने की बजाय सलमान खान के डॉगी के मरने की खबर को प्रमुखता दे रहा था।

इस तरह की खबर को प्रमुखता देने की वजह से मीडिया पर एक बार फिर से सवाल खड़े होने लगे हैं कि क्या मीडिया सच में अपना काम सही ढंग से कर रही है?

आजकल के दौर में मीडिया मंच ऐसी खबरों को महत्व दे रहा जो किसी बड़ी सेलेब्रिटी से जुड़ी हो और बहुत सी बड़ी खबरें लोगों तक पहुंचने से वंचित रह जाती हैं। बता दें कि शुक्रवार को दशहरे का त्यौहार था, हर तरफ खुशियों का माहौल था।

लोगों तक शायद इससे जुड़ी खबरें कम पहुंच पाई होंगी जितनी की बॉलीवुड के दबंग स्टार सलमान खान के एक डॉगी के मरने की पहुंचाई गई।

इस खबर को मीडिया ने इतनी गंभीरता से लिया कि पीएम मोदी की शिरडी यात्रा की खबर तक छुप सी गई।
आपको बता दें कि गुरुवार के सलमान का पालतू डॉग ‘माय लव’ (My Love) की रात में मौत हो गई।

सलमान ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इमोशनल मैसेज लिखते हुए इसकी जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट किया, ”मेरी सबसे प्यारी ‘मॉय लव’ आज चली गई। भगवान उसकी आत्मा को शांति दे।” इसे बाद से ही इस खबर ने मीडिया में अपनी जगह बना ली, जो पूरी तरह निरर्थक था।

नेशनल

कोरोना वायरस से चीन में 9 की मौत, भारत में अलर्ट जारी

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बीजिंग। चीन में सार्स नाम के एक नए विषाणु से अब तक कम से कम 9 लोगों की मौत हो चुकी हैं। शीर्ष नेताओं ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि वे ऐसे मामलों को दबाए नहीं। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी इस घातक बीमारी से लड़ने के लिये इसे अंतरराष्ट्रीय जन स्वास्थ्य आपदा घोषित करने पर विचार विमर्श कर रहा है। वहीँ चीन में इससे प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर लगभग 440 हो गई है।

भारत में अलर्ट

भारत में भी केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की एडवाइजरी के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी एयरपोर्ट्स को चीन से आने वाले यात्रियों की जांच करने के कड़े निर्देश दिए हैं। कोरोना वायरस की स्क्रीनिंग के लिए सभी एयरपोर्ट्स को तुरंत लॉजिस्टिक सपोर्ट की व्यवस्था के लिए निर्देश दिए गए हैं, जिन यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा रही है उसमें हांगकांग से भारत पहुंचने वाले यात्री भी मौजूद हैं।

सालों तक जिंदा रह सकता है ये वायरस

इस वायरस की सबसे खतरनाक बात ये है कि इसका वायरस कुछ माह से लेकर वर्षों तक भी जिंदा रह सकता है। इतना ही नहीं तापमान के अधिक गिरने पर भी यह वायरस जिंदा रह सकता है। इसके हवा में तेजी से फैलने की जानकारी भी कुछ जगहों पर सामने आई है। मल में इसका वायरस तलाशा जा चुका है और उस माहौल में यह करीब चार दिनों तक जिंदा रह सकता है। यूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की मानें तो यह वायरस से ग्रसित रोगी के ठीक होने के बाद भी यह वायरस दोबारा हमला कर सकता है। इसके मुताबिक इस वायरस के संपर्क में आने के दो से दस दिनों के बाद व्‍यक्ति पर इसका असर दिखाई देने लगता है।

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