Connect with us

प्रादेशिक

केरल : ईसाई समुदाय ने खजूर इतवार मनाया

Published

on

तिरुवनंतपुरम,केरल,खजूर-इतवार,गिरजाघरों,जेरूसलम,जुलूस

तिरुवनंतपुरम | केरल में रविवार को पाम संडे (खजूर इतवार) के मौके पर गिरजाघरों में काफी चहल-पहल देखी गई। ईसाई समुदाय प्रभु ईसा मसीह के जेरूसलम में कदम रखने की खुशी में एक-दूसरे को खजूर व नारियल की पत्तियां बांटकर बहुत श्रद्धा भाव के साथ खजूर इतवार मनाता है। माना जाता है कि प्रभु यीशु ने गुड फ्राइडे से पूर्व जब जेरूसलम में अपना पहला कदम रखा था, तो वहां के लोगों ने उनकी राह में सम्मान स्वरूप खजूर की पत्तियां बिछाई थीं।

ईसाई समुदाय के लोग रविवार (आज) से अगले एक सप्ताह तक धार्मिक जश्न मनाएगा। ईस्टर पांच अप्रैल को मनाया जाएगा। इस दौरान अधिकांश ईसाई लोग शाकाहार को तव्वजो देते हैं। इसके अलावा आने दिनों में दिन में एक से ज्यादा बार गिरजाघर जाते हैं। शहर के गिरजाघर की समिति के अध्यक्ष प्रियन जोसेफ ने कहा, “मुझे कल नारियल के पेड़ से हरी-पीली पत्तियां तुड़वाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। मुझे इस काम के लिए उस आदमी को 500 रुपये देने पड़े।” राज्यभर में कई गिरजाघरों के वरिष्ठ बिशप और गिरजाघरों के प्रमुखों ने खजूर इतवार जुलूस की अगुवाई की।

प्रादेशिक

ट्रंप का भारत दौराः अहमदाबाद से ज्यादा खुश हैं यूपी के इस गांव के लोग, जानें वजह

Published

on

नई दिल्ली। ट्रंप के भारत दौरे को लेकर उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है, क्योंकि बस्ती जनपद के बहादुरपुर गांव की बेटी रीता बरनवाल भी अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ भारत आ रही हैं। बता दें कि रीता अमेरिका के परमाणु ऊर्जा विभाग में उच्च पद पर कार्यरत हैं।

रीता के पिता कृष्ण चन्द्र बरनवाल आईआईटी खड़गपुर के टॉपर थे और 1968 में पीएचडी करने के लिए अमेरिका चले गए थे। पीएचडी के बाद उन्होंने वहीं पर प्रोफेसर की नौकरी ज्वॉइन कर ली।

शादी के बाद अपनी पत्नी को भी भारत से अमेरिका ले गए। उनकी तीन बेटियों में से एक रीता ने एमआईटी से पदार्थ विज्ञान एवं अभियांत्रिक में ग्रेजुएशन किया उस के बाद मिशिगन विश्वविद्यालय से रिसर्च किया।

आज रीता अमेरिका के परमाणु ऊर्जा विभाग की प्रमुख हैं। रीता अब 24-25 फरवरी की भारत यात्रा को लेकर बहुत उत्सुक हैं। वह वर्ष 2008 के बाद से भारत नहीं आईं।

ऐसे में सालों बाद उनकी वतन वापसी होगी, लेकिन वह अमेरिकी अधिकारी के रूप में ही आएंगी। वहीं, उनके पैतृक गांव बहादुरपुर के लोग इस खबर से काफी खुश हैं कि, रीता भी ट्रंप के साथ भारत आ रही हैं। गांववालों की मांग है कि, उनकी बेटी को उसके पैतृक गांव भी भेजा जाये। हालांकि सुरक्षा कारणों से ऐसा संभव नहीं हो पा रहा है।

 

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending