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लखनऊ : चरमराया पुलिस प्रशासन, दो सगे भाइयों की गोली मारकर हत्या

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ एक बार फिर दहल गई है। लखनऊ में एक बार फिर सनसनीखेज मामला सामने आया हैं। बुधवार रात लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में दो सगे भाईयों की हत्या से हड़कंप मच गया है। मौके पर लखनऊ के एडीजी राजीव कृष्णा, आईजी सुजीत पाडेण्य और एसएसपी कलानिधि नैथानी ने घटना स्थल का निरीक्षण किया।

जानकारी के मुताबिक- ठाकुरगंज इलाके में बेख़ौफ़ बदमाशों ने दो सगे भाइयों इमरान (20) व अरमान (18) को दौड़ा-दौड़ाकर लाठी डंडों से पीटा और बाद में गोली से उड़ा दिया। बताया जा रहा है कि करीब छह बदमाश मुसाहिबगंज की भीड़ भरी बस्ती में दोनों को पीटते रहे, लेकिन कोई उन्हें बचाने के लिए आगे नहीं आया।


प्रभारी निरीक्षक अञ्जनी कुमार पांडेय ने बताया कि मृतकों के पिता दिलदार प्रॉपर्टी डीलर हैं। इमरान कैब चालक है। बुधवार की रात इमरान और अरमान अपने बीमार पिता को दवा देकर लौट रहे थे। तभी कार और बाइक सवार बदमाशों ने इमरान के कैब को ओवरटेक करके उन्हें रोका। इस बीच बदमाशों और इमरान के बीच नोकझोंक हुई। इसके बाद बदमाशों ने उन्हें लाठी-डंडों से पीटा और फिर गोली मार दी। इसके बाद इमरान और अरमान लहूलुहान होकर गिर पड़े। उन्हें ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।

यह वारदात थाने से महज 500 मीटर की दूरी पर हुई। वारदात के बाद पुराने लखनऊ में तनाव को देखते हुए आठ थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। पुलिस सीसीटीवी खंगालने के साथ ही बदमाशों की तलाश कर रही है।

मामले में इमरान और अरमान के भाई रेहान की तरफ से नामजद तहरीर दी गई है। रेहान की तरफ से दर्ज कराई गई एफआईआर में साहिल उर्फ़ छोटू व उसके साथी शिवम और चिन्ना के ऊपर आरोप लगाया गया है। मामले में पुलिस ने तीन नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

PHOTOS COPYRIGHT : GOOGLE 

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अध्यक्ष पद से हटाए गए मनोज तिवारी, आदेश गुप्ता को मिली दिल्ली बीजेपी की कमान

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने दिल्ली में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने मनोज तिवारी को अध्यक्ष पद से हटाकर अब प्रदेश की कमान आदेश गुप्ता को सौंप दी है।

इसके साथ छत्तीसगढ़ का अध्यक्ष विष्णुदेव साय को नियुक्त किया। मनोज तिवारी को पद से क्यों हटाया गया इसके पीछे की वजह फिलहाल साफ नहीं है।

बता दें कि आदेश गुप्ता एक साल पहले तक नॉर्थ एमसीडी के मेयर रह चुके हैं। माना जा रहा है कि व्यापारी वर्ग को लुभाने के लिए बीजेपी ने यह कदम उठाया है। आदेश को जमीन से जुड़ा हुआ नेता माना जाता है।

एक समय वह ट्यूशन पढ़ाकर अपना घर चलाते थे। वो पार्षद रह चुके हैं। इसके अलावा नॉर्थ दिल्ली के मेयर भी रह चुके हैं। यानी दिल्ली की सियासत में उनका तजुर्बा काफी नीचे तक है।

हालांकि, आदेश गुप्ता मनोज तिवारी की तरह चर्चित चेहरा नहीं हैं। आदेश गुप्ता वेस्ट पटेल नगर से पार्षद रहे हैं। इसके साथ ही NDMC स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य भी रहे हैं। दिल्ली बीजेपी में काफी लंबे समय बाद बदलाव किया गया है।

 

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