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सुधार जनता द्वारा संचालित होना चाहिए : मोदी

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ब्रिस्बेन| भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को यहां जी20 के नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सुधारों को छल से या चुपचाप लागू नहीं किया जा सकता, यह जनता द्वारा संचालित होना चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने एक ट्वीट में यह जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी20 की बैठक में कहा कि सुधारात्मक कार्य ‘लोक केंद्रित और जनता द्वारा संचालित’ होने चाहिए।

मोदी ने कहा, “सुधारों का प्रतिरोध तो स्वाभाविक है.. इसे राजनीतिक दबाव से परे होना चाहिए। सुधार जनता द्वारा संचालित होने चाहिए.. छल से या चुपचाप लागू नहीं किए जाने चाहिए।”

मोदी ने आगे कहा, “वैश्विक स्तर पर सरकार की योजनाओं और कार्यक्रम के तहत लागू किए गए सुधारात्मक कार्य असहाय और अक्षम होते हैं, जनता पर बोझ होते हैं। इसे बदले जाने की जरूरत है।”

उन्होंने कहा, “सुधार एक सतत एवं चरणबद्ध प्रक्रिया है.. इसे संस्थागत होना चाहिए।”

मोदी ने कहा, “सुधारों को प्रक्रिया सहज बनाने वाला होना चाहिए..और शासन की प्रक्रिया में सुधार किया जाना चाहिए।”

 

 

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क्या है कोरोना वायरस के लक्षण? जानिए कैसे कर सकते हैं इससे बचाव

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस दुनियाभर में चर्चा का विषय बन गया है। चीन में इस वायरस की वजह से अब तक 28 लोगों की जान जा चुकी है। शुक्रवार को भारत में भी इस वायरस के दस्तक देने का संदेह जताया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक मुंबई में कोरोना वायरस से संक्रमित दो संदिग्धों की पहचान की गई है। फिलहाल दोनों को संदिग्धों को कस्तूरबा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

कोरोना वायरस क्या है? 

कोरोना वायरस विषाणुओं के परिवार का है। यह वायरस ऊंट, बिल्ली और चमगादड़ सहित कई पशुओं में भी प्रवेश कर रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, कोरोना वायरस सी-फूड से जुड़ा है।

लक्षण 

जुखाम, खांसी, गले में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, बुखार इस वायरस से संक्रमित हुए व्यक्ति के शुरुआती लक्षण हैं। इसके बाद ये लक्षण न्यूमोनिया में बदल जाते हैं और किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं। फेफड़े में गंभीर किस्म का संक्रमण हो जाता है।

ये हैं बचाव के उपाय

-अपने हाथ साबुन और पानी या अल्कोहल युक्त हैंड रब से साफ करें।
-खांसते और छींकते वक्त अपनी नाक और मुंह को टिश्यू या मुड़ी हुई कोहनी से ढकें।
-जिन्हें सर्दी या फ्लू जैसे लक्षण हों, उनके साथ करीबी संपर्क बनाने से बचें।
-इसके अलावा खाने को अच्छे से पकाएं,  मीट और अंडों को भी पकाकर ही खाएं. जानवरों के संपर्क में कम आएं।

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