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जानिए 2014 से 2018 में कितनी बढ़ गई PM मोदी की संपत्ति

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सोमवार को प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से पीएम नरेंद्र मोदी की संपत्ति का नया ब्योरा सामने आ गया है। जिसमें मोदी की चल-अचल संपत्ति का पूरा ब्योरा हैं। वर्तमान समय में उनके पास करीब 2 करोड़ 28 लाख की संपत्ति है जो आज से चार वर्ष पहले यानि 2014 में करीब डेढ़ करोड़ थी। मतलब इन चार वर्षों में पीएम की संपत्ति में करीब 75 लाख रुपए की बढ़ोतरी हुई है।

लोकसभा चुनाव 2014 और अब 2018 में पीएम मोदी की संपत्ति पर एक नजर –

चल-अचल संपत्ति – 2014 में मोदी के पास कुल चल-अचल संपत्ति 1 करोड़ 51 लाख 57 हजार 582 रुपए की थी। 2018 में करीब 2.28 करोड़ रुपए हैं।

मोदी के पास कैश – 2014 में मोदी के पास कैश 29 हजार रुपए था। 2018 में मोदी के पास कैश 48 हजार 944 रुपए है।

पोस्टल सेविंग – 2014 में पोस्टल सेविंग में 4,34,031 रुपए था। 2018 में SBI बैंक में कुल 11,29,690 रुपए जमा हैं।

फिक्स डिपोजिट – 2014 में फिक्स डिपोजिट 44,23,383 रुपए था। 2018 में 1,07,96,288 डिपोजिट है।

इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड डिपॉजिट – 2014 में इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड डिपॉजिट 20 हजार रुपए की थी। 2018 में भी 20 हजार रुपए ही हैं।

गोल्ड ज्वैलरी – 2014 में गोल्ड ज्वैलरी 1 लाख 35 हजार की थी। 2018 में 1 लाख 38 हजार रुपए की है।

ब्याज के रूप में रिफंड – 2014 में ब्याज के रूप में रिफंड आया कुल 1,15,468 रुपए2018 में 1,59,281 रुपए LIC के रूप में है।

बड़ी बात तो यह हैं कि पीएम के नाम पर कोई भी दुपहिया, फोर व्हीलर वाहन रजिस्टर्ड नहीं है।

इसमें पीएम की चल संपत्तियों की कीमत 1,28,50,498 रुपए है और उनके गांधीनगर स्थित आवासीय भूमि की कीमत एक करोड़ रुपए है। पीएमओ पर जारी डेक्लरेशन के अनुसार, ‘पीएम मोदी पर कोई कर्ज भी नहीं है। उनपर किसी बैंक का लोन नहीं है।’

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BIG BREAKING: लोकसभा चुनाव से पहले सलमान खुर्शीद ने कही ऐसी बात, सुनकर चौंक सकते हैं कई कांग्रेसी!

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सलमान खुर्शीद

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में अब बहुत कम समय ही बचा है ऐसे में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस चुनाव के मद्देनजर जोर शोर से तैयारियों में लग गई है।

लेकिन इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और यूपीए सरकार में विदेश मंत्री रहे सलमान खुर्शीद ने चौंकाने वाली बात कही है। खुर्शीद का मानना है कि अगले लोकसभा चुनाव में अकेले दम पर उनकी पार्टी का सत्ता में आना बेहद कठिन है। विपक्षी पार्टियों का गठबंधन कांग्रेस को रोकने के लिए नहीं बल्कि भाजपा को रोकने के लिए बनना चाहिए।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने के लिए अन्य दलों को भी बलिदान और समझौते करने होंगे। कांग्रेस के सभी नेता अच्छी तरह से समझ गए हैं कि देश की सत्ता को बदलने के लिए गठबंधन बहुत जरूरी है।’

खुर्शीद ने आगे कहा, ‘गठबंधन के लिए जो भी बलिदान, समझौते या बातचीत जरूरी होगा, उसके लिए कांग्रेस तैयार है। यह तभी संभव है जब दूसरे दल भी इस तरह का सामंजस्य दिखाना होगा।’

उन्होंने कहा, ‘आज की स्थिति देखते हुए यह कठिन है। अगर हम अकेले दम पर सरकार बनाने का सोचते हैं, तो उसके लिए हमें पांच साल तक काम करना होगा क्योंकि पिछले तीन साल से कांग्रेस गठबंधन के लिए काम कर रही है। कांग्रेस अब अकेले चुनाव लड़ने के बारे में नहीं सोच सकती। इसके लिए हमें पांच साल तक लड़ना पड़ेगा।’

 

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