Connect with us

IANS News

मप्र में दीवारों से नेताओं की तस्वीरें हटीं

Published

on

भोपाल, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)| मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता क्या लागू हुई, राजधानी से लेकर गांव तक की सड़कें और गलियां नेताओं की तस्वीर से विहीन होने लगी हैं। कई सालों बाद यह मौका आया है, जब नेताओं की तस्वीरों वाले इश्तिहार दीवारों पर नजर नहीं आ रहे हैं। पहले हर तरफ होर्डिग, बैनर और अन्य गुणगान की तस्वीरें और स्लोगन के अलावा कुछ भी नजर नहीं आता था।

राज्य में आचार संहिता के लागू होने के बाद तमाम होर्डिग, बैनर, झंडे, पैंपलेट हटाने से लेकर दीवारों पर लिखे नारों और इश्तिहार को साफ करने का काम जारी है। नगरीय निकाय और पंचायती संस्थाएं अभियान चलाकर शहर को साफ -सुथरा करने में लगी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत का नारा मध्यप्रदेश में राजनीतिक सफाई के तौर पर सार्थक होता नजर आ रहा है, जब राजनेताओं के प्रचार के चलते खुले आसमान को ढकने वाले बैनर-होर्डिग हटाए जा रहे हैं।

राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वी.एल. कांता राव के अनुसार, आचार संहिता छह अक्टूबर को लागू की गई थी और चार दिन अर्थात नौ अक्टूबर तक संपत्ति विरूपण (प्रचार समग्री अधिग्रहण) के अंतर्गत 2,76,000 मामला दर्ज किए जाने के साथ आवश्यक कार्रवाई की गई। इनमें से 2,29,586 प्रकरण शासकीय संपत्ति विरूपण के और 46,480 प्रकरण निजी संपत्ति विरूपण के प्रकरण दर्ज किए गए।

राजनीतिक दल भी इन कार्रवाइयों को सराह रहे हैं। समाजवादी नेता गोविंद यादव का कहना है कि चुनाव की आचार संहिता के बाद जो राजनीतिक दलों के बैनर, होर्डिग को हटाने की कार्रवाई चल रही है, वह तो ठीक है, मगर राजनीतिक प्रदूषण को रोकने के लिए जरूरी है कि एक नीति बनाई जाए और समाज के वातावरण को प्रदूषित होने से रोकने के लिए होर्डिग, बैनर आदि की परंपरा को रोका जाए।

वजह यह है कि वर्तमान में प्रचार के लिए प्लास्टिक से बनी सामग्री का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है जो पर्यावरण प्रदूषण के लिए घातक है।

राजधानी भोपाल हो या इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सागर, अथवा छोटे शहर छतरपुर, टीकमगढ़, झाबुआ, नीमच आदि सब तरफ चुनाव आयोग की सख्ती साफ नजर आ रही है। सरकारी अमला रात-रातभर जुटकर प्रचार सामग्री को जब्त कर रहा है और संबंधितों के खिलाफ मामला भी दर्ज करने में हिचक नहीं दिखा रहा। कई स्थानों पर सरकारी अमले को परेशानी भी आई मगर प्रचार सामग्री को जब्त कर हटा दिया गया।

राजनीतिक प्रचार सामग्री को हटाने के अभियान का ही नतीजा है कि हर तरफ की सड़कें नेताओं की तस्वीरों से विहीन हो गई हैं, सड़कों से गुजरते लोगों की आंखों को यह नजारा काफी सुकून देने वाला है। लोग कहते हैं, चुनाव के परिणाम आने तक तो ऐसा ही रहेगा, मगर सरकार बनते ही फिर सड़क किनारों की दीवारें राजनेताओं की तस्वीरों से रंग जाएंगी।

 

Continue Reading

IANS News

गोवा सरकार के लिए जनता ही असल वेलेंटाइन : मंत्री

Published

on

पणजी, 14 फरवरी (आईएएनएस)| गोवा के कृषि मंत्री विजय सरदेसाई ने वेलेंटाइन्स डे के मौके पर कहा कि सरकार के लिए यहां के लोग ही असल वेलेंटाइन हैं।

उन्होंने यह टिप्पणी दक्षिण गोवा जिले में एक क्षेत्रीय पासपोर्ट केंद्र का उद्घाटन करने के दौरान की।

सरदेसाई ने कहा, “सरकार दक्षिण गोवा की परवाह करती है। हम आपसे प्यार करते हैं। मैं वेलेंटाइन्स डे पर ऐसा कह रहा हूं जब हम एक-दूसरे के साथ प्यार साझा करते हैं।”

वेलेंटाइन्स डे प्यार के इजहार और साझा करने के एक अवसर के रूप में दुनिया भर में मनाया जाता है।

दक्षिण गोवा जिले विशेष रूप से साष्टी उपजिला रोजगार के लिए बाहर जाने वालों का एक प्रमुख केंद्र है। यहां क्षेत्रीय पासपोर्ट केंद्र खोलने के लिए राज्य में मनोहर पर्रिकर सरकार की सराहना करते हुए सरदेसाई ने कहा कि यात्रा लोगों की समझ व्यापक करती है।

उन्होंने कहा, “साष्टी के लोग यात्रा करने वाले होते हैं। हर वह शख्स जिसने दुनिया भर में यात्रा की हैं, उसकी समझ अधिक विकसित होगी।”

 

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending