Connect with us

मनोरंजन

“..एक पुराना ख़त खोला अनजाने में..” : 44 साल से हैं गुलज़ार तन्हाइयों के साथी

Published

on

मुंबई। “ख़ुशबू जैसे लोग मिले अफ़्साने में, एक पुराना ख़त खोला अनजाने में..” जब ऐसा शेर गुलज़ार कहते हैं तो ये जानना तो बनता है कि आखिर क्यों उनकी शादी सिर्फ एक साल चली थी? आखिर क्यों वो 44 साल से सिर्फ तन्हाइयों के साथ ज़िंदगी गुज़ार रहे हैं? आज जन्मदिन के मौके पर हम जानेंगे बॉलीवुड के बेमिसाल शायर, लेखक, निर्देशक, निर्माता, गीतकार और ऐसी ही तमाम पहचानों से सजे गुलज़ार के कुछ किस्सों के बारे में।

18 अगस्त 1934 को पंजाब में झेलम के जिले दीना गांव में जन्में गुलज़ार आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। गुलज़ार जो पहले एक लेखक बनना चाहते थे और मुंबई आकर एक गैराज मैकेनिक के तौर पर काम करने लगे। इस दौरान वो कविताएं सिर्फ खाली समय में लिखा करते थे। उन्होंने पहला गाना बिमल रॉय की फिल्म ‘बंदिनी’ में ‘मोरा गोरा अंग’ लिखा था। पहली फिल्म 1971 में ‘मेरे अपने’ बनाई थी। इसके बाद की फेहरिस्त बड़ी लंबी है जिसमें ‘कोशिश’, ‘आंधी’, ‘मौसम’, ‘अंगूर’ और ‘नमकीन’ जैसी फिल्में शामिल हैं।

गुलज़ार को 2004 में ‘पद्म भूषण’ और फिल्म ‘स्लमडॉग मिलेनियर’ के गाने ‘जय हो’ के लिए रहमान के साथ ‘बेस्ट ओरिजनल स्कोर’ अवॉर्ड से नवाज़ा गया। लेकिन करियर तौर पर इतने सफल गुलज़ार अपने व्यक्तिगत जीवन में खास सफल नहीं रहे। गुलज़ार ने अभिनेत्री राखी गुलज़ार से शादी की थी।

इनकी बेटी भी हुई जिन्हें आज हम मेघना गुलज़ार के नाम से जानते हैं। लेकिन गुलज़ार और राखी एक साल बाद 1974 में ही अलग हो गए। हालांकि दोनों का तलाक नहीं हुआ। लेकिन दोनों 44 साल से अलग हैं और तन्हाइयों के साथी हैं।

मनोरंजन

सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म ‘दिल बेचारा’ का ट्रेलर हुआ रिलीज

Published

on

By

सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म ‘दिल बेचारा’ का ट्रेलर आज ऑनलाइन रिलीज कर दिया गया है। इस फिल्म में सुशांत के अलावा संजना सांघी भी लीड रोल में दिख रही हैं।

देखिए फिल्म का ट्रेलर –

Continue Reading

Trending