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उत्तराखंड

रक्षाबंधन : देश का वो राज्य जहां पत्थर सिर्फ पूजे नहीं मारे भी जाते हैं

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रक्षाबंधन के पावन पर्व पर उत्तराखंड में देवीधुरा क्षेत्र में हर्षोल्लास के साथ बग्वाल त्यौहार मनाया गया। बग्वाल उत्सव देवभूमि में पौराणिक काल से खेले जाने वाले ‘पाषाण युद्ध‘ को दिखाती एक परंपरा है। इस उत्सव में देश विदेश से भारी संख्या में लोग देवीधुरा पहुंचकर जयकारे लगाते हुए मेले का आनंद लेते हैं।

हर साल रक्षाबंधन के मौके पर उत्तराखंड के चंपावत ज़िले में बग्वाल खेला जाता है। इस खेल में शामिल होने वाले लोग गुट बनाकर बंट जाते हैं और एक-दूसरे पर जमकर पत्थरबाजी करते हैं। पत्थरबाजी करने के बाद सभी गुट के लोग आपस में गले मिलते हैं और खुशियों का इज़हार करते हैं।

वर्ष 2018 में बग्वाली खेल के दौरान करीब 60 लोगों के चोटिल होने की खबर भी आई थी।

 

आध्यात्म

राम मंदिर कार्यक्रम में शामिल होंगे उत्तराखंड के सतपाल महाराज

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देश के प्रमुख संत-महात्माओं सहित 5 अगस्त को राष्ट्रसंत सतपाल महाराज भी राम मंदिर कार्यक्रम में शामिल होंगे।

राष्ट्रसंत सतपाल महाराज ने कहा है कि भगवान राम हमारे सैनिकों और कोरोनावरियर्स को सशक्त बनाये ताकि वह आंतरिक और बाह्य रूप से देश की रक्षा कर सकें।

राम मंदिर का नया नक्शा देखकर, बोल उठेंगे ‘जय श्री राम’

श्री राम मंदिर निर्माण भूमि पूजन समारोह मुहूर्त की चर्चा को लेकर सतपाल महाराज ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि “मंगल भवन अमंगल हारी” सारे अमंगलों को दूर करने वाले प्रभु श्रीराम हैं। अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि में मंदिर निर्माण हेतु जिस मुहूर्त में भूमि पूजन के समय का निर्धारण किया गया है वह अभिजीत मुहूर्त है। भगवान श्रीराम का जन्म भी अभिजीत मुहूर्त में हुआ था इसलिए यह समय शुभ फलदायक “सर्वार्थ सिद्धि योग” का समय है। मान्यता है कि इस मुहूर्त में किए जाने वाले सभी शुभ कार्य सफल होते हैं। इसीलिए श्री राम मंदिर निर्माण हेतु होने वाले भूमि पूजन का समय अभिजीत मुहूर्त में निर्धारित किया गया है। सतपाल महाराज ने कहा कि वह प्रार्थना करते हैं कि हमारा देश विश्व गुरु बने और अनंतकाल के लिए हमारे देश की गौरव गाथा गाई जाती रहे।

#Rammandir #Ayodhya #pmmodi #lordrama

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