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क्या लॉर्ड्स में एशियाई टीमों की लाज रख पाएगी विराट की सेना? ये है रिकॉर्ड

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नई दिल्ली। एशियाई टीमों (भारत-पाकिस्तान-श्रीलंका) की बात करें, तो इंग्लैंड के आंकड़े दुरुस्त नहीं हैं। पिछले सात साल में इंग्लिश टीम ने एशियाई टीम के खिलाफ एक भी टेस्ट नहीं जीता है। इस दौरान उसे तीन टेस्ट मैचों में हार मिली, जबकि दो टेस्ट ड्रॉ रहे।

IndiavsEngland Live : क्या क्रिकेट के मक्का (Lords) पर जीत पाएगी टीम इंडिया … भारतीय क्रिकेट टीम आज से लॉडर्स में शुरू हो रहे दूसरे टेस्ट में अच्छे प्रदर्शन के दम पर जीत की राह पर लौटने की कोशिश करेगी … #IndiavsEngland #KyaHogaIsBaar #WorldCup #ENGvIND

Gepostet von Aaj Ki Khabar am Mittwoch, 8. August 2018

आज से लॉडर्स में शुरू हो रहे दूसरे टेस्ट में भारतीय क्रिकेट टीम अच्छे प्रदर्शन के दम पर जीत की राह पर लौटना चाहेगी। दुनिया की नंबर एक टीम सीरीज के पहले टेस्ट में महज़ 31 रनों से हार गई थी।

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने पहले टेस्ट मैच के बाद भारतीय टीम के खिलाड़ियों से कहा है कि अब आइना देखने का समय आ गया है। अब देखना यह है कि क्या भारत सीरीज में वापसी कर पाता है या नहीं।

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करतारपुर पर पाक सेना ने पलटा इमरान खान का फैसला, चली ये चाल

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नई दिल्ली। करतारपुर कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान का दोहरा चरित्र एक बार फिर सामने आया है। पाकिस्तानी सेना ने पाक पीएम इमरान खान के उस फैसले को बदल दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय श्रद्धालुओं को पवित्र गुरुद्वारा दरबार साहिब आने के लिए महज एक वैध पहचान-पत्र की जरूरत होगी। पाक सेना ने प्रवक्ता आसिफ गफूर ने कहा कि अब सिख तीर्थयात्रियों को करतारपुर कॉरिडोर का प्रयोग करने के लिए भारतीय पासपोर्ट की आवश्यक्ता होगी।

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर की इस टिप्पणी से एक दिन पहले ही भारत ने पाकिस्तान से यह स्पष्ट करने को कहा था कि करतारपुर स्थित गलियारा जाने के लिए सिख श्रद्धालुओं को पासपोर्ट की जरूरत होगी या नहीं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मेजर जनरल गफूर ने बुधवार को कहा कि भारतीय सिख श्रद्धालुओं को करतारपुर गलियारे का प्रयोग करने के लिए पासपोर्ट दिखाना जरूरी होगा।

गफूर ने कहा कि सुरक्षा कारणों से, प्रवेश पासपोर्ट आधारित पहचान पर मिली अनुमति के तहत कानूनी तरीके से दिया जाएगा। एक नवंबर को, प्रधानमंत्री खान ने करतापुर गलियारे का निर्माण पूरा होने की ट्विटर पर घोषणा करते हुए कहा था कि उन्होंने दो शर्तों को माफ कर दिया है। इनमें से एक पासपोर्ट से जुड़ी शर्त थी जबकि दूसरी शर्त भारत से करतारपुर तीर्थयात्रा पर आने वाले सिखों द्वारा 10 दिन पहले पंजीकरण कराने से जुड़ी थी।

उन्होंने कहा था कि भारत के सिख श्रद्धालुओं को करतारपुर आने के लिए पासपोर्ट की नहीं बल्कि एक वैध पहचान-पत्र की जरूरत होगी। इसके अलावा उद्घाटन समारोह के लिए आने वाले और 12 नवंबर को सिख गुरु की 550वीं जयंती के मौके पर आने वाले श्रद्धालुओं से 20 डॉलर का सेवा शुल्क भी नहीं वसूला जाएगा।

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