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भारत को हराना मुश्किल : फिंच

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सिडनी | भारत के खिलाफ गुरुवार को होने वाले आईसीसी विश्व कप-2015 के सेमीफाइनल मुकाबले से पूर्व आस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज एरॉन फिंच ने मंगलवार को कहा कि मौजूदा चैम्पियन भारतीय टीम को हराना काफी कठिन साबित हो सकता है। मौजूदा चैम्पियन भारत गुरुवार को सिडनी क्रिकेट मैदान (एससीजी) पर चार बार की चैम्पियन आस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में भिड़ेगी।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की वेबसाइट के अनुसार फिंच ने कहा, “भारतीय टीम ने यहां बहुत क्रिकेट खेल लिया है और उनके खिलाड़ी हालात से अच्छी तरह वाकिफ हो चुके हैं। भारतीय टीम अच्छी गेंदबाजी और बल्लेबाजी कर रही है और उन्हें हराना आसान नहीं होगा।” साथ ही फिंच ने कहा कि यह मैच उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मैच होगा और आस्ट्रेलियाई टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेगी। फिंच के अनुसार, “हमने पिछले कुछ वर्षो में काफी शानदार क्रिकेट खेला है और हमें कोई कारण नजर नहीं आता कि हम इस मैच में भी क्यों आत्मविश्वास के साथ नहीं उतर सकते।” गौरतलब है कि फिंच के लिए यह विश्व कप अभी तक बहुत अच्छा नहीं गुजरा है।

भारत के साथ मुकाबले के बारे में फिंच ने कहा, “भारत ने इस विश्व कप में अब तक शानदार क्रिकेट खेला है और अपराजित रहा है। आप लेकिन हमारी भी टीम देखें। हम अच्छी लय में हैं। दोनों ही टीमें अच्छा खेल रही हैं और ऐसे में यह एक मजेदार मैच होगा।” भारतीय गेंदबाजी की प्रशंसा करते हुए फिंच ने कहा, “भारत के पास कुशल गेंदबाज हैं। मोहम्मद समी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। वह गेंद को स्विंग करा रहा है जो अच्छी बात है।” फिंच ने हालांकि यह भी कहा कि आस्ट्रेलियाई टीम भारतीय गेंदबाजी को बेअसर साबित करने की क्षमता रखती है।

प्रादेशिक

केरल-पंजाब के बाद अब राजस्थान विधानसभा में भी पास हुआ CAA के खिलाफ प्रस्ताव

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जयपुर केरल, पंजाब के बाद राजस्थान विधानसभा ने भी शनिवार को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रस्ताव पास कर दिया। इसी के साथ राजस्थान सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पास करने वाला तीसरा राज्य बन गया है।

केरल और पंजाब के बाद ऐसा प्रस्ताव पास करने वाला राजस्थान तीसरा राज्य बन गया है। राजस्थान विधानसभा में सीएए के खिलाफ पेश प्रस्ताव में कहा गया कि संसद द्वारा अनुमोदित सीएए के जरिए धर्म के आधार पर अवैध प्रवासियों को निशाना बनाया गया है।

धर्म के आधार पर ऐसा भेदभाव ठीक नहीं है। यह संविधान की धर्मनिरपेक्ष वाली मूल भावना के खिलाफ है। यही कारण है कि सीएए के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। संकल्प में एनआरसी और असम का भी जिक्र किया गया है।

हालांकि, राजस्थान विधानसभा में सीएए के साथ ही एनपीआर में हुए संशोधनों को लेकर भी संकल्प पास हुआ। राजस्थान पहला राज्य है, जहां एनपीआर के संशोधनों को लेकर कोई संकल्प पास किया गया है।

इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही 10 फरवरी सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। शनिवार को जब सदन में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया गया तो विपक्ष ने विरोध किया।

भाजपा सदस्य वेल में चले आए और सीएए के समर्थन में नारे लगाए। इससे पहले एससी-एसटी आरक्षण को बढ़ाने वाला 126वां संशोधन प्रस्ताव पारित किया गया।

केरल विधानसभा ने 31 दिसंबर 2019 और पंजाब विधानसभा ने 17 जनवरी को नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रस्ताव पास किया था।

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