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डीटल ने डी1 गोल्ड प्रीमियम फीचर फोन उतारा

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नई दिल्ली, 11 जुलाई (आईएएनएस)| किफायती फोन बनाने वाली कंपनी डीटल ने बुधवार को अपने पहले प्रीमियम कैटेगरी के फीचर फोन डी1 गोल्ड पर से परदा हटाया।

डी1 गोल्ड एक क्रिस्टल कीपैड से लैस है जिसके कारण यह फोन प्रीमियम लुक और अहसास देता है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि डी1 गोल्ड मोबाइल उपभोक्ताओं के उस बढ़ते वर्ग की जरूरतों को पूरा करता है, जो कम कीमत में ही अपने मोबाइल फोन में एडवांस्ड फीचर की चाहत रखते हैं। इसकी कीमत 999 रुपये रखी गई है।

इस फीचर फोन में 2.4 इंच का एलसीडी डिस्प्ले और एलईडी फ्लैश लाइट के साथ डिजिटल डुएल कैमरा लगा हुआ है। इसमें शक्तिशाली 1500 एमएएच की बैटरी है और बैटरी की लाइफ बढ़ाने के लिए डीटल उपभोक्ताओं को मोबाइल में एक पावर सेविंग मोड देती है। बारीकी से डिजाइन किया गया यह फोन विभिन्न भारतीय भाषाओं में सपोर्ट, ऑटो कॉल रिकॉडिर्ंग, कॉल ब्लैकलिस्ट ऑडियो/ वीडियो प्लेयर जैसी कई आकर्षक विशेषताओं से समृद्ध है।

एस.जी. कॉर्पोरेट मोबिलिटी (डीटल की मूल कंपनी) के प्रबंध निदेशक योगेश भाटिया ने कहा, डी1 गोल्ड डिजाइन और परफॉरमेंस के मामले में एक उपयुक्त तालमेल बनाता है। इस नए डिवाइस को आधुनिक युग की जरूरतों और उपभोक्ताओं की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए बड़ी खूबसूरती से डिजाइन किया गया है। सुनहरा रंग विशिष्ट और उच्च वर्ग का प्रतीक है, जिस कारण डी1 गोल्ड का डिजाइन इंटरनेट एक्सेस के साथ-साथ वायरलेस एफएम और पैनिक बटन जैसे फीचर्स की प्रेरणा से तैयार किया है।

डी1 गोल्ड को ऑटोमैटिक डेट और टाइम अपडेट, ब्लूटूथ और एसडी कार्ड के जरिये कॉन्टैक्ट भेजने या शामिल करने जैसी अतिरिक्त विशेषताओं से भी लैस किया गया है। इसके अलावा इस फोन में वाइब्रेटर, टॉर्च, साउंड रिकॉर्डर आदि भी लगे हुए हैं। इसकी फोनबुक में 500 तक कॉन्टैक्ट रखे जा सकते हैं और आप डिवाइस में 200 तक एसएमएस भी सहेज सकते हैं।

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अधिक खाने को प्रेरित करने वाले दिमाग के हिस्से की पहचान

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न्यूयॉर्क, 17 जुलाई (आईएएनएस)| बहुत ज्यादा खाने वाले मोटापाग्रस्त लोगों में हाइपोथैलेमस में दिमाग की कोशिकाओं का एक छोटा समूह खाने को नियंत्रित करने का एक आशाजनक लक्ष्य हो सकता है।

शोधकर्ताओं ने कहा कि ‘ओरेक्जिन’ न्यूरॉन्स को पहले पाया गया है कि वह कोकीन सहित कई मादक पदार्थो की लत के लिए जिम्मेदार है। ओरेक्जिन न्यूरॉन्स को रासायनिक संदेशवाहक के तौर पर नामित करते हैं, जिनका इस्तेमाल दिमाग की दूसरी कोशिकाओं के साथ संचार के लिए होता है।

अमेरिका के न्यूजर्सी विश्वविद्यालय के गैरी एस्टोन-जोंस ने कहा, खाने के विकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण लक्षण जैसे कि नियंत्रण खोने की भावना, यह मादक पदार्थो की लत की प्रेरक प्रवृत्ति से मेल खाती है।

एस्टन-जोंस ने कहा, चूंकि ओरेक्जिन तंत्र मादक पदार्थ की लत की तरफ इशारा करता है, हमने बार-बार खाने के कारण होने वाले बदलाव को समझने के लिए इसे लक्षित किया।

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