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Big breaking : मुख्यमंत्री योगी के अचानक आए फरमान के बाद बकरीद पर छुट्टी करनी पड़ी रद

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आज देशभर में बकरीद का त्यौहार मनाया जा रहा है। बकरीद इस्लामिक कैलेण्डर का प्रमुख त्यौहार है। दुनिया भर के मुसलमान इस त्यौहार को मनाते हैं। भारत में भी इस इस्लामिक पर्व को देखते हुए आज सरकारी तौर पर छुट्टी है। इस त्यौहार में मुस्लिम समुदाय कुर्बानी देता है। कुर्बानी के लिए बड़े पैमाने पर ऊंट और बकरे ख़रीदे जाते हैं जिसे मुस्लिम समुदाय अल्लाह के आदेश पर कुर्बान करता है। बकरीद के अवसर पर महंगे दामों पर बकरे की खरीद फरोख्त होती है।

यूं तो सभी स्कूल कॉलेज और सरकारी दफ़्तर बकरीद के अवसर पर बंद हैं। लेकिन, सीएम योगी ने अचानक अधिकारियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए निर्देश दिए जाने के बाद बकरीद की छुट्टी रद्द कर दी गई है। जी हां,  सीएम योगी ने सभी अधिकारियों को बकरीद के दिन सुरक्षा से लेकर साफ-सफाई आदि को लेकर दिशा निर्देश दिए हैं। जिसके बाद नोएडा प्राधिकरण ने अपने कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर दी है। प्राधिकरण द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन में साफ़ कहा गया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 18 अगस्त 2018 को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए छुट्टी रद करने हेतु निर्देशित किया गया है।

दरअसल, सीएम योगी ने मुस्लिम समुदाय के महत्वपूर्ण त्यौहार बकरीदको देखते हुए स्पष्ट निर्देश दिया है कि इस दिन कानून एंव व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के साथ ही सफाई व्यस्था, विद्युत एंव जल की आपूर्ति सुनिश्चित होनी चाहिए। इसमें किसी प्रकार की उदासीनता दण्डनीय हो सकती है। इसको ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण के जल, विद्युत एंव जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यालयों की छुट्टी रद्द की जाती है। ये सभी कार्यालय खुले रहेंगे और सभी अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहेंगे। साथ ही यह भी आदेश दिया गया है कि किसी भी परिस्थिति में किसी भी अधिकारी का फोन बंद नहीं रहना चाहिए।

       

बता दें कि, इसके अलावा जिले में सभी स्कूल और कॉलेज की छुट्टी प्रशासन द्वारा घोषित की गई है। वहीं केंद्र सरकार द्वारा पहले 23 अगस्त 2018 को बकरीद की छुट्टी की गई थी। जिसमें संशोधन करते हुए इसे 22 अगस्त को किया गया है। कारण, इस साल बकरीद को लेकर तमाम मुस्लिम कमेटियों में पशोपेश की स्थिति बन गई थी। कईयों का कहना था कि चांद 12 अगस्त को नहीं दिखा, इसलिए इस साल बकरीद 23 अगस्त को मनाई जाएगी। जबकि कुछ लोग यह मान रहे थे कि 12 अगस्त को ही देश के कई हिस्सों में चांद दिख गया है।

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देश में कोरोना की वैक्सीन बना रहे हैं 30 ग्रुप, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार ने दी जानकारी

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नई दिल्ली। भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के विजय राघवन ने गुरुवार को कोरोना वायरस की वैक्सीन को लेकर अहम जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत में करीब 30 समूह कोरोना वायरस के खिलाफ टीका विकसित करने की कोशिश में लगे हैं, जिनमें बड़े उद्योग घरानों से लेकर शिक्षाविद् तक हैं।

उन्होंने कहा कि यह बहुत रिस्की प्रॉसेस है। दुनिया में बहुत सारे लोग वैक्सीन की बात कर रहे हैं, लेकिन यह पता नहीं है कि किसकी वैक्सीन प्रभावी होगी। अगर वैक्सीन वेस्ट हो जाती है तो नुकसान भी होता है।

राघवन ने कहा कि इन 30 में से 20 समूह बहुत तेज रफ्तार से काम कर रहे हैं। उन्होंने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, ‘भारत में बड़े उद्योगों से लेकर शिक्षाविदों तक करीब 30 समूह कोविड-19 के खिलाफ टीका विकसित करने की कोशिश में लगे हैं जिनमें से 20 अच्छी रफ्तार से काम कर रहे हैं।’

उन्होंने कहा कि वैक्सीन हम नॉर्मल लोगों को देते हैं न कि बीमार को और किसी भी अंतिम स्टेज के मरीज को इसलिए जरूरी है कि वैक्सीन की क्वालिटी और सेफ्टी को पूरी तरह से टेस्ट किया जाए। राघवन ने कहा कि सामान्य तौर पर टीका बनाने में करीब 10 साल लगते हैं, लेकिन दुनिया भर में कोरोना वायरस के लिए एक साल के अंदर टीका बनाने के लक्ष्य के साथ काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि नई दवा बनाना बहुत ही चुनौतीपूर्ण काम होता है और इसी तरह टीका बनाने में बहुत लंबा वक्त लगता है।

उन्होंने कहा कि कई प्रयास विफल हो जाते हैं और इस तरह आपको बहुत कोशिशें करनी होती हैं। राधवन ने कहा कि वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद और एआईसीटीई ने भी दवा बनाने के प्रयास शुरू किए हैं।

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