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श्रीकृष्ण के रंग में रंगा लखनऊ का इस्कॉन मंदिर, आशीर्वाद लेने पहुंचे कई दिग्गज नेता

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लखनऊ। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व पूरे देशभर में धूमधाम से मनाया गया। भगवान श्री कृष्ण के जन्म पर जहां मथुरा से लेकर द्वारका तक मंदिरों में रौनक देखी गई, वहीं लखनऊ के इस्कॉन मंदिर में भी कृष्ण जन्माष्टमी का भव्य आयोजन हुआ।

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भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्री कृष्ण के जन्म पर दूर-दूर से भक्त कन्हैया लाल के दर्शन और महाअभिषेक करने पहुंचे। इस दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्रियों व अन्य नेताओं ने भी भगवान श्रीकष्ण का आर्शीवाद लिया।

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लखनऊ इस्कॉन मंदिर में श्री कृष्ण और राधारानी के दर्शन करने के बाद उत्तरप्रदेश सरकार की कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने आजकीखबर को बताया,” कृष्ण भगवान हर एक के ह्दय में हैं और कृष्ण-राधा लीला हम सभी के लिए बहुत महत्व रखती है। लखनऊ के इस्कॉन मंदिर ने बड़े ही भव्य तरीके से जन्माष्टमी का आयोजन किया। मैं सभी को कृष्ण जन्माष्टमी की बधाई देती हूं।”

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इस्कॉन मंदिर में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विजेताओं को पुरस्कृत करने के बाद यूपी कैबिनेट मंत्री स्वाति सिंह ने कहा,” जैसे कृष्ण भगवान हर जगह जाकर खुशियां बांटते थे, वैसे ही वो अपने जन्मदिन पर हम सभी को अपना आर्शीवाद दें।”

उत्तरप्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्रियों के अलावा यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी अपने परिवार के साथ भगवान कृष्ण की पूजा अर्चना करने इस्कॉन मंदिर, लखनऊ पहुंचे। इस दौरान मंदिर के पुजारियों ने अखिलेश और डिंपल को चुन्नी पहनाई। इसके बाद दोनों ने मिलकर राधे-कृष्ण को दूध-दही से महाअभिषेक किया।

लखनऊ के पूर्व आईजी एनके श्रीवास्तव ने कहा,” हमें श्री कृष्ण के विचारों को अपने जीवन में उतारना होगा, इससे हम स्वयं और हमारा समाज पहले से अधिक सुंदर होता जाएगा।”

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गुजरात के साबरमती जेल में 8 कैदी पाए गए कोरोना पॉजिटिव

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नई दिल्ली। गुजरात के साबरमती सेंट्रल जेल में कोविड परीक्षण के दौरान कम से कम आठ कैदियों को इस बीमारी से संक्रमित पाया गया है।गुजरात हाईकोर्ट में 2019 के एक हत्या मामले में आरोपी मनुभाई देसाई की जमानत याचिका को मंजूरी दिए जाने के बाद साबरमती सेंट्रल जेल के अधिकारियों ने उसे घर भेजने से पहले उसका परीक्षण करने का फैसला किया।

परीक्षण में आठ कैदियों के कोरोना पॉजिटिव होने का पता चला। यह पहला उदाहरण है जब कैदियों ने बाहरी दुनिया से संपर्क नहीं किया है और जेल के अंदर उन्हें पॉजिटिव पाया गया है। सभी कोविड पॉजिटिव कैदियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

देसाई ने अपनी बीमार पत्नी का हवाला देते हुए उच्च न्यायालय में जमानत की अर्जी दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि उसे अपने बच्चों के साथ रहने की जरूरत है, क्योंकि उसका घर अहमदाबाद के कंटेनमेंट जोन में है।

उसे संदेह था कि उसकी पत्नी वायरस के संपर्क में आई होगी, इसलिए अदालत ने उसकी पत्नी को आरटी-पीसीआर परीक्षण का आदेश दिया, लेकिन वह्र नेगेटिव निकली।

अदालत को यह आशंका थी कि यदि पत्नी पॉजिटिव होती, तो वह न केवल बच्चों को संक्रमित कर सकती थी, बल्कि देसाई भी जेल वापस आते समय अपने साथ वायरस ला सकता था। हालांकि बाद में उसकी पत्नी के एक पॉजिटिव रोगी के संपर्क में आने के बाद उसे क्वारंटीन कर दिया गया।

इस बात की जानकारी मिलने के बाद एक बार फिर मनुभाई ने अपने बच्चों के साथ रहने के लिए गुजरात हाईकोर्ट में जमानत की अर्जी दायर की। अदालत ने इसे मंजूर कर लिया और उसे बिना परीक्षण कराए आगे नहीं बढ़ने के लिए भी कहा। गुजरात उच्च न्यायालय ने गुरुवार को इस कैदी का कोरोना परीक्षण कराने का आदेश दिया।

साबरमती सेंट्रल जेल के पुलिस उपाधीक्षक डीवी राणा ने बताया, “हमने पाया कि मनुभाई के अलावा, उनके बैरक से चार अन्य कैदी भी पॉजिटिव थे और अन्य बैरकों से तीन और कैदियों को पॉजिटिव पाया गया। यह पहली बार है, जब जेल के अंदर ही कैदी ऐसे पॉजिटिव पाए गए हैं।”

 

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