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छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को लगा तगड़ा झटका, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बीजेपी में शामिल

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छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव

नई दिल्ली। छत्त्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव होने में अब बस कुछ ही समय बचा है। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों ने सत्ता हासिल करने की पुरजोर कोशिशें शुरु कर दी हैं।

इसी बीच मौजूदा रमन सिंह सरकार को हराने के लिए रणनीति बनाने में जुटी कांग्रेस को विधानसभा चुनाव से ठीक पहले तगड़ा झटका लगा है। शनिवार को कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रामदयाल उइके ने भाजपा का दामन थाम लिया।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बिलासपुर में उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। आपको बता दें कि उइके इस समय पाली तानाखार सीट से विधायक हैं।

बीजेपी ज्वाइन करने के बाद उइके ने कहा, ‘कांग्रेस में आदिवासी नेता की उपेक्षा हुई। कांग्रेस आदिवासी हितैषी नहीं रही। कांग्रेस की कथनी और करनी में फर्क है।’ वहीं छत्तीसगढ़ के सीएम डॉ रमन सिंह ने उइके की तारीफ करते हुए कहा कि उनके पार्टी में शामिल होने से पार्टी और अधिक मजबूत होगी।

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राहुल गांधी के बयान पर भड़की शिवसेना, दे डाली ये नसीहत

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नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान से राहुल गांधी द्वारा सावरकर पर दिए बयान पर अब शिवसेना और कांग्रेस पार्टी के बीच तलवारें खिचती नजर आ रही हैं।

भारत बचाओ रैली के दौरान राहुल गांधी ने सावरकर की दुहाई देते हुए कहा था कि वे ‘रेप इन इंडिया’ वाले अपने बयान पर माफी नहीं मांगेगे क्योंकि उनका नाम राहुल सावरकर नहीं, राहुल गांधी है।

इस बयान से शिवसेना तिलमिला गई है। इसके बाद शिवसेना सांसद संजय राउत ने भी राहुल गांधी पर पलटवार कर दिया। संजय राउत ने कहा, राहुल का बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और सावरकर का बलिदान समझने के लिए राहुल को कांग्रेस नेता कुछ किताबें गिफ्ट करें।

संजय राउत ने मराठी में कहा, “हम पंडित नेहरू, महात्मा गांधी को भी मानते हैं, आप वीर सावरकर का अपमान ना करें, बुद्धिमान लोगों को ज्यादा बताने की जरूरत नहीं होती।”

दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा कि अगर आज भी आप वीर सावरकर का नाम लेते हैं तो देश के युवा उत्तेजित और उद्वेलित हो जाते हैं, आज भी सावरकार देश के नायक हैं और आगे भी नायक बने रहेंगे, वीर सावरकर हमारे देश का गर्व हैं।”

बता दें कि राहुल का इशारा हिंदूवादी नेता विनायक दामोदर सावरकर की ओर से 14 नवंबर, 1913 को ब्रिटिश सरकार को कथित रूप से लिखे गए माफीनामे की तरफ था, जिसे उन्होंने अंडमान की सेलुलर जेल में कैद रहने के दौरान लिखा था।

रेप पर दिए गए बयान को लेकर बीजेपी की ओर से माफी की मांग पर राहुल ने शनिवार को कहा था कि उनका नाम राहुल सावरकर नहीं है, राहुल गांधी है और वे मर जाएंगे पर कभी माफी नहीं मांगेंगे।

 

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