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इन जगहों पर मिलती है सबसे ज्यादा सैलरी, आप भी करना चाहेंगे यहां काम

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अच्छी सैलरी पर जॉब हर कोई करना चाहता है। आपकी सैलरी के आगे कितना जीरो है यह सब कुछ आपकी समाज मे ‘रेपो’ तैयार करती है। सैलरी के अंक ही आपकी लाइफस्टाइल डिसाइड करता है। हालांकि भारत में नौकरी पेशा लोगों की सैलरी बहुत खास नही होती। प्राइवेट वालों की तो बात ही न कीजिये। कंपनियों द्वारा सबसे ज्यादा प्राइवेट कर्मचारी ही रगड़े जाते हैं। काम अधिक दाम कम यही हकीकत है। लेकिन, आइये हम आपको उन जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां आपको आपके काम के बदले ड्रीम सैलरी दी जाती है।

साभार – इंटरनेट

स्विटजरलैंड – बॉलीवुड फिल्मों में स्विटजरलैंड को अभी तक रोमांस की नगरी के तौर पर ही पेश किया गया है। शायद ही कोई ऐसी हिंदी फिल्म बनी हो जिसका लीड किरदार इस देश में नौकरी या बिजनेस करता हो। आईएमडी की रेटिंग के अनुसार दुनिया में सबसे ज्यादा सैलरी स्विटजरलैंड में काम कर रहे लोगों को मिलती है। यहां हफ्ते में औसतन 31 घंटे काम करना पड़ता है।

साभार – इंटरनेट

लक्जमबर्ग – यूरोप में मौजूद लग्जमबर्ग भले ही छोटा सा देश हो, मगर सैलरी के मामले में यह पूरी दुनिया में तीसरे नंबर पर है। यहां सर्विस करने वाले कर्मियों की सालाना औसत आय 40.11 लाख होती है। यानी महीने में कर्मी 3.34 लाख रुपये कमाते हैं।

साभार – इंटरनेट

अमेरिका – नौकरी और सैलरी के लिहाज से संयुक्त राज्य अमेरिका दूसरे पायदान पर है। यह देश सर्वश्रेष्ठ ग्राहक सेवा और पेशेवर रवैये के लिए जाना जाता है। एक साल में औसतन यहां काम करने वाले करीब 42 लाख कमाते हैं। यानी उनकी मासिक आय 3.47 लाख रुपये है।  यहां हफ्ते में कम से कम 34.4 घंटे काम करना अनिवार्य है।

साभार – इंटरनेट

हांगकांग –  हांगकांग पर भले ही चीन का कब्जा है, लेकिन यहां के कर्मी चीन के पेशेवरों से ज्यादा कमाते हैं। आईएमडी की रिपोर्ट के मुताबिक इस देश में काम करने वाले लोग साल में औसतन 30.93 लाख रुपये कमाते हैं।  इस लिहाज से उनकी औसत मासिक आय 2.57 लाख रुपये हुई।

साभार – इंटरनेट

जापान और जर्मनी – सैलरी के मामले में जर्मनी और जापान दुनिया पर पांचवें स्थान पर हैं। जापान में काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा मेहनती माने जाते हैं। यहां सर्विस करने वाले पेशेवर साल में औसतन 33.08 लाख रुपये कमाते हैं।

जर्मनी आईएमडी की रिपोर्ट के मुताबिक जर्मन कंपनियां कर्मियों की ट्रेनिंग पर सबसे ज्यादा ध्यान केंद्रित करती हैं। यही वजह है कि यहां काम करने वाले लोगों में ‘वर्क मोटीवेशन’ ज्यादा होता है। यहां के पेशवर सालाना औसतन 29.03 रुपये कमा लेते हैं।

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सूडान में हुए धमाके में 18 भारतीयों की मौत, विदेश मंत्रालय ने की पुष्टि

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नई दिल्ली। सूडान में हुए एक बम धमाके में 23 लोगों की मौत हो गई जिसमें 18 भारतीयों हैं। इसकी पुष्टि खुद विदेश मंत्रालय द्वारा की गई है।

बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस घटना की पुष्टि की। विदेश मंत्री ने कहा कि मुझे अभी सलूमी स्थित एक फैक्ट्री में विस्फोट की जानकारी मिली है।

इस हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई है, वहीं कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इस धामाके में कुल 23 लोगों की मौत हुई है, वहीं 130 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हादसे की वजह एक एलपीजी सिलेंडर में ब्लास्ट है। भारतीय मिशन ने इस बात की जानकारी दी है।

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