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SHOCKING : इस कैफे में कॉफी के साथ सर्व किए जाते हैं अजगर, तस्वीरें आपको कर देंगी हैरान

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यह बात तो सच हैं कि दुनिया में अजीबों गरीब चीजों की कमी नहीं हैं। आज हम आपको ऐसे कैफे के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे सुन आप दंग रह जाएंगे। दरअसल, इस कैफे में जब आप मनपसंद कॉफी और स्नैक्स का ऑर्डर देते है, तब कॉफी और स्नैक्स के साथ टेबल पर केंकड़े और अजगर भी रेंगते नजर आते हैं।

शायद आप यकीन न करें, लेकिन ये बिलकुल सच है। हम आपको एक ऐसे रेस्टोरेंट के बारे में बताने जा रहे हैं जहां कॉफी या चाय के साथ अजगर और सांप समेत कई अन्य जीव परोसे जाते हैं।

कंबोडिया की राजधानी नोम पेन्ह में एक अनोखा रेस्त्रां खुला है। यहां आकर लोगों को चिड़ियाघर की फिलिंग आती है। आसपास चिड़ियों की चहचहाहट, तरह-तरह की मछलियों से भरे एक्वेरियम, टेबल पर खेलते-कूदते केकड़े और गोह और कंधों पर रेंगते सांप…इस कैफे में बैठकर यह नजारा देखने को मिलता है।

कैफे के मालिक ची रैटी ने बताया कि शुरुआत में ग्राहक, खासकर महिलाएं, अजगर को टेबल पर देख डर रही थीं। मगर धीरे-धीरे वे सहज हुईं। अब तो यहां आने वाले लोग चाय-कॉफी की चुस्कियां लेते हुए अजगर के साथ सेल्फी भी लेते हैं।

कैफे के मालिक ची रैटी ने बताया कि जब ये रेस्टोरेंज शुरु किया गया तो यहां आने वाली महिलाएं काफी डरी और सहमी सी रहती थी। अधिकतर महिलाएं अजगर को देखकर सहम जाती थी। वहीं धीरे-धीरे उनका डर खत्म होता गया।

कैफे के मालिक ची रैटी का कहना है कि अभी सापों के होने की वजह से बिजनेस की रफ्तार फिलहाल धीमी है, मगर फिर भी इसे लोगों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।  कैफे में रखे गए तमाम जीव थाईलैंड से आयात किए गए हैं।

Image Copyright: GOOGLE

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15 साल में छोड़ा था लड़की ने घर, बनी ISIS दुल्हन, अब दिया आतंकवादियों के बच्चे को जन्म

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ISIS

आपने शादी से जुड़े बहुत से मामले सुने होंगे लेकिन आज हम आपको एक ऐसा मामला बताने जा रहै हैं जिससे आप हैरान रह जाएंगे। इंग्लैंड की एक महिला ने ISIS जॉइन कर लिया था। अब उसी 19 साल की महिला ने अपने एक बच्चे को जन्म दिया है। अब वह अपने देश इंग्लैंड़ वापस आना चाहती है।
इस महिला का नाम शमीमा बेगम है जिसने सीरिया के रिफ्यूजी कैंप में बच्चे को जन्म दिया है। महिला को ISIS में शामिल होने का कोई अफसोस भी नहीं है। उसने बताया की इस फैसले ने उसे और मजबूद बनाया है। ऐसे में अब उसे अपने देश वापस लौटने की इजाजत मिलनी चाहिए या नहीं इस पर बड़ी बहस चल रही है।

शमीमा के वकील का कहना है कि शमीमा के साथ नाजी अपराधियों के भी बुरा व्यावहार किया जा रहा है। वकील ने कहा कि जब वह स्कूल में पढ़ने वाली 15 साल की लड़की थी, तभी चली गई। वह एक पीड़ित थी। वहीं, शमीमा ने एक इंटरव्यू में ये स्वीकार किया है कि ब्रिटेन में उसका पुनर्वास काफी मुश्किल भरा होगा।

उसके वकील ने बताया कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद खूनी अपराधियों को भी मौका मिला था तो इसे भी मिलना चाहिए। शमीमा का परिवार चाहता है कि अगर उसे देश वापस आने की अनुमति मिलती है और जेल की सजा दी जाती है तो वे उसके बच्चे को पालने के लिए तैयार होंगे।

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