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त्रिची एयरपोर्ट पर दीवार से टकराई एयर इंडिया की फ्लाइट, सवार 136 यात्री सुरक्षित

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गुरुवार को एयर इंडिया के त्रिची (तिरुचेरापल्ली) तमिलनाडु से दुबई जा रही फ्लाइट में एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। दुबई जाने वाली एक फ्लाइट का निचला हिस्सा एटीएस कंपाउंड की दीवार से रगड़ खा गया। हादसे के वक्त फ्लाइट में 136 यात्री सवार थे।

दरअसल, टेक ऑफ करते समय फ्लाइट के पहिए कंपाउंड से टकरा गए। इसके बाद फ्लाइट को मुंबई मोड़ा गया और मुंबई एयरपोर्ट पर इसकी सुरक्षित लैंडिंग करवाई गई। रिपोर्ट के मुताबिक फ्लाइट में सवार किसी भी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।

जानकारी के अनुसार टक्कर की वजह से फ्लाइट के निचले हिस्से को नुकसान पहुंचा था। हालांकि जांच के बाद इसे संचालन के लिए उपयुक्त पाया गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि इससे त्रिची एयरपोर्ट की दीवार भी टूट गई।

बताया जा रहा है कि रात करीब डेढ़ बजे, त्रिची से दुबई के लिए एयर इंडिया के विमान ने उड़ान भरी। उड़ान के दौरान विमान एयरपोर्ट के सेफ्टी वाल से टकरा गया। इसके बाद विमान की इमरजेंसी लैंडिंग मुम्बई एयरपोर्ट पर सुबह 5 बजकर 39 मिनट पर की गई। फिलहाल फ्लाइट पार्किंग में है।

इस घटना में सबसे अच्छी बात यह रही कि किसी यात्री को नुकसान नहीं पहुंचा है। दुबई जाने वाले एयर इंडिया के यात्रियों को अब विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि जहाज की बॉडी को काफी नुकसान पहुंचा है। डीजीसीए ने जांच के आदेश दिए हैं।

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राफेल सौदे पर कांग्रेस ने एक बार फिर किया पीएम मोदी पर तीखा हमला, कह दी ये बड़ी बात!

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नई दिल्ली। राफेल सौदा मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद कांग्रेस पार्टी ने मोदी सरकार पर एक बार फिर से करारा हमला बोला है।  कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि तथ्यात्मक गलती के लिए पूरी तरह से नरेंद्र मोदी पूरी तरह से जिम्मेदार है।

कांग्रेस ने कहा कि अदालत सौदे में भ्रष्टाचार की जांच के लिए सही मंच नहीं है और न ही यह फैसला केंद्र की भाजपा नीत सरकार को ‘क्लीन चिट’ है।

कांग्रेस नेता और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने यहां मीडिया को संबांधित करते हुए कहा कि शुक्रवार का फैसला ‘तथ्यात्मक रूप से गलत’ था, जिसके लिए मोदी नीत केंद्र सरकार जिम्मेदार है।

सिब्बल ने कहा, “फैसले में तथात्मक गलती है, जिसके लिए सरकार जिम्मेदार है, न कि अदालत। अगर आप अदालत को गलत तथ्य देंगे और उस आधार पर अदालत तथ्यात्मक दावे करती है, तो इस मामले में सरकार जिम्मेदार है।”

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने अपने फैसले में कहा था कि ‘सौदे की कीमत से संबंधित जानकारी कैग के साथ साझा की गई है और कैग की रपट लोक लेखा समिति(पीएसी) द्वारा जांची गई’। सिब्बल ने कहा कि कैग की रपट के किसी भी हिस्से को संसद में पेश नहीं किया गया और न हीं यह सार्वजनिक है।

उन्होंने कहा, “हमें महान्यायवादी को पीएसी में तलब करना चाहिए और उनसे पूछना चाहिए कि क्यों इस प्रकार के दावे अदालत के समक्ष किए गए और क्यों ऐसे हलफनामे पेश किए गए, जो सच्चाई नहीं दर्शाते हैं।”

पूर्व कानून मंत्री ने कहा, “अदालत के समक्ष इस तरह के गलत तथ्य पेश करने के लिए महान्यायवादी जिम्मेदार हैं। यह एक संगीन मुद्दा है और संसद में इसपर चर्चा होनी चाहिए। पीएसी महान्यायवादी को बुलाएंगे।”

इस ओर ध्यान दिलाते हुए कि सर्वोच्च न्यायालय ने कीमत के मुद्दे या फिर विमान के तकनीकी पहलुओं पर फैसला नहीं सुनाया, सिब्बल ने मोदी सरकार को फैसले को खुद के लिए क्लीन चिट बताने पर निशाना साधा।

सिब्बल ने भाजपा के प्रमुख नेताओं द्वारा फैसले को मोदी सरकार के लिए क्लीन चिट बताने और कांग्रेस पर राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाने वाले बयानों के संदर्भ में कहा, “यह बचकानी बात है कि सरकार और भाजपा जीत का दावा कर रही है।”

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