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अगले चरण में 15-20 कोयला ब्लॉकों की नीलामी

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नई दिल्ली| कोयला मंत्रालय अगले यानी तीसरे चरण की नीलामी में शामिल करने के लिए 15-20 कोयला ब्लॉक का चुनाव कर रहा है और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आवंटन रद्द किए गए सभी 204 ब्लॉकों की नीलामी की संपूर्ण समय सारणी नहीं दी जा सकती है। यह बात गुरुवार को कोयला और बिजली मंत्री पीयूष गोयल ने कही। मंत्रालय को कोयला परियोजना मॉनीटरिंग पोर्टल (सीपीएमपी) लांच करने के बाद यहां गोयल ने संवाददाताओं से कहा, “15-20 कोयला ब्लॉकों की पहचान की जा रही है और उम्मीद है कि इन ब्लॉकों से खनन जल्द से जल्द शुरू हो जाएगा।” मंत्री ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि सभी 204 ब्लॉकों के लिए समय सारणी निश्चित की जा सकती है। मैं यह पूरा काम व्यवस्थित ढंग से करना चाहता हूं।” इसी महीने के शुरू में सरकार ने दो चरणों में 33 ब्लॉकों की नीलामी पूरी की है।मंगलवार को कोयला अध्यादेश के तहत सरकार ने केंद्र और राज्य सरकारों की बिजली इकाइयों को 37 तथा स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड को एक ब्लॉक का आवंटन किया। अध्यादेश को विधेयक रूप में संसद द्वारा पारित किया जा चुका है और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह कानून बन जाएगा।

बाद में कोयला मंत्रालय की ओर से जारी हुए एक बयान में कहा गया कि सीपीएमपी का विकास उन कोयला संबंधी निवेश वाली परियोजनाओं पर नजर रखने के लिए और उद्योग-सरकार तथा सरकार-सरकार संवाद में सुधार करने के लिए किया गया है। कोयला सचिव अनिल स्वरूप ने कहा कि यह पोर्टल हर चीज को पारदर्शी बनाने की दिशा में एक नई शुरुआत है।

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विक्रम से संपर्क की उम्मीदें खत्म, इसरो ने देशवासियों के लिए कही ये बात

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नई दिल्ली। चंद्रमा पर रात होने के बाद अब भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की विक्रम लैंडर से संपर्क करने उम्मीद खत्म हो चुकी है। मंगलवार को इसरो ने देशवासियों से मिले अपार समर्थन के लिए सभी का धन्यवाद कहा।

यह इसरो का दूसरा चंद्र मिशन था जो कि आंशिक रूप से सफल हो सका। इस मिशन को आंशिक रूप से सफल इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि चांद की सतह से मजह 2.1 किमी की ऊंचाई से इसका संपर्क इसरो केंद्र से टूट गया था।

संपर्क टूटने के बाजजूद देशवासियों और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो की हौसलाफजाई की थी। जिससे खुश होकर इसरो ने मंगलवार शाम को ट्वीट करते हुए सभी का धन्यवाद किया।

इसरो ने ट्वीट कर कहा, ‘हमारे साथ खड़े रहने के लिए आपका शुक्रिया। हम दुनियाभर में सभी भारतीयों की आशाओं और सपनों को पूरा करने की कोशिश करते रहेंगे। हमें प्रेरित करने के लिए शुक्रिया।’

इस मिशन को लेकर अच्छी खबर यह है कि ऑर्बिटर लगातार चंद्रमा के चक्कर काट रहा है और उसकी तस्वीरें भेज रहा है। इसरो के मुताबिक ऑर्बिटर 7 साल तक चांद का चक्कर इसी तरह काटने में सक्षम है।

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