Connect with us

अन्तर्राष्ट्रीय

पूरी दुनिया के संयुक्त गुरू ने कुछ इस अंदाज में दी ‘टीचर्स डे’ की बधाई

Published

on

नई दिल्ली। 5 सितंबर को पूरे भारत में शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। हर कोई अपने पुराने और वर्तमान शिक्षकों को इस ‘गुरू दिवस’ की शुभकामनाएं दे रहा है। ऐसे में पूरी दुनिया के गुरू ‘गूगल’ कहां पीछे रहने वाले थे। गूगल ने भी अपने पूरी दुनिया के गुरूओं को ‘टीचर्स डे’ की शुभकामनाएं दी है।

गूगल ने बुधवार को एनिमेटेड डूडल के जरिए दुनियाभर के शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दी है। डूडल में घूमते हुए ग्लोब को दिखाया गया है, यह घूमने के बाद रुक जाता है और फिर चश्मा पहने किसी शिक्षक की तरह नजर आता है। इसके बाद इसमें से बुलबुले निकलते हैं, इन विषयों में रसायन, अंतरिक्ष विज्ञान, खेल इन सबको दर्शाया गया है।

भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के सम्मान में देश में हर साल पांच सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है, जो एक अनुकरणीय शिक्षक, दार्शनिक, विद्वान और राजनेता थे। हालांकि, यूनेस्को द्वारा घोषित विश्व शिक्षक दिवस हर साल पांच अक्टूबर को मनाया जाता है।

अन्तर्राष्ट्रीय

15 साल में छोड़ा था लड़की ने घर, बनी ISIS दुल्हन, अब दिया आतंकवादियों के बच्चे को जन्म

Published

on

ISIS

आपने शादी से जुड़े बहुत से मामले सुने होंगे लेकिन आज हम आपको एक ऐसा मामला बताने जा रहै हैं जिससे आप हैरान रह जाएंगे। इंग्लैंड की एक महिला ने ISIS जॉइन कर लिया था। अब उसी 19 साल की महिला ने अपने एक बच्चे को जन्म दिया है। अब वह अपने देश इंग्लैंड़ वापस आना चाहती है।
इस महिला का नाम शमीमा बेगम है जिसने सीरिया के रिफ्यूजी कैंप में बच्चे को जन्म दिया है। महिला को ISIS में शामिल होने का कोई अफसोस भी नहीं है। उसने बताया की इस फैसले ने उसे और मजबूद बनाया है। ऐसे में अब उसे अपने देश वापस लौटने की इजाजत मिलनी चाहिए या नहीं इस पर बड़ी बहस चल रही है।

शमीमा के वकील का कहना है कि शमीमा के साथ नाजी अपराधियों के भी बुरा व्यावहार किया जा रहा है। वकील ने कहा कि जब वह स्कूल में पढ़ने वाली 15 साल की लड़की थी, तभी चली गई। वह एक पीड़ित थी। वहीं, शमीमा ने एक इंटरव्यू में ये स्वीकार किया है कि ब्रिटेन में उसका पुनर्वास काफी मुश्किल भरा होगा।

उसके वकील ने बताया कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद खूनी अपराधियों को भी मौका मिला था तो इसे भी मिलना चाहिए। शमीमा का परिवार चाहता है कि अगर उसे देश वापस आने की अनुमति मिलती है और जेल की सजा दी जाती है तो वे उसके बच्चे को पालने के लिए तैयार होंगे।

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending