Connect with us

नेशनल

OMG: Amul और Mother Dairy को टक्कर देंगे पतंजलि के डेयरी प्रोडक्ट्स

Published

on

योग गुरू स्वामी रामदेव दवाओं और रीटेल प्रोडक्ट्स की सफलता के बाद अब डेयरी प्रोडक्ट्स की बिक्री शुरू करने जा रहे है। दवाओं और रीटेल के बाजार में परचम लहरान के बाद बाबा रामदेव की पतंजलि डेयरी मार्केट में टक्कर देने को तैयार है। योगगुरु रामदेव ने गुरुवार को नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में इसका ऐलान किया। अब दूध, दही, छाछ और पनीर की इंडस्ट्री में भी कदम रख दिया है।

बाबा रामदेव के प्रवक्ता ने कहा कि ‘कंपनी साल 2018 में पतंजलि के बड़े अभियान समर्थ भारत स्वस्थ भारत के अंतर्गत बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्णा आज दिल्ली में गाय का दूध, दही, छाछ, पनीर को लांच करेंगे. साथ ही पतंजलि के उत्पाद दिव्यजल, यूरिया रहित पशु आहार दुग्धामृत और सौर उर्जा के उपकरणों की प्रदर्शनी देखेंगे।’

पतंजलि के सूत्रों के मुताबिक, शुरुआत में चार लाख लीटर तरल दूध बाजार में बिक्री के लिए जारी किया जाएगा। धीरे-धीरे इसकी क्षमता में बढ़ोतरी की जाएगी। कंपनी की योजना अगले छह महीने में इस कारोबार को 500 करोड़ रुपये तक पहुंचाने की है।

पतंजलि गाय का शुद्ध दूध 40 रुपए प्रति लीटर के दाम से मिलेगा। शुक्रवार से ही 4 लाख लीटर दूध बाजारमें उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि इससे करीब 20 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।

डेयरी प्रोडक्ट्स (गाय दूध, दही, छाछ, पनीर)

दुग्धामृत (चारा)

फ्रोजन सब्जी

सोलर पैनल, सौलर लाइट

पीने का फिल्टर पानी

Image Copyright: Google

अन्तर्राष्ट्रीय

भारत को आंख दिखाने वाले पाक के पास बांध बनाने के पैसे भी नहीं, लोगों से मांग रहे हैं चंदा

Published

on

कभी भारत को आंख दिखाने वाले पाकिस्तान खुद इस समय कंगाली की कगार पर खड़ा है। पाकिस्तान के ऊपर अरबों रुपए का कर्ज है। इसी के चलते पाकिस्तानी पीएम इमरान खान सऊदी अरब की यात्रा पर गए थे। पाकिस्तान दो बांध मोहमंद और डायमर भाषा बनाना चाहता है। लेकिन बांध बनाने के लिए पाकिस्तान के पास पैसे नहीं हैं।

दरअसल, दोनों बांध (मोहमंद और डायमर) की अनुमानित लागत 12.4 अरब डॉलर (करीब डेढ़ लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपए) है। सरकार के पास इसके लिए सिर्फ 143 करोड़ रुपए बचे हैं। विश्व बांध आयोग के मुताबिक- ‘बड़े बांध बनाने में अनुमानित लागत से 63% ज्यादा पैसा लग जाता है।’

पाकिस्‍तान के आर्थिक मामलों जानकार खुर्रम हुसैन का कहना है कि “हर व्‍यक्ति के लिए चंदा देना आसान नहीं है। बांध बनने के लिए काफी बड़ी रकम की जरूरत है, जिस रफ्तार से पैसा जुटाया जा रहा है, उससे लगता है काफी समय लग जाएगा।”

 

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending