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आध्यात्म

इस सावन में इन राशि वालों का चमक उठेगा भाग्य, मिलेगा ढेर सारा पैसा और प्यार

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सनातन धर्म के अंतर्गत ईश्वर की पूजा करने से भाग्योदय होता है। हमारे धर्म में ईश्वर स्तुति के ऐसे विधान दिए गए हैं जिसके अनुसरण मात्र से सभी दुःख और दर्द खत्म हो जाते हैं। भाग्य उत्तम हो जाता है और घर मे खुशहाली छा जाती है। इस सावन मास में दैवीय कृपा सीधे सीधे बरस रही है। पर, इन चार राशि वाले जातकों के लिए यह सावन काफी बेहतरीन है।

साभार – इंटरनेट

मेष – शासन सत्ता का सहयोग रहेगा। आप जिसे प्यार करते है उनसे जुड़े समाचार मिलना भी संभव है। आपका यह दिन खुशियों की सौगात लेकर आने वाला है। आपकी हर तमन्ना पूरी होने वाली है।

धनु – स्टूडेंट्स लाइफ वालों के लिए यह पारी उनको सफलता दिलाएगी। इनको परीक्षा से संबंधित सफलता भरी बड़ी खुशखबरी मिलेगी। नौकरों और सहकर्मियों से परेशानी होने की संभावना को ख़ारिज नहीं किया जा सकता है।

साभार – इंटरनेट

तुला – आपकी राशि से छठे घर में मंगल जो कि उच्च के हैं वे भी वक्री होकर गोचर कर रहे हैं यह भी आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने का आग्रह कर रहे हैं।

कन्या – पति-पत्नी के बीच मन-मुटाव हो सकता है। किसी को प्रपोज करने की सोच रहे हैं तो आपके लिए समय अच्छा है। पार्टनर को लैटर लिखने से उनको खुशी होगी। आपको सफलता मिल सकती है। बड़े लोगों से सहयोग मिल सकता है।

आध्यात्म

दिवाली के दिन पूजा का है ये है सबसे शुभ मुहूर्त

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नई दिल्ली। आज यानी रविवार को पूरा देश दिवाली का त्योहार धूमधाम से मना रहा है। कार्तिक मास की अमावस्या को महानिशा काल में और स्थिर लग्न में महादेवी लक्ष्मी की पूजा अर्चना की जाती है। इससे माता लक्ष्मी की कृपा पूरे साल भक्तों पर बनी रहती है। उन्हें धन की कभी कमी नहीं रहती है।

– अपने घर की उत्तर या पूर्व दिशा को (पूजास्थल) को साफ करके स्थिर लग्न में एक लकड़ी के पटरी पर सवा मीटर लाल वस्त्र बिछाकर भगवान गणेश देवी लक्ष्मी और कुबेर आदि देवताओं की स्थापना करें

–  सभी देवी देवताओं को रोली मोली चावल धूप दीप सफेद मिष्ठान्न अर्पण करें और भगवान गणेश को 27 हरी दूर्वा की पत्तियां और देवी लक्ष्मी को कमल का पुष्प अर्पित करें

– स्थिर लग्न में स्वयं आप लाल आसन पर बैठकर अपने दाएं हाथ में जल लेकर देवी लक्ष्मी से अपने घर में चिर स्थाई रूप से रहने की प्रार्थना करें

– ॐ गं गणपतये नमः और ॐ ह्रीं श्रीं महालक्ष्मये नमः और ॐ कुबेराय नमः मन्त्र का कमलगट्टे की माला से 108 बार जाप करें

– जाप के बाद भगवान गणपति देवी लक्ष्मी और सभी देवी देवताओं को सफेद मिठाई और फल और साबूदाने की खीर का भोग लगाएं  और परिवार के सभी सदस्य प्रसाद ले

पूजा का समय

व्यापारी वर्ग पूजा का समय दोपहर 2:17 से 3:41 तक

शाम की पूजा का समय 6:45 से 8:36 तक

महानिशाकाल रात 1:14 से 3:27 तक

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