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दरिंदों ने घर में घुसकर महिला के साथ किया गंदा काम, फिर घसीटकर मंदिर में…

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दरिंदों

संभल। उत्तर प्रदेश के संभल इलाके में शनिवार को दरिंदगी की एक ऐसी घटना सामने आई है जिसे जानकर किसी भी इंसान की रुह कांप जाएगी। यहां एक 35 साल की महिला के साथ 5 दरिंदों ने गैंगरेप करने के बादर उसे मंदिर के यज्ञशाला में जिंदा जला दिया। आपको बता दें कि यह मंदिर महिला के घर के ठीक पास में ही है।

महिला के पति का आरोप है कि पीड़ित ने जिंदा जलाने से कुछ मिनट पहले 100 नंबर डायल किया था लेकिन पुलिस की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। मिली जानकारी के मुताबिक रिपोर्ट लिखे जाने तक पुलिस ने कोई गिरफ्तारी नहीं की है।

यह सनसनीखेज घटना राजपुरा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले एक गांव की है। बता दें कि महिला के दो बच्चे हैं और उनके पति गाजियाबाद में मजदूरी का काम करते हैं।

पुलिस ने बताया कि घटना से पहले महिला अपने घर पर सो रही थी और हमलावर उसके घर में जबरदस्ती घुस गए और उसके साथ यह नृशंस व्यवहार किया। पुलिस ने इस मामले में 5 लोगों के खिलाफ गैंगरेप और मर्डर के आरोप में एफआईआर दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक यह घटना शनिवार रात करीब 2.30 बजे की है।

मृतक महिला के पति ने पुलिस को अपनी शिकायत में बताया, ‘ये सभी पांचों आरोपी शनिवार की रात करीब ढाई बजे उसके घर में जबरदस्ती दाखिल हुए थे। इस वक्त मेरी पत्नी घर में अकेली थी और रात में भारी बरसात हो रही थी। उस वक्त घर में सिर्फ केरोसीन का लैंप जल रहा था। पांचों ने मेरी पत्नी के साथ बलात्कार किया।’

महिला के पति ने बताया, ‘इस घटना बाद मेरी पत्नी ने अपनी यह आपबीती अपने चचेरे भाई को सुनाई क्योंकि तब मेरा और महिला के भाई का फोन पहुंच से बाहर था। लेकिन इससे पहले की मेरी पत्नी का चचेरा भाई पुलिस को या परिजनों को इस बाबत सूचित कर पाता कि ये पांचों घर में फिर दाखिल हो गए और इस बार उसे (पत्नी) को घसीटते हुए पास के मंदिर में ले गए। यहां मंदिर की यज्ञशाला में पांचों ने मिलकर उसे जिंदा जला दिया।’

राजपुरा पुलिस स्टेशन के एसएचओ अरुण कुमार ने बताया, ‘आईपीसी की धारा 376D (गैंगरेप), 302 (मर्डर), 201 (जुर्म के सबूतों को मिटाना), 147 (दंगों के लिए सजा) और 149 के तहत एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। अभियुक्तों की पहचान आराम सिंह, महावीर, चरण सिंह, गुल्लू और कुमरपाल के रूप में हुई है। पांचो अभियुक्त भी उसी गांव से हैं, जिसमें महिला रहती थी और आरोप है कि वे बीते कुछ महीनों से महिला को परेशान कर रहे थे।’

अतिरिक्त महानिदेशक (पुलिस) प्रेम प्रकाश ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि उन्होंने घटनास्थल से कुछ महत्वपूर्ण सबूत जुटा लिए हैं। हमने महिला की अंतिम फोन कॉल को भी सुरक्षित रख लिया है, जिसमें उसने अपने चचेरे भाई से बात की है।’

एडीजी ने बताया, ‘इस फोन कॉल के दौरान महिला ने पांचों आरोपियों के नाम भी लिए हैं, जो जबरदस्ती उसके घर में दाखिल हुए थे और उन्होंने उसके बलात्कार किया था। यह सचमुच हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण सबूत है। एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस ने दो टीमें बनाकर आरोपियों की धड़पकड़ शुरू कर दी है। जल्द ही पुलिस पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लेगी।’

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महाराष्ट्र के मंत्री अशोक चव्हाण ने जीती कोरोना से जंग, अस्पताल से मिली छुट्टी

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मुंबई। महाराष्ट्र के पीडब्ल्यूडी मंत्री अशोक चव्हाण ने कोरोना से जंग जीत ली है। अब ठीक होकर अस्पताल से वापस अपने घर आ गए हैं। गुरुवार को पार्टी के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री का कोविड -19 परीक्षण पॉजिटिव आया था, लेकिन उनमें कोरोना के लक्षण नहीं थे। 24 मई को उनके गृह स्थान नांदेड़ में और फिर उसके अगले दिन मुंबई के एक निजी अस्पताल में उन्हें स्थानांतरित कर दिया गया था।

उपचार पूरा होने के बाद चव्हाण को गुरुवार दोपहर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, लेकिन प्रोटोकॉल के अनुसार वह अभी भी क्वारंटीन में रहेंगे।

चव्हाण, कैबिनेट के दूसरे सदस्य हैं, जिन्हें कोरोना संक्रमण हुआ। इससे पहले अप्रैल में आवास मंत्री जितेंद्र अव्हाड संक्रमित पाए गए थे।अव्हाड ने क्वारंटीन में समय बिताया और फिर उन्हें एक अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया और उसके बाद भी वह घर पर आइसोलेशन में रहे। मई के आखिर से उन्होंने अपनी मंत्रिस्तरीय जिम्मेदारियों को फिर से संभालना शुरू किया था।

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